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गोपाल कृष्ण गोखले : जीवन और दर्शन
By: गोपीनाथ कालभोर₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान जिन नेताओं का व्यक्तित्व पूरी प्रखरता से उभरा तथा जो आगे आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय बने, उनमें गोपाल कृष्ण गोखले का नाम अग्रणी था। यद्यपि वे काँग्रेस के उदारवादी नेता थे तथापि ‘वे आधुनिक भारत के प्रथम कूटनीतिज्ञ थे।’ गोखले के विषय में के. एम. पन्निकर की यह उक्ति…
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भारत में सामाजिक परिवर्तन
₹995.00Original price was: ₹995.00.₹796.00Current price is: ₹796.00.भारत में सामाजिक परिवर्तन’ शीर्षक कृति सामाजिक विज्ञानों के उन शोधकर्ताओं एवं रुचिशील पाठकों के लिए लिखी गई है जो सामाजिक परिवर्तन से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं से अवगत होना चाहते हैं। विभिन्न सामाजिक विज्ञानों के पाठकों की रुचियों को ध्यान में रखते हुए इस कृति में तीन खण्ड हैं। प्रथम खण्ड में सामाजिक परिवर्तन की…
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प्रजातंत्र का तृणमूल स्तर एवं महिला नेतृत्व
By: Arun Chaturvedi (+1 more)₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.वही राष्ट्र और जाति प्रगति के शिखरों का स्पर्श करते हैं जो अपनी जमीनी वास्तविकताओं को चिन्ता के केन्द्र में रखते हैं। किसी प्रजातन्त्र की नींव तभी मजबूत हो सकती है जब तृणमूल स्तर पर उसकी सक्रियता पूर्ण निष्ठा के साथ हो तथा इस सक्रियता में दूर-दराज फैले अंचलों की महिलाओं की भी भागीदारी हो।…
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मिश्रबंधु और हिंदी आलोचना
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.शम्भुनाथ ने मिश्रबन्धु के आलोचक व्यक्त्तित्व का पुनर्मूल्यांकन बड़ी निष्ठा, तत्परता और सहानुभूतिपूर्वक किया है। उन्होंने मिश्रबन्धु की इतिहासदृष्टि पर भी नए सिरे से विचार करते हुए परवर्ती इतिहासग्रन्थों पर उसके प्रभाव को भी रेखांकित किया है और इतिहासलेखक आलोचक मिश्रबन्धु की छवि को नयी दीप्ति देने की कोशिश की है। शम्भुनाथ ने निश्चय ही…
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सचित्र खेल नियम
By: Ajay Singh₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.वर्तमान युग में प्रत्येक व्यक्ति जीवन में स्वस्थ रहने, तनाव रहीत रहने, प्रतिस्पर्धा में बने रहने हेतु खेलों का सहारा लेता है जिसके लिए खेल नियमों की जानकारी होना अति आवश्यक है, क्योंकि खेल की दुनिया में नियमों का अत्यधिक महत्त्व है। ऐसी स्थिति में सभी को खेल नियमों की जानकारी होना अत्यन्त आवश्यक है।…
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भारत के रसायनिक एवं कृषि वैज्ञानिक
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.सृष्टि के अनादिकाल से आज तक वैज्ञानिक उपलब्धियाँ अपने चमत्कारों से मानव में विज्ञान के प्रति अत्यन्त जिज्ञासा उत्पन्न करती रही हैं। विश्व में नित नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली वैज्ञानिक प्रगति में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान प्राचीनकाल से उन्नीसवीं एवं बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में महत्त्वपूर्ण रहा है। फलस्वरूप भारत का नाम अन्तर्राष्ट्रीय जगत…
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अर्वाचीन भारत के वैज्ञानिक
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00. -
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प्रयोजनमूलक हिंदी
By: विजय कुलश्रेष्ठ₹800.00Original price was: ₹800.00.₹640.00Current price is: ₹640.00.प्रयोजनमूलक हिन्दी का प्रयोग क्षेत्र सामान्यतः राजकाज की हिन्दी भाषा तक ही सीमित मान लिया जाता है, पर वास्तविकता यह है कि वह प्रारूपण एवं टिप्पण लेखन की कार्यालयी भाषा मात्र नहीं है, वह अपने व्यापक अर्थ में कार्यालयेतर विषयों तक अपनी पहुँच बनाती है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसे समझा और व्यापक रूप से…
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महाराणा संग्राम सिंह
By: श्याम सुंदर भट्ट₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.राणा सांगा के नाम से प्रसिद्ध औ। अपने शौर्य और पराक्रम के कारण मिथक बन गये महाराणा संग्राम सिंह भारतीय इतिहास में एक कीर्तिपुरुष के रूप में ख्यात हैं। महाराणा संग्रामसिंह ने अपने अदम्य ‘साहस और दुर्दमनीय पराक्रम से मेवाड़ के बप्पारावल की वंश परम्परा को अक्षुण्ण रखा। उनकी जीवट और जिजीविषा का ही परिणाम…
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अन्तस का महाभारत
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.मानव के मन में अच्छी वृत्तियों यथा श्रद्धा- भक्ति, दृढ़ता-स्थिरता, दया-करुणा, विवेक-वैराग्य, सत्य-शील, क्षमता-साहस, लज्जा, ग्लानि तथा बुरी वृत्तियों यथा काम-क्रोध, लोभ-मोह, मद-मत्सर- अहंकार, घृणा-हिंसा, प्रमाद-आलस्य आदि के मध्य वर्चस्व का युद्ध अनादिकाल से जारी है। मनुष्य के मन के इसी संघर्ष पर आधारित है यह ‘अन्तस का महाभारत’। इस पुस्तक में अच्छी वृत्तियों की…
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राजस्थानी कहावत कोश
By: Bhagirath Kanodia (+1 more)₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00. -
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दिवास्वप्न
By: Gijubhai Badheka₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.गांधीजी ने भारत के हर बच्चे के लिए अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा का सपना देखा था तथा उन्होंने स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान ‘बुनियादी शिक्षा’ का दर्शन स्थापित कर इस दिशा में कार्य करना आरम्भ कर दिया था। लेकिन यह विडम्बना ही कही जाएगी कि इक्कीसवीं सदी के आरम्भ में भारत सरकार शिक्षा को मौलिक अधिकार के…
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भील जनजाति : शिक्षा और आधुनिकीकरण
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00. -
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स्वातंत्र्योत्तर हिंदी उपन्यासों में नारी की राजनीतिक चेतना
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.राजनीति आज के वातावरण में पूरी तरह घुल-मिल गयी है तथा जीवन का कोई क्षेत्र ऐसा नहीं जो राजनीति से अछूता हो। सामंती तथा लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में यही तो अन्तर है कि सामंतवाद में आमजन की कोई महत्ता नहीं है जबकि लोकतंत्र में हर व्यक्ति उसकी राजनीति का का अपरिहार्य अंग है। इसलिए लोकतंत्र ने…
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राजा राममोहन राय एवं महर्षि दयानन्द सरस्वती : व्यक्तित्व और कृतित्व
By: डॉ. कमलेश सक्वर₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.उन्नीसवीं शताब्दी में भारत के पुनर्जागरण आन्दोलन में जिन महानुभावों का अप्रतिम योगदान रहा, उनमें राजा राममोहन राय तथा दयानन्द सरस्वती का योगदान अग्रणी है, क्योंकि इन दोनों ही महापुरुषों ने रूढ़ियों, अन्ध-विश्वासों, कुरीतियों, जड़-परम्पराओं के पंक में डूबे भारतीय समाज को जागरण का नया मंत्र दिया। राजा राममोहन राय पूर्णकालिक समाज-सुधारक थे तथा उन्होंने…
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दफ्तर में वसंत
By: पुरन सर्मा₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.यह व्यंग्य संग्रह जीवन की छोटी-बड़ी सच्चाइयों को जीवंत रूप में सामने लाता है। भाषा के नए तेवर के साथ व्यंग्यकार असंगत मूल्यों को उद्घाटित करता है। रोचकता इन व्यंग्य रचनाओं का प्राण हैं। विसंगतियों और विद्रूपताओं की चिंदी-चिंदी कर रचनाकार जवाबदेह सवाल खड़े करता है और वास्तविकता से रू-ब-रू कराता है। इनमें व्यंग्य की…
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सांख्यकारिका
By: रामदेव साहू₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.प्राचीन भारत में जिन दार्शनिक सिद्धान्तों का प्रणयन हुआ, उनमें सांख्य प्रमुख दर्शन के रूप में प्रतिष्ठित है। द्वैत मत का प्रतिपादक सांख्य दर्शन प्रकृति और पुरुष दोनों को मूल तत्त्व मानता है। सत्कार्यवाद के समर्थक सांख्य दर्शन के अनुसार कार्य अपने कारण में अव्यक्त रूप से विद्यमान रहता है। सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि…
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हिंदी कविता में नारी चेतना का विकास
By: Anita Nayar₹600.00Original price was: ₹600.00.₹480.00Current price is: ₹480.00.वैदिककालीन अर्द्ध-नारीश्वर की अवधारणा से पोषित नारी की गौरवशालिनी परम्परा में घोषा, अपाला, सूर्या और मंत्रदृष्टा ऋषिकाएँ थीं। तो मध्यकाल में भारत के राजनीतिक पटल पर अहिल्याबाई, रज़िया सुल्तान या लक्ष्मीबाई जैसी जांबाज़ वीरांगनाएँ उदित हुईं। धार्मिक परिदृश्य पर भी लल्लेश्वरी, आण्डाल या मीरां जैसे हिमालयी व्यक्तित्व सम्पन्न साधिकाओं ने इस देश में नव- जागरण…
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जीवन जीने की कला
By: समता शेखावत₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
