“हिंदी निबन्ध: उद्भव और विकास” has been added to your cart.
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₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
पाश्चात्य काव्यशास्त्र : परम्परा और सिद्धान्त पाश्चात्य साहित्यिक चिंतन की परम्परा और प्रमुख सिद्धान्तों का सरल एवं सुव्यवस्थित परिचय प्रस्तुत करती है। प्लेटो से लेकर आधुनिक आलोचकों तक के विचारों को ऐतिहासिक क्रम में समझाते हुए यह पुस्तक काव्य, कला और साहित्य की विभिन्न धाराओं को स्पष्ट करती है। विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए यह एक उपयोगी और विश्वसनीय मार्गदर्शिका है।
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₹125.00 Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
अनुक्रम हिन्दी भाषा तथा हिन्दी का विकास हिन्दी की उपभाषाएँ तथा बोलियाँ हिन्दी की ध्वनियाँ और उनका विकास हिन्दी शब्द समूह तथा शब्द रचना हिन्दी में वाक्य रचना हिन्दी का अर्थ विज्ञान देवनागरी लिपि : स्वरूप तथा विकास राष्ट्रभाषा हिन्दी का मानकीकरण भारतीय संविधान और हिन्दी हिन्दी : अन्तर्राष्ट्रीय सन्दर्भ संचार माध्यम और हिन्दी
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₹125.00 Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
विश्वविद्यालय की स्थापना जिन कार्यों के निष्पादन के लिए होती है, उनमें शोध कार्य कराना उसका सबसे महत्त्पूर्ण कार्य होता है। शोध का मूल अर्थ है-ज्ञान के उस अनुषंग को प्रकाश में लाना जिसके विषय में हम अभी तक अभिज्ञ हैं। संसार का सारा वैज्ञानिक तथा ज्ञानात्मक विकास मनुष्य के शोध कार्यों का ही परिणाम है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अपने-अपने विषय में शोध कराते हैं। इस तरह वे अपने क्षेत्र की ज्ञान सम्पदा को प्रकाश में लाते हैं और इस दिशा में आगे की पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
शोध एक वैज्ञानिक और वैधानिक प्रक्रिया है जो सतत् साधना, योजनाबद्ध कार्य तथा एक सुनिश्चित विधान की अपेक्षा रखती है। हिन्दी में शोध कार्य का इतिहास बहुत पुराना नहीं है तथा देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के हिन्दी तथा भाषा विभागों में लम्बे अरसे से शोध कार्य हो रहे हैं।
शोध कार्यों की परम्परा-समृद्धि के साथ-साथ हिन्दी में शोध-प्रविधि पर सैद्धान्तिक ग्रन्थों का प्रणयन भी होता रहा है। विकास की इस प्रक्रिया में शोध का शास्त्र ही विकसित हो गया है। डॉ. मनमोहन सहगल की प्रस्तुत कृति हिन्दी में शोध-तंत्र के सैद्धान्तिक और व्यावहारिक पक्षों का गम्भीर और विशद् आख्यान करती है। पुस्तक के सैद्धान्तिक विवेचन में विद्वान लेखक ने शोध की परिभाषा, शोध के प्रकार, पाठ-शोध विधि, शोध की पद्धतियाँ आदि का विस्तृत विवेचन किया है तो द्वितीय खण्ड में शोध के व्यावहारिक पक्षों का सम्यक् उद्घाटन किया गया है। शोध-शास्त्र को समझने तथा शोधकर्ताओं के लिए यह एक अपरिहार्य पुस्तक है।
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₹100.00 Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
रीतिकालीन मुक्त काव्य धारा के अग्रणी कवि घनानंद का रीतिकाल के कवियों में विशिष्ट स्थान है, क्योंकि घनानंद के काव्य में हृदय की कोमल भावनाओं और प्रेम की पीर की सहज और मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है। उनके कवित्तों को पढ़कर लगता है कि घनानंद ने अपने हृदय की घनीभूत पीड़ा को अपने कवित्तों में उंडेल दिया है। कृष्ण भक्त कवि घनानंद मूलतः प्रेम के कवि हैं और प्रेम में भी विप्रलम्भ की हृदयस्पर्शी व्यंजनाओं के क्षेत्र में वे अप्रतिम हैं। मन की गहराई से निकली घनानंद की कविता में ब्रजभाषा का जो स्वाभाविक और परिष्कृत रूप प्रवाहित हुआ है, वह उन्हें काव्य के क्षेत्र में सबसे अलग पहचान देता है। घनानंद के कवि व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले कवित्तों में गहरी वेदना, तीक्ष्ण उपालम्भ तथा प्रेम-विवशताजन्य असहायता के जैसे चित्र उकेरे गये हैं, वे अन्यत्र नहीं मिलते।
प्रस्तुत कृति में लेखक ने आचार्य विश्वनाथ मिश्र द्वारा सम्पादित ‘घनानंद कवित्त’ के प्रथम सौ कवित्तों का भाष्य तथा घनानंद की काव्यगत विशेषताओं का विस्तृत आकलन किया है। यह कृति घनानंद के पाठकों की घनानंद काव्य-विषयक जिज्ञासाओं का सम्यक् समाधान करेगी।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
हिंदी व्याकरण के नियमों और सिद्धांतों का सरल एवं सुबोध प्रस्तुतीकरण। यह पुस्तक भाषा, वर्ण, शब्द, पद, वाक्य विचार और विराम चिह्नों का विश्लेषण करती है, जो स्नातक स्तर और प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
हिंदी व्यंग्य की लंबी यात्रा, उसके विभिन्न रूप-आकारों और बदलते प्रतिमानों का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक हास्य-व्यंग्य की भिन्नता, व्यंग्यकार की प्रतिबद्धता और व्यंग्य की शाश्वतता जैसे प्रश्नों की छानबीन करती है, जो व्यंग्यकारों और समीक्षकों के लिए उपयोगी है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
हिंदी निबंध की जटिल विधा के उद्भव और विकास का सम्यक् रेखांकन। यह पुस्तक निबंध के स्वरूप, भाषिक संयम और रचनात्मक विन्यास की बारीकियों को सरल भाषा में समझाती है, जो विश्वविद्यालयी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
हिंदी उपन्यासों में मूल्यबोध की प्रक्रिया और उसके अंतरंग विश्लेषण। यह पुस्तक उपन्यास की रचना-प्रक्रिया, जीवन मूल्यों के उद्घाटन और स्थापन को गहराई से समझाती है, जो पाठक को मानव जीवन की भावनात्मकता और दिशा का अहसास कराती है।
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₹700.00 Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
भारतेन्दु काल से लेकर वर्तमान तक आधुनिक हिंदी कविता के विकास का समग्र रेखांकन। यह कृति कविता के विभिन्न पड़ावों, वैचारिक मोड़ और शिल्पगत परिवर्तनों का विश्लेषण करती है, छात्रों और साहित्य प्रेमियों के लिए एक पूर्ण मार्गदर्शिका।
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₹550.00 Original price was: ₹550.00.₹495.00Current price is: ₹495.00.
Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Kavitabhar ek Umra कविता आदमी का आदिम राग है, अभिव्यक्ति की सबसे महत्वपूर्ण और सूक्ष्म विधा है। हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक कविता के अनुशासन, रचनाकार के श्रम, और उसके स्थापत्य पर गहन विचार प्रस्तुत करती है। यह कृति बताती है कि कविता किसी जीवन-स्थिति में पाठक को रागात्मक रूप से भागीदार बनाकर उसे किसी जीवन-मूल्य से जोड़ती है, और संवेदना उसका मूल तथा जीवन-मूल्य उसका नतीजा होना चाहिए।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Samwad Prati Samwad हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक ‘संवाद प्रति संवाद’ स्त्री की अस्मिता, पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सवालों पर एक गहरा चिंतन प्रस्तुत करती है। यह कृति एक स्त्री के अनुभवों और विवेक पर विश्वास न करने के समाज के रवैये को उजागर करती है, और दर्शाती है कि कैसे मानसिक बंधनों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता की ओर पहला कदम है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Sant Kavi Kabir : Jeevan aur Srajan संत कवि कबीर: जीवन और सृजन, हरदान हर्ष द्वारा लिखित यह पुस्तक, मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के महान संत कवि कबीर के जीवन और उनके अमर सृजन का गहन अध्ययन प्रस्तुत करती है। यह कबीर के निर्भीक विचारों, सामाजिक समरसता के संदेश, और उनकी साखियों व पदों के माध्यम से उनके दर्शन को उजागर करती है, जो आज भी प्रासंगिक है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Agyea Ka Kavya: Jeevan-Satya Aur Darshan सच्चिदानन्द हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेय, प्रयोगवाद के प्रणेता और नई कविता के शलाका पुरुष थे। डॉ. मीता शर्मा की यह कृति अज्ञेय के काव्य पर जीवन-सत्य, जीवन मूल्य और दर्शन की दृष्टि से विचार करने वाली एक गंभीर, विश्लेषणात्मक और आलोचनात्मक पुस्तक है। यह भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक चिन्तन, तथा आधुनिक काव्यान्दोलनों का अज्ञेय के काव्य पर प्रभाव का प्रमाण-सम्मत प्रतिपादन करती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Bhishm Sahani ka Katha Sahitya प्रेमचन्द की परंपरा को समग्रता में आगे बढ़ाने वाले कथाकारों में भीष्म साहनी का नाम अग्रणी है। डॉ. चंद्रप्रकाश महर्षि की यह कृति भीष्म साहनी के कथा-साहित्य का गहनता से अवगाहन करती है, जो उनके लेखन की सहजता, सरलता और रचनात्मक बहुआयामीपन को उजागर करती है। यह पुस्तक भीष्म साहनी की रचना-प्रक्रिया के अंतःसूत्रों को विश्लेषित करती है और हमारे समय व समाज को समझने में सहायक है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।
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₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Alankar Parijat भारतीय काव्यशास्त्र में अलंकारों का महत्व निर्विवाद है। डॉ. हेतु भारद्वाज और डॉ. रमेश मयंक की यह कृति काव्य के विभिन्न उपकरणों का सम्यक् और सोदाहरण विवेचन करती है। यह भारतीय तथा पश्चिमी काव्यशास्त्र की अवधारणाओं का विश्लेषण करती है, जो काव्य के मूल्यांकन और रचनाकार के उपकरण को समझने में पाठकों की मदद करती है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।