Som Prakash Varma

डॉ. सोम प्रकाश वर्मा (जन्म: 1942) भारतीय कला-इतिहास, मध्यकालीन मुगल चित्रकला और दृश्य-संस्कृति के मूर्धन्य विद्वान, लेखक एवं लब्धप्रतिष्ठ कलाकार हैं। वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग (सेंटर ऑफ एडवांस्ड स्टडी) में प्रोफेसर के रूप में सेवारत रहे हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा आगरा विश्वविद्यालय (एम.ए.) तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एम.फिल. एवं पीएच.डी.) से पूरी की।
एक कला-इतिहासकार के रूप में उनका शोध कार्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित है। उनकी प्रमुख कृतियाँ—Art and Material Culture in the Paintings of Akbar’s Court (1978) तथा Mughal Painters and Their Work: A Biographical Survey and Comprehensive Catalogue (1996)—मध्यकालीन भारतीय चित्रकला के अध्ययन में मानक संदर्भ-ग्रंथ मानी जाती हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रो. एहसन जान कैसर के साथ ‘आर्ट एंड कल्चर’ ग्रंथावली का संपादन किया है और उनके दर्जनों उच्चस्तरीय शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं। मुगल कला पर गहन शोध के लिए उन्हें प्रतिष्ठित स्मिथसोनियन इंस्टीट्यूट, वाशिंगटन (1986–87) द्वारा ‘फुलब्राइट फेलोशिप’ से भी सम्मानित किया गया।
डॉ. वर्मा एक सिद्धहस्त दृश्य-कलाकार भी हैं। उनकी कलाकृतियों को इंडियन अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स (अमृतसर, 1981) और अकादमी ऑफ फाइन आर्ट्स (कलकत्ता, 1982) द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है। उनकी कृतियाँ देश-विदेश की प्रतिष्ठित कला-दीर्घाओं और राजकीय व निजी संग्रहों में संरक्षित हैं।
एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर राजकीय बेसिक प्रशिक्षण विद्यालय में कला-अध्यापक के रूप में जीवन-यात्रा आरंभ करने वाले प्रो. वर्मा की कला एवं साहित्य यात्रा 1969 में प्रकाशित उनकी प्रथम कृति ‘कला-कुसुम’ से निरंतर सक्रिय है। कला इतिहास और भारतीय चित्र परंपरा के अनुसंधान में उनका योगदान अद्वितीय है।

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