“साठोत्तरी हिंदी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याएँ” has been added to your cart.
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय, प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के शलाका पुरुष थे। डॉ. मीता शर्मा की यह कृति अज्ञेय के काव्य पर जीवन-सत्य, जीवन मूल्य और दर्शन की दृष्टि से विचार करने वाली एक गंभीर, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक पुस्तक है। यह भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक चिन्तन, तथा आधुनिक काव्यान्दोलनों का अज्ञेय के काव्य पर प्रभाव का प्रमाण-सम्मत प्रतिपादन करती है।
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₹900.00 Original price was: ₹900.00.₹810.00Current price is: ₹810.00.
Media Evam Soochana Prodyogiki Kosh हिंदी में मीडिया एवं सूचना प्रौद्योगिकी विषयक यह प्रथम विस्तृत, शोधपूर्ण, विवेचनात्मक एवं प्रामाणिक कोश है। प्रोफेसर रमेश जैन और डॉ. कैलाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति सूचना प्रौद्योगिकी, संचार एवं उपग्रह, दूरसंचार एवं कंप्यूटर, इंटरनेट, वेब जर्नलिज्म, मल्टीमीडिया, और प्रिंट-इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विभिन्न शब्दों की विस्तृत व्याख्या सहित जानकारी प्रदान करती है, जो शिक्षार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Paristhitiki Evam Paryavaran ‘पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण’ हरिश्चंद्र व्यास द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है जो पारिस्थितिक-संतुलन और शुद्ध पर्यावरण के महत्व को उजागर करती है। यह विभिन्न प्रदूषणों का प्रामाणिक आधार पर विवरण प्रस्तुत करती है, उनके कारणों, परिणामों और निवारणों के साथ-साथ पारिस्थितिक-संतुलन स्थापित करने के लिए सृजनात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव देती है, जो पर्यावरण संचेतना की दिशा में एक अनूठी कृति है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Bhartrihari ki Amar Rachna नीति, वैराग्य और श्रृंगार-शतकों के प्रणेता महाराजा भर्तृहरि की अमर रचनाओं का डॉ. पी.डी. शर्मा द्वारा अंग्रेजी में सरस अनुवाद। यह कृति भर्तृहरि के व्यापक अनुभव संसार और उनकी वाणी के मुख्य भाव वैराग्य को दर्शाती है, जो तीनों शतकों में व्यक्त भावशवलता, अभिव्यक्ति की भास्वरता और भाषा की सहजता के कारण विश्व की अनेक भाषाओं में अनूदित हुए हैं।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।
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₹600.00 Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Vyavsayik Sangathan इस युग में विज्ञान और टेक्नोलॉजी के अप्रत्याशित विकास के फलस्वरूप व्यावसायिक संगठन में अनेक जटिलताएँ आ गई हैं। डॉ. पी.पी. भार्गव की यह पुस्तक उत्पादन की जटिलताओं, राजकीय हस्तक्षेप, विकेन्द्रित व्यवस्था, और प्रतियोगी संस्थाओं का ज्ञान जैसे सभी पहलुओं पर सरल, रोचक और धाराप्रवाह भाषा में विस्तृत विवेचना करती है, जो एक योग्य आर्थिक भविष्य दृष्टा के लिए अनिवार्य है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Bharatiya Kanthabharan Chitrankan Parampara भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में भावनाओं से ओत-प्रोत लोकप्रिय आभूषण कण्ठाभरण के अध्ययन की उपयोगिता निर्विवाद है। डॉ. शिवा धमेजा की यह पुस्तक प्राचीन भारत की शिल्पराशि और साहित्यिक संपदा के समीक्षात्मक अनुशीलन द्वारा कण्ठाभरणों के विविध स्वरूपों को सामाजिक, आर्थिक व धार्मिक पृष्ठभूमि के परिप्रेक्ष्य में वर्णित करती है। यह कृति कण्ठाभरणों के कलात्मक और सामाजिक महत्व को उजागर करती है।
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₹100.00 Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
SevaSadan प्रेमचंद का उपन्यास ‘सेवासदन’ भारतीय समाज में महिलाओं की दयनीय स्थिति, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण करता है। यह कृति एक युवा महिला के संघर्षों और सामाजिक दबावों को दर्शाती है, जो उसे एक वेश्यालय में ले जाते हैं, लेकिन अंततः वह समाज सेवा के माध्यम से मुक्ति पाती है। यह उपन्यास सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों की स्थापना का सशक्त संदेश देता है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Shararik Avam Mansik Swasthya प्रत्येक व्यक्ति की कामना स्वस्थ व सुखद जीवन व्यतीत करने की रहती है। ब्रह्मदत्त शर्मा की यह पुस्तक शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर केंद्रित है, जिसमें संतुलित आहार, शारीरिक श्रम, और मानसिक तनाव से दूर रहने के उपायों का विस्तार से विवेचन किया गया है। यह कृति बताती है कि तन और मन दोनों की स्वस्थता से ही व्यक्ति व्याधियों से दूर रह सकता है और आनंदमय जीवन जी सकता है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Mile Sur Mera Tumhara मनमोहन सहगल का उपन्यास ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ आँचलिकता की गंध में लिपटी वर्तमान समाज की संकीर्णताओं का यथार्थ दस्तावेज है। यह पंजाब में प्रवासी मजदूरों के आयात, नशे की लत, कन्या भ्रूण हत्या, और आतंकी साया जैसे ज्वलंत मुद्दों को उजागर करता है, साथ ही पंजाबियों की उदारता, परिश्रम, सम-भाव, और संबंधों की मिठास को दर्शाते हुए ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा, सुर बने हमारा’ का विराट संदेश देता है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Rajasthan ke Rajwadon ka Sanskritik Vaibhav ‘राजस्थान के रजवाड़ों का सांस्कृतिक वैभव’ यहाँ के राजपूत राजपरिवारों के सांस्कृतिक आदर्शों, विशिष्ट जीवन-मूल्यों, और गौरवशाली परंपराओं पर एक मौलिक और शोधपूर्ण अध्ययन है। राघवेन्द्र सिंह मनोहर की यह कृति धर्म और संस्कृति की रक्षा में क्षत्रिय नरेशों के प्रशंसनीय भूमिका को सुंदर और प्रभावशाली ढंग से उजागर करती है, जहाँ वीरता, त्याग और बलिदान का अद्भुत समन्वय हुआ है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Dhalati Ayu Mein Sukhmay Jivan ढलती आयु में सुखमय जीवन जीने के लिए आवश्यक ज्ञान पर केंद्रित यह पुस्तक, ब्रह्मदत्त जोशी द्वारा प्रस्तुत की गई है। यह वृद्धावस्था की चुनौतियों, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल, और जीवन के इस पड़ाव को आनंदमय बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव प्रदान करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Bhishm Sahani ka Katha Sahitya प्रेमचन्द की परंपरा को समग्रता में आगे बढ़ाने वाले कथाकारों में भीष्म साहनी का नाम अग्रणी है। डॉ. चंद्रप्रकाश महर्षि की यह कृति भीष्म साहनी के कथा-साहित्य का गहनता से अवगाहन करती है, जो उनके लेखन की सहजता, सरलता और रचनात्मक बहुआयामीपन को उजागर करती है। यह पुस्तक भीष्म साहनी की रचना-प्रक्रिया के अंतःसूत्रों को विश्लेषित करती है और हमारे समय व समाज को समझने में सहायक है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh साहित्य के विशाल और गहन समुद्र में ज्योति और मोती खोजने का काम आलोचक करता है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह कृति उनकी गहरी पारखी-दृष्टि, संवेदनशीलता और शास्त्रज्ञान की गरिमा का परिचय देती है। यह कबीर के काव्य के दार्शनिक पक्ष, बच्चन के काव्य में मस्ती, और समकालीन युवा आक्रोश की अनुगूँजों सहित साहित्य के विस्तृत फलक का वैविध्यपूर्ण मानचित्र प्रस्तुत करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Satyapath यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ का उपन्यास ‘सत्यपथ’ उनके पूर्ववर्ती उपन्यासों का आदर्शमूलक विस्तार है, जिसमें स्वतंत्र भारत के जीवन में आए बहुआयामी परिवर्तनों का विशद् रेखांकन किया गया है। उपन्यास का नायक गंगेश नये भारत के निर्माण के आधार सूत्रों का कर्णधार है, जो सर्वत्र सत्य का पक्ष लेता है और अपनी रोचक शैली से पाठक के मन में आदर्शों के प्रति गहरी आसक्ति उत्पन्न करता है।
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Nepathya Ke Davedar विधिक शास्त्र से सामान्य चिकित्सा शास्त्र के अनेक असामान्य जटिल प्रश्न चिह्न खड़े करती यह पुस्तक, डॉ. श्रीगोपाल काबरा द्वारा प्रस्तुत है। यह सत्य घटनाओं पर आधारित है और जनसाधारण को केस स्टडी के आधार पर चिकित्सा शास्त्र तथा विधिक शास्त्र के संदर्भ में एक चिकित्सक की मानसिकता को समझने का प्रयास है, जो दोनों विषयों के अध्ययन द्वारा शिक्षित होने की दृष्टि से ज्ञानवर्धक है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Ghar Apana-Apana शशिभूषण सिंघल का उपन्यास ‘घर अपना-अपना’ भारतीय घरों की पहचान और उनकी पारिवारिकता को दर्शाता है, जो टूट-फूट के बाद भी बनी हुई है। यह कृति गिरीश बाबू के बेटे राजीव के ऑस्ट्रेलिया जाने, बेटी सुलक्षणा के आत्मनिर्भर बनने, और अशोक के माता-पिता के साथ रहने जैसे विविध पारिवारिक रूपों को रोचक शैली में प्रस्तुत करती है, जहाँ बिखरे-सँवरते घरों की कशमकश में आदमी से आदमी के जुड़ने का संदेश है।