पंचशील प्रकाशन

  • Sale! Gramin evam Nagariya Samajshastra

    ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र

    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    Gramin evam Nagariya Samajshastra ‘ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र’ ग्रामीण एवं नगरीय समाजों से संबंधित यू.जी.सी. द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम के लगभग सभी महत्वपूर्ण विषयों की विवेचना करती है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक ग्रामीण और नगरीय समाजों के विशिष्ट लक्षणों—जाति, परिवार, व्यवसाय, औद्योगिकी—का वर्णन करती है, जो विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों, प्रतियोगियों, और योजनाकारों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Bal Apradh

    बाल अपराध

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Bal Apradh बालक देश का भावी कर्णधार है, परन्तु बाल अपराध एक विकट और गंभीर समस्या बनी हुई है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक बाल अपराध के कारणों, परिणामों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहन प्रकाश डालती है। यह बालकों की परवरिश और शिक्षा-दीक्षा पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता को रेखांकित करती है, जो समाज सुधारकों और गृहिणियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।

  • Sale! Alankar Parijat

    अलंकार पारिजात

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।

  • Sale! Samay Kabhi Thamta Nahi

    समय कभी थमता नहीं

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।

  • Sale! Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg

    कमलेश्वर के कथा-साहित्य में मध्यवर्ग

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।

  • Sale! Hindi Kavyashastra

    हिंदी काव्यशास्त्र

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Hindi Kavyashastra कविता के स्थापत्य के विविध रूपों को समझने के लिए, ‘हिन्दी काव्यशास्त्र’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। रामदेव साहू की यह कृति रस, छंद, अलंकार, काव्य-दोष, काव्यगुण, काव्य रीति, और शब्द शक्ति जैसे काव्य अवयवों का सरल भाषा में विवेचन करती है, जो साहित्य के विद्यार्थियों और सामान्य पाठकों को काव्यास्वादन करने में मदद करती है।

  • Sale! Bhasha Vigyan

    भाषा विज्ञान

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Bhasha Vigyan हिन्दी शिक्षण की त्रासदी को दूर करते हुए, डॉ. रमेश रावत की यह पुस्तक भाषा-विज्ञान को सरलता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। यह विषय की उपादेयता को समझाने और विद्यार्थियों में रुचि जगाने पर बल देती है, जिससे वे भाषा-विज्ञान की बारीकियों को समझने में गहरी रुचि ले सकें और हिन्दी में एक अभाव की पूर्ति हो सके।

  • Sale! Bharat Mein Vittiya Prabandh

    भारत में वित्तीय प्रबंध

    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    Bharat Mein Vittiya Prabandh ‘भारत में वित्तीय प्रबन्ध’ वाणिज्य एवं प्रबन्ध के विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत उपयोगी पुस्तक है। प्रो. एम.डी. अग्रवाल द्वारा लिखित यह कृति भारत में उपलब्ध व्यावसायिक वित्त के समस्त साधनों, विकास बैंकों, वित्तीय नियोजन, पूंजी संरचना, कार्यशील पूंजी, और पूंजी बजटन जैसे विभिन्न पहलुओं को उदाहरणों और तालिकाओं द्वारा स्पष्ट करती है।

  • Sale! Sahriya Janjati : Sahitya Evam Sanskriti

    सहरिया जनजाति : साहित्य एवं संस्कृति

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Sahriya Janjati : Sahitya Evam Sanskriti वर्तमान में समाज के सभी वर्गों की जीवन पद्धति में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, किन्तु सहरिया जनजाति आज भी अपनी परम्परागत दयनीय जीवन जी रही है। डॉ. रश्मि श्रीवास्तव की यह साहसपूर्ण कृति सहरियाओं के लोक साहित्य, संस्कृति और कलापरक पक्षों का अध्ययन प्रस्तुत करती है, जो इस अल्पज्ञात जनजाति के जीवन की बहुआयामी झांकी दिखाती है।

  • Sale! Hindi Sahitya Ka Itihas

    हिंदी साहित्य का इतिहास

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Hindi Sahitya Ka Itihas हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की परम्परा को वैज्ञानिक और सारस्वत आधार देने का श्रेय आचार्य रामचन्द्र शुक्ल को है। डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति हिन्दी साहित्य के आदिकाल से रीतिकाल तक का समग्र और व्यवस्थित परिचय देती है, जो हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले युवाओं और अन्य जिज्ञासुओं की जिज्ञासाओं का शमन करेगी।

  • Sale! Antharashtriya Vitta Evam Vyapar

    अन्तर्राष्ट्रीय वित्त एवं व्यापार

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    Antharashtriya Vitta Evam Vyapar आधुनिक युग में तीव्र विश्व अन्तर्निर्भरता के कारण ‘अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार’ का महत्व बहुत अधिक बढ़ गया है। डॉ. रीता माथुर की यह पुस्तक अन्तर्राष्ट्रीय वित्त की महत्वपूर्ण समस्याओं, व्यापार के सिद्धांतों, आयात-निर्यात के वित्त, और विदेशी विनिमय जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जानकारी प्रस्तुत करती है, जो छात्रों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Sanjh Ho Gayi

    सांझ हो गई

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।

  • Sale! Aao Laut Chale

    आओ लौट चलें

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Aao Laut Chale तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘आओ लौट चले’ प्रवाह के विरुद्ध तैरने का साहसिक प्रयास है, जिसका केंद्रीय स्वर जीवन की भव्यता और उदात्तता से जुड़ा है। यह कृति समर्पित अध्यापक, निष्ठावान पत्रकार, प्रतिबद्ध समाज सेवक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर जैसे पात्रों के माध्यम से मरुभूमि में ऑयसिस-सी शीतलता की अनुभूति कराती है, जो सर्वथा काल्पनिक नहीं हैं।

  • Sale! Gharelu Budget Evam Sansadhan Vyavastha

    घरेलू बजट एवं संसाधन व्यवस्था

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹640.00.

    Gharelu Budget Evam Sansadhan Vyavastha पारिवारिक लक्ष्यों को प्राप्त करने और अधिकतम संतुष्टि के लिए, ‘घरेलू बजट एवं संसाधन व्यवस्था’ एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। डॉ. बृन्दा सिंह की यह पुस्तक समय, शक्ति और धन जैसे संसाधनों को कुशलतापूर्वक योजनाबद्ध ढंग से व्यय करने की विधियों पर प्रकाश डालती है, जिससे अनावश्यक व्यय से बचा जा सके और ऋण के चक्रव्यूह से मुक्ति मिल सके।

  • Sale! Samay Prabandhan Evam Karya Saralikaran

    समय प्रबंध एवं कार्य सरलीकरण

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹640.00.

    Samay Prabandhan Evam Karya Saralikaran “समय किसी का इंतजार नहीं करता” – इस अनमोल तथ्य को उजागर करती यह पुस्तक, डॉ. बृन्दा सिंह द्वारा प्रस्तुत है। यह समय प्रबंधन और कार्य सरलीकरण के गुर सिखाती है, जिससे व्यक्ति कम-से-कम समय में अधिक धनार्जन और विद्यार्जन करके जीवन को सुखमय बना सके। यह गृह विज्ञान की छात्राओं, अध्यापिकाओं, और गृहिणियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

  • Sale! Ek Hansi Kee Umer

    एक हंसी की उम्र

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Ek Hansi Kee Umer डॉ. लक्ष्मी शर्मा की कहानियाँ विचित्र मानसिक संघर्षों से जूझते पात्रों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करती हैं। ‘एक हंसी की उम्र’ संग्रह की रचनाएँ कथाकारों, समीक्षकों और पाठकों का ध्यान आकृष्ट करती हैं, जो मानवीय आवेश से पाठक को मुक्त नहीं होने देतीं। यह संग्रह डॉ. लक्ष्मी शर्मा को हिन्दी के कहानीकारों की अग्रिम पंक्ति में विशिष्ट पहचान देगा।

  • Sale! Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam

    आधुनिक हिंदी कविता के वैचारिक एवं शिल्पगत आयाम

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Adhunik Hindi Kavita Ke Vaicharik Evam Shilpagat Ayam आधुनिक हिंदी कविता के वैचारिक और शिल्पगत आयामों का विश्लेषण करती यह कृति, डॉ. अनुराधा गर्ग द्वारा प्रस्तुत है। भारतेन्दु युग से लेकर आज तक की कविता पर सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों के प्रभावों का गहन अध्ययन, जिसमें डार्विन, मार्क्स, सार्न जैसे विचारकों की मान्यताओं और मिथक, फैंटेसी, बिम्ब, प्रतीक जैसे शैल्पिक उपादानों के उपयोग का विवेचन किया गया है।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Digvijay Bhag-3

    चंद्रगुप्त विक्रमादित्य - दिग्विजय भाग-3

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘दिग्विजय’ नामक तीसरे खंड में उनके संपूर्ण जीवन, संघर्षों और आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हलचलों को महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जो पाठक को रमाये रखती है।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Abhishek Bhag-2

    चंद्रगुप्त विक्रमादित्य - अभिषेक भाग-2

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और ज्ञान-कला की दृष्टि से स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘अभिषेक’ नामक दूसरे खंड में उनके पराक्रम कौशल, उदात्त स्वभाव और संवेदनशील व्यवहार से अर्जित आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के इस काल-खंड को जीवंत करती है, जिससे पाठक भारत के बहुरंगी अतीत का अनुभव कर सकें।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Chandrodai Bhag-1

    चंद्रगुप्त विक्रमादित्य - चंद्रोदय भाग-1

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Chandrodai Bhag-1 प्राचीन भारत के इतिहास में गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह वृहद ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के चरित्र के विविध पक्षों का उद्घाटन करता है। ‘चंद्रोदय’ नामक यह प्रथम खंड भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हलचलों को रचनात्मक दृष्टि से चित्रित करता है, जो पाठक को भारत के अतीत की चित्रवीथि में प्रवेश कराता है।

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