₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
बाअदब बेमुलाहजा’ की व्यंग्य रचनाएँ शिष्टतापूर्ण हैं सो बाअदब, बेलौस हैं सो बेमुलाहजा। सच कहें तो इस शीर्षक में व्यंग्य का स्वरूप ही विद्यमान है। यहाँ व्यग्य किसी को नहीं बख्शता, साथ ही यों ही खींचतानकर भी वह उपस्थित होता। रचनाओं में व्यापक वर्तमान युग परिलक्षित है, तथापि फिंक जाने वाला सामयिक व्यंग्य यहाँ नहीं…
₹175.00Original price was: ₹175.00.₹140.00Current price is: ₹140.00.
“जंगल में दंगल” उपन्यास अपने पर्यावरण के विभिन्न घटकों को जानने एवं समझने की दृष्टि से रोचक शैली में लिखा गया है।
छोटी आयु वर्ग के बच्चों के मनोविज्ञान को ध्यान में रखकर इस उपन्यास की रचना की गयी है।
जंगल में छोटे-बड़े का भेदभाव दूर करते हुए सामूहिक आनन्दोत्सव में सहभागी बनते पात्रों से जीवंत दृश्यों की उपस्थिति इस कथा की खूबी है।
जंगली जीव-जन्तु केवल डर के प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे हमारे दोस्त भी होते हैं। उनके सुख- दुख में शामिल होना हमारा मानवीय कर्त्तव्य भी है। उपन्यास से इस बात की पुष्टि होती है।
यह उपन्यास प्रेम, सद्भाव, सहयोग एवं सामाजिकता के परस्पर सम्बन्धों को उजागर करता है तथा बच्चों में साहस, शौर्य और शक्ति का समावेश करता है।
जंगली पात्रों पर आधारित यह कथा बच्चों के लिए रुचिकर है। इसे पढ़ना प्रकृति से जुड़ने के लिए जरूरी है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
कुछ विचार मुंशी प्रेमचंद के सामाजिक, साहित्यिक और नैतिक चिंतन का सशक्त संग्रह है। इसमें समाज, राजनीति, साहित्य और मानवीय मूल्यों पर लेखक की स्पष्ट, निर्भीक और यथार्थवादी दृष्टि प्रस्तुत होती है।
₹80.00Original price was: ₹80.00.₹64.00Current price is: ₹64.00.
निर्मला मुंशी प्रेमचंद का एक सशक्त सामाजिक उपन्यास है, जो दहेज प्रथा, बेमेल विवाह और नारी जीवन की पीड़ा को यथार्थ रूप में प्रस्तुत करता है। यह उपन्यास स्त्री की सामाजिक स्थिति और मानसिक संघर्ष को गहराई से उजागर करता है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
कर्मभूमि मुंशी प्रेमचंद का एक विचारप्रधान सामाजिक-राजनीतिक उपन्यास है। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय की सामाजिक असमानता, जाति-भेद, नारी-स्थिति और नैतिक संघर्षों को यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह उपन्यास कर्म, त्याग और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश देता है।
View details
This product has multiple variants. The options may be chosen on the product page
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
अंतिम खंड में प्रेमचंद के अनुभवों और विचारों की परिपक्व अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। यथार्थ, दर्शन और मानवीय संवेदना से भरपूर ये कहानियाँ प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान को पूर्णता प्रदान करती हैं।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
इस भाग में तीव्र सामाजिक चेतना से युक्त कहानियाँ संकलित हैं, जो पाखंड, अन्याय और नैतिक पतन पर प्रहार करती हैं। ये कहानियाँ आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक और प्रभावशाली हैं।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
इस खंड की कहानियाँ सामाजिक सुधार, शिक्षा और बदलते सामाजिक मूल्यों पर केंद्रित हैं। इसमें स्वतंत्रता-पूर्व भारत की सामाजिक परिस्थितियों और परिवर्तनशील सोच का सजीव चित्रण मिलता है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
इस भाग में किसान जीवन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शोषण और संघर्ष को प्रमुखता दी गई है। प्रेमचंद की कहानियाँ समाज के दबे-कुचले वर्ग की पीड़ा को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती हैं और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करती हैं।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
इस खंड की कहानियाँ मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अधिक सशक्त हैं। पात्रों के अंतर्द्वंद्व, नैतिक संघर्ष और मानवीय दुर्बलताओं का सूक्ष्म चित्रण इस भाग को विशेष बनाता है। यह प्रेमचंद की साहित्यिक परिपक्वता को दर्शाता है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
इस भाग में सामाजिक विषमता, जाति-भेद और परंपरा बनाम सुधार के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। कहानियाँ समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करती हैं और प्रेमचंद की सामाजिक चेतना को स्पष्ट रूप से सामने लाती हैं।