साहित्य और कथा साहित्य

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  • Sale! Seedhiyeon par Sapne

    सीढ़ियों पर सपने

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Seedhiyeon par Sapne डॉ. अजय अनुरागी का संग्रह ‘सीढ़ियों पर सपने’ जीवन की आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों पर आधारित कहानियों का एक अनूठा संकलन है। यह कृति मानवीय भावनाओं की गहराई में उतरकर, सपनों को साकार करने के लिए अथक प्रयासों और उनके रास्ते में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है, जो पाठकों को प्रेरित करती है।

  • Sale! Wrong Number

    रॉंग नंबर

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Wrong Number डॉ. अजय अनुरागी का उपन्यास ‘रॉंग नंबर’ अपनी विशिष्ट शैली और कथ्य के साथ पाठकों को एक नए अनुभव से रूबरू कराता है। यह कृति आधुनिक समाज की जटिलताओं, मानवीय संबंधों के उलझाव, और जीवन के अप्रत्याशित मोड़ों को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को सोचने पर विवश करेगी।

  • Sale! Hamara Samay Sarokar aur Chintayein

    हमारा समय सरोकार और चिंताएँ

    Original price was: ₹450.00.Current price is: ₹405.00.

    Hamara Samay Sarokar aur Chintayein हेतु भारद्वाज ऐसे रचनाकार हैं जो अपने समय के सवालों से जूझते हैं। ‘हमारा समय सरोकार और चिंताएँ’ नामक यह पुस्तक स्त्री की अस्मिता, पुरुष की पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और राजनीति में अमर्यादित भाषा के प्रयोग जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से विचार करती है। यह कृति पाठक को बहस के लिए आमंत्रित करती है, उन्हें झकझोरती है और सोचने पर विवश करती है, जिसमें सही कहने की क्षमता का भी आभास होता है।

  • Sale! Bade Aadmi

    बड़े आदमी

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।

  • Sale! Farji Se Paida Bhayo

    फर्जी से पैदा भयो

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।

  • Sale! Ekla Chalo Re

    एकला चलो रे

    Original price was: ₹150.00.Current price is: ₹135.00.

    Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।

  • Sale! Bhartrihari ki Amar Rachna

    भर्तृहरि की अमर रचना

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Bhartrihari ki Amar Rachna नीति, वैराग्य और श्रृंगार-शतकों के प्रणेता महाराजा भर्तृहरि की अमर रचनाओं का डॉ. पी.डी. शर्मा द्वारा अंग्रेजी में सरस अनुवाद। यह कृति भर्तृहरि के व्यापक अनुभव संसार और उनकी वाणी के मुख्य भाव वैराग्य को दर्शाती है, जो तीनों शतकों में व्यक्त भावशवलता, अभिव्यक्ति की भास्वरता और भाषा की सहजता के कारण विश्व की अनेक भाषाओं में अनूदित हुए हैं।

  • Sale! Afsar Ki Gaay

    अफ़सर की गाय

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।

  • Sale! SevaSadan

    सेवासदन

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹80.00.

    SevaSadan प्रेमचंद का उपन्यास ‘सेवासदन’ भारतीय समाज में महिलाओं की दयनीय स्थिति, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण करता है। यह कृति एक युवा महिला के संघर्षों और सामाजिक दबावों को दर्शाती है, जो उसे एक वेश्यालय में ले जाते हैं, लेकिन अंततः वह समाज सेवा के माध्यम से मुक्ति पाती है। यह उपन्यास सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों की स्थापना का सशक्त संदेश देता है।

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  • Sale! Mile Sur Mera Tumhara

    मिले सुर मेरा तुम्हारा

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Mile Sur Mera Tumhara मनमोहन सहगल का उपन्यास ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ आँचलिकता की गंध में लिपटी वर्तमान समाज की संकीर्णताओं का यथार्थ दस्तावेज है। यह पंजाब में प्रवासी मजदूरों के आयात, नशे की लत, कन्या भ्रूण हत्या, और आतंकी साया जैसे ज्वलंत मुद्दों को उजागर करता है, साथ ही पंजाबियों की उदारता, परिश्रम, सम-भाव, और संबंधों की मिठास को दर्शाते हुए ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा, सुर बने हमारा’ का विराट संदेश देता है।

  • Sale! Netaji ka Mundan

    नेताजी का मुंडन

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Netaji ka Mundan प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा का व्यंग्य संग्रह ‘नेताजी का मुंडन’ देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्याप्त आपाधापी, घोटाले और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करता है। यह कृति विसंगतियों को अंदर तक उघाड़कर उनकी चीर-फाड़ करती है, हमें कहीं गुदगुदाती है, कहीं हँसाती है, कहीं रुलाती है और कहीं विसंगतियों के विरुद्ध संघर्ष करने का आह्वान करती है।

  • Sale! Satyapath

    सत्यपथ

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Satyapath यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ का उपन्यास ‘सत्यपथ’ उनके पूर्ववर्ती उपन्यासों का आदर्शमूलक विस्तार है, जिसमें स्वतंत्र भारत के जीवन में आए बहुआयामी परिवर्तनों का विशद् रेखांकन किया गया है। उपन्यास का नायक गंगेश नये भारत के निर्माण के आधार सूत्रों का कर्णधार है, जो सर्वत्र सत्य का पक्ष लेता है और अपनी रोचक शैली से पाठक के मन में आदर्शों के प्रति गहरी आसक्ति उत्पन्न करता है।

  • Sale! Nepathya Ke Davedar

    नेपथ्य के दवेदार

    Original price was: ₹150.00.Current price is: ₹135.00.

    Nepathya Ke Davedar विधिक शास्त्र से सामान्य चिकित्सा शास्त्र के अनेक असामान्य जटिल प्रश्न चिह्न खड़े करती यह पुस्तक, डॉ. श्रीगोपाल काबरा द्वारा प्रस्तुत है। यह सत्य घटनाओं पर आधारित है और जनसाधारण को केस स्टडी के आधार पर चिकित्सा शास्त्र तथा विधिक शास्त्र के संदर्भ में एक चिकित्सक की मानसिकता को समझने का प्रयास है, जो दोनों विषयों के अध्ययन द्वारा शिक्षित होने की दृष्टि से ज्ञानवर्धक है।

  • Sale! Ghar Apana-Apana

    घर अपना-अपना

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Ghar Apana-Apana शशिभूषण सिंघल का उपन्यास ‘घर अपना-अपना’ भारतीय घरों की पहचान और उनकी पारिवारिकता को दर्शाता है, जो टूट-फूट के बाद भी बनी हुई है। यह कृति गिरीश बाबू के बेटे राजीव के ऑस्ट्रेलिया जाने, बेटी सुलक्षणा के आत्मनिर्भर बनने, और अशोक के माता-पिता के साथ रहने जैसे विविध पारिवारिक रूपों को रोचक शैली में प्रस्तुत करती है, जहाँ बिखरे-सँवरते घरों की कशमकश में आदमी से आदमी के जुड़ने का संदेश है।

  • Sale! Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya

    खुला बाजार उर्फ झुमरी तलैया

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya ‘खुला बाज़ार उर्फ़ झुमरी तिलैया’ अशोक प्रियदर्शी का एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार करती चलती है। यह संग्रह कहानी या ललित निबंध का आस्वाद देते हुए, विषय-वैविध्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और लेखक की भाषा का अपना अंदाज़ इसे अन्य व्यंग्य-लेखकों से अलग पहचान देता है, जो पाठक को विद्रूपता से परिचित कराता है।

  • Sale! Subah Ki Pahli Kiran

    सुबह की पहली किरण

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Subah Ki Pahli Kiran हीरा साधक की कहानियाँ हिन्दी पाठकों का नई अनुभूतियों और भावनाओं से परिचय कराएँगी। ‘सुबह की पहली किरण’ संग्रह की कहानियाँ ‘डेवलपमेंटल लिटरेचर’ के दायरे में आती हैं, जहाँ विकास और व्यापार जगत की गतिविधियाँ या लोकाचार विषय बनाए गए हैं। यह कृति शोषण, हताशा, और मध्यमवर्गीय समाज की पहचान को उजागर करती है, जिसका अनुवाद मंजुश्री साधक ने सरस हिंदी में किया है।

  • Sale! Samay Kabhi Thamta Nahi

    समय कभी थमता नहीं

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।

  • Sale! Sanjh Ho Gayi

    सांझ हो गई

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।

  • Sale! Aao Laut Chale

    आओ लौट चलें

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Aao Laut Chale तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘आओ लौट चले’ प्रवाह के विरुद्ध तैरने का साहसिक प्रयास है, जिसका केंद्रीय स्वर जीवन की भव्यता और उदात्तता से जुड़ा है। यह कृति समर्पित अध्यापक, निष्ठावान पत्रकार, प्रतिबद्ध समाज सेवक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर जैसे पात्रों के माध्यम से मरुभूमि में ऑयसिस-सी शीतलता की अनुभूति कराती है, जो सर्वथा काल्पनिक नहीं हैं।

  • Sale! Ek Hansi Kee Umer

    एक हंसी की उम्र

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Ek Hansi Kee Umer डॉ. लक्ष्मी शर्मा की कहानियाँ विचित्र मानसिक संघर्षों से जूझते पात्रों को पूरी विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करती हैं। ‘एक हंसी की उम्र’ संग्रह की रचनाएँ कथाकारों, समीक्षकों और पाठकों का ध्यान आकृष्ट करती हैं, जो मानवीय आवेश से पाठक को मुक्त नहीं होने देतीं। यह संग्रह डॉ. लक्ष्मी शर्मा को हिन्दी के कहानीकारों की अग्रिम पंक्ति में विशिष्ट पहचान देगा।

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