“Aadhunik Bharat Ka Rajneetik Aarthik Avam Samajik Itihas (Bhagh-1)” has been added to your cart.
View cart
Showing all 10 resultsSorted by popularity
-
Sale!

₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
मुगलों के पतन के पश्चात् एक शताब्दी का इतिहास तीन शक्तियों-मराठा, उत्तर मुगल और अंग्रेज के मध्य सत्ता संघर्ष का इतिहास है। अट्ठारहवीं शताब्दी में अब्दाली के आक्रमण और मुगल अमीरों और सामन्तों के पारस्परिक झगड़ों के कारण मुगल साम्राज्य का अखिल भारतीय स्वरूप समाप्त हो गया। वह केवल दिल्ली का राज्य मात्र रह गया।…
-
Sale!

₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
1920 के बाद का भारतीय इतिहास गांधीवादी युग से सम्बन्धित है। इस युग में गांधीजी के व्यक्तित्व और विचारों के अनुसार ही राष्ट्रीय आन्दोलन प्रगतिमान हुआ। भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन गांधीजी की उपलब्धियों का इतिहास है। गांधीजी के पूर्व विश्व में सशस्त्र क्रान्ति ही स्वतन्त्रता प्राप्ति का एक मात्र मार्ग माना जाता था। गांधीजी ने इस…
-
Sale!

₹800.00 Original price was: ₹800.00.₹640.00Current price is: ₹640.00.
1885 ई. में भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना से भारत में एक नये युग का सूत्रपात होता है। काँग्रेस में उदारवादियों की नीतियों की प्रतिक्रियास्वरूप उग्रवाद का उदय तथा क्रान्तिकारी आन्दोलनों ने भारतीयों के मन में एक नवीन चेतना का संचार किया। गाँधीजी के नेतृत्व में काँग्रेस का राष्ट्रीय आन्दोलन, एक जन- आन्दोलन के रूप…
-
Sale!

₹800.00 Original price was: ₹800.00.₹640.00Current price is: ₹640.00.
मुगल सम्राट औरंगजेब की मृत्यु से लेकर भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना तक का काल भारतीय इतिहास का एक युगान्तकारी युग था। भारत में यूरोपीय शक्तियों का आगमन, उनकी व्यापारिक प्रतिद्वन्द्विता और अन्त में ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना का भारतीय जन-जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा। भारत में पाश्चात्य विचारों के अनुकूल औपनिवेशिक प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित…
-
Sale!

₹550.00 Original price was: ₹550.00.₹440.00Current price is: ₹440.00.
यह पुस्तक “राजस्थान के प्रजामंडल आंदोलनों में महिलाओं की भूमिका” पर आधारित एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के दौरान महिलाओं के योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक उन वीरांगनाओं के साहस, त्याग और संघर्ष को उजागर करती है, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया।
-
Sale!

₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
भारतीय किसान प्राचीनकाल से ही आत्मनिर्भर आर्थिक इकाई के रूप में अपना जीवन-यापन करता रहा है। इसीलिए वर्ष 1860 से पूर्व इतिहास में कोई महत्त्वपूर्ण एवं समग्र किसान आन्दोलन दृष्टिगोचर नहीं होता है। किन्तु ब्रिटिश साम्राज्यवाद ने भारतीय किसान के परम्परागत ढाँचे को अत्यधिक आर्थिक लाभ प्राप्त करने का कुप्रयास कर तोड़ दिया, परिणामतः भारतीय…
-
Sale!

₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Bharat Ka Itihas Avm Sanskriti (1527-1947) भारत का मध्यकाल एवं आधुनिक काल हमारी गौरवमयी धरोहर है। डॉ. कालूराम शर्मा और डॉ. प्रकाश व्यास द्वारा लिखित यह पुस्तक मुगल साम्राज्य की स्थापना, पतन, और शिवाजी के नेतृत्व में मराठों के अभ्युत्थान जैसी घटनाओं का विवेचन करती है। यह ब्रिटिश सत्ता के अभ्युदय, भारतीयों के प्रतिरोध, और स्वाधीनता संग्राम में उत्पन्न देश की एकता पर प्रकाश डालती है, जो युवा पीढ़ी में देश प्रेम और राष्ट्रीयता की भावना को प्रस्फुटित करती है।
-
Sale!

₹400.00 Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Hamara Swadhinata Sangharsh भारत के स्वाधीनता संघर्ष (1857-1947) का अध्ययन, प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा द्वारा प्रस्तुत। यह पुस्तक गांधीजी के अहिंसा आंदोलन, भगतसिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान, और ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ भारतीयों के प्रतिरोध को रेखांकित करती है। यह देश की सामाजिक समस्याओं—अशिक्षा, अंधविश्वास, गरीबी, शोषण—से भी जूझने की गाथा है, जो राष्ट्रभक्ति के जज्बे से भरपूर है।
-
Sale!

₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Bhartiya Svatantrata Sangram भारतीय स्वाधीनता संघर्ष का 1857 से 1950 तक का वृत्तांत, डॉ. वी. एस. भार्गव द्वारा प्रस्तुत। यह पुस्तक 1857 के संघर्ष, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना, गांधीजी के जन-आंदोलनों और देश के विभाजन जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं का निष्पक्ष विश्लेषण करती है, साथ ही सुभाषचंद्र बोस और महिलाओं के योगदान पर भी प्रकाश डालती है।
-
Sale!

₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
Samsamayik Bharat ‘समसामयिक भारत’ (1947-2000) भारत की स्वातंत्र्योत्तर प्रगति के विविध रूपों का वस्तुनिष्ठ विश्लेषण है। डॉ. बृजकिशोर शर्मा और डॉ. शैलबाला शर्मा द्वारा लिखित यह कृति राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाचक्रों का विस्तारपूर्वक विश्लेषण करती है, जो विद्यार्थियों, शोधार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपादेय है।