Historical Fiction

  • Sale! Begam Hazrat Mahal

    Begam Hazrat Mahal

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की महान वीरांगना बेग़म हजरत महल के देशप्रेम, अदम्य साहस और अद्भुत सैन्य संगठन शक्ति की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास 1857 के संग्राम में उनके योगदान और ब्रिटिश शासन के विरुद्ध उनके संघर्ष को जीवंत करता है।

  • Sale! Darp

    Darp

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    श्याम सुन्दर भट्ट का यह ऐतिहासिक उपन्यास मध्ययुगीन भारत में सामंती अहंकार (दर्प) के टकराव को दर्शाता है। यह मेवाड़ के राजसिंह, मुगल शासक औरंगजेब और चारुमती जैसे ऐतिहासिक पात्रों के संघर्ष की कथा को रोचक और विश्वसनीय ढंग से प्रस्तुत करता है।

  • Sale! Charumati-Parinaya (Aitihasik Upanyas)

    Charumati-Parinaya (Aitihasik Upanyas)

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    चारुमती-राजसिंह की प्रेमकथा पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, राजस्थान के शौर्य और पराक्रम की गाथा कहता है। यह एक लंबे कालखंड की घटनाओं को कुशलता से विन्यस्त करते हुए पाठक को इतिहास के जीवंत वातावरण में रमाए रखता है।

  • Sale! Gautamiputra Bhag-2 (Aanchal Ka Dudh)

    Gautamiputra Bhag-2 (Aanchal Ka Dudh)

    Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹720.00.

    गौतमीपुत्र सातकर्णि के असाधारण पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास शैव, बौद्ध और ब्राह्मण मतों की साधना-पद्धति, सामंती व्यवस्था और तत्कालीन जीवन की गहन अनुभूति को जीवंत करता है।

  • Sale! Gautamiputra Bhag-1 (Saddharm Ka Mahavat)

    Gautamiputra Bhag-1 (Saddharm Ka Mahavat)

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    द्वितीय शताब्दी के संक्रांति काल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, गौतमीपुत्र सातकर्णि के अपराजेय व्यक्तित्व को चित्रित करता है। यह युग के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को सहजता से अभिव्यक्त करता है।

  • Sale! Mama Shakuni

    Mama Shakuni

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    महाभारत’ पर आधारित यह उपन्यास शकुनि के चरित्र को केंद्र में रखकर नारी सम्मान, स्त्री संवेदना और युद्ध-दर्शन की नवीन व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह गांधारी के कृत्य और भीष्म-शकुनि के गुणों का आधुनिक सोच से विश्लेषण करता है।

  • Sale! Shah Alam

    Shah Alam

    Original price was: ₹175.00.Current price is: ₹158.00.

    Shah Alam सुरेन्द्र कांत का उपन्यास ‘शाहआलम’ मुगल खानदान के गौरव के क्षरण की त्रासद कथा है, जहाँ मुगल शाहजादे विलास में डूबे निस्तेज और जर्जर हो रहे थे। यह कृति शाहआलम के देशभक्त और बहादुर सिपाही के रूप में भारत के राजाओं को जोड़कर दिल्ली के पुराने गौरव को प्राप्त करने के प्रयास को दर्शाती है, जो अपनी चारित्रिक दृढ़ता और पराक्रमशीलता से महान बनता है।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Digvijay Bhag-3

    Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Digvijay Bhag-3 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘दिग्विजय’ नामक तीसरे खंड में उनके संपूर्ण जीवन, संघर्षों और आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक हलचलों को महाकाव्यात्मक रूप में प्रस्तुत करती है, जो पाठक को रमाये रखती है।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Abhishek Bhag-2

    Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Abhishek Bhag-2 प्राचीन भारत के गुप्तकाल को राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और ज्ञान-कला की दृष्टि से स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के ‘अभिषेक’ नामक दूसरे खंड में उनके पराक्रम कौशल, उदात्त स्वभाव और संवेदनशील व्यवहार से अर्जित आशातीत सफलताओं का वर्णन है। यह कृति भारतीय इतिहास के इस काल-खंड को जीवंत करती है, जिससे पाठक भारत के बहुरंगी अतीत का अनुभव कर सकें।

  • Sale! Chandragupta Vikramaditya - Chandrodai Bhag-1

    Chandragupta Vikramaditya – Chandrodai Bhag-1

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Chandragupta Vikramaditya – Chandrodai Bhag-1 प्राचीन भारत के इतिहास में गुप्तकाल को स्वर्ण युग माना जाता है। ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का यह वृहद ऐतिहासिक उपन्यास चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के चरित्र के विविध पक्षों का उद्घाटन करता है। ‘चंद्रोदय’ नामक यह प्रथम खंड भारतीय इतिहास के तीसरी से चौथी शताब्दी तक के विस्तृत काल-खंड की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक हलचलों को रचनात्मक दृष्टि से चित्रित करता है, जो पाठक को भारत के अतीत की चित्रवीथि में प्रवेश कराता है।

  • Sale! Aachrya Chanakya

    Aachrya Chanakya

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Aachrya Chanakya भारतीय इतिहास में आचार्य चाणक्य के प्रवेश के साथ ही मौर्य काल का उदय हुआ, जिसने भारतवर्ष को एक विशाल एवं सशक्त साम्राज्य के रूप में स्थापित किया। हरदान हर्ष का यह उपन्यास चाणक्य के व्यक्तित्व, विचारधारा और उनकी नीति-कुशलता को अभिव्यक्त करता है, जिसमें नंदवंश के विनाश, मौर्य साम्राज्य की स्थापना और चंद्रगुप्त मौर्य को राज्यपद पर आसीन करने में उनकी महती भूमिका रही।

  • Sale! Sheel Ka Himalaya

    Sheel Ka Himalaya

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Sheel Ka Himalaya ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का पौराणिक उपन्यास ‘शील का हिमालय’ गुरुकुलों में प्रदान की जाने वाली भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली और संयमी, सदाचार के श्रेष्ठ प्रतीक कच के चरित्र से परिचित कराता है। यह कृति शील और संयम के अविचल हिमाचल कच के व्रत की दृढ़ता को दर्शाती है।

  • Sale! Meera (Atihasik Upanyas)

    Meera (Atihasik Upanyas)

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Meera (Atihasik Upanyas) हरदान हर्ष का ऐतिहासिक उपन्यास ‘मीराँ’ राजस्थान की पुण्य भूमि में जन्मी अनन्य भक्त मीराँ के संपूर्ण जीवन-चरित्र का जीवंत चित्रण है। यह कृति उनकी बाल्यकाल से भक्तिभावना, मेवाड़-अधिपति राणा सांगा की पुत्रवधु बनने, और पति की मृत्यु के बाद पूर्णतः कृष्णमय होकर बृन्दावन व द्वारिका में शेष जीवन बिताने की कहानी को तत्कालीन समाज, राजनीति और धार्मिक परिदृश्य के साथ कुशलतापूर्वक प्रस्तुत करती है।

  • Sale! Kala Sach (Aitihasik Upanyasa)

    Kala Sach (Aitihasik Upanyasa)

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Kala Sach (Aitihasik Upanyasa) मनमोहन सहगल का ऐतिहासिक उपन्यास ‘काला सच’ पाटण-नरेश करणादेव और उनके दुर्भाग्यशाली परिवार की मार्मिक नियति को दर्शाता है। यह कृति मानवीय दर्द, अंधे सांप्रदायिक अत्याचारों और कर्म-चक्र के प्रभावों को संवेदनशीलता से चित्रित करती है, जहाँ पिता के कर्मों का फल पुत्री को भी भुगतना पड़ता है, जिससे उत्तम जीवन जीने के लिए सत्कर्मों की प्रेरणा मिलती है।