Puran Sarma

Books by this Author


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  • Sale! Daftar Mein Vasant

    Daftar Mein Vasant

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹240.00.

    यह व्यंग्य संग्रह जीवन की छोटी-बड़ी सच्चाइयों को जीवंत रूप में सामने लाता है। भाषा के नए तेवर के साथ व्यंग्यकार असंगत मूल्यों को उद्घाटित करता है। रोचकता इन व्यंग्य रचनाओं का प्राण हैं। विसंगतियों और विद्रूपताओं की चिंदी-चिंदी कर रचनाकार जवाबदेह सवाल खड़े करता है और वास्तविकता से रू-ब-रू कराता है। इनमें व्यंग्य की…

  • Sale! Meri Vyang Rachnaye

    Meri Vyang Rachnaye

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹400.00.

    मेरे प्रिय लेखक हिन्दी व्यंग्य में दो तरह के लोग व्यंग्य लिख रहे हैं-एक वे, जिन्हें व्यंग्य की व्याकरण तथा सौन्दर्यशास्त्र की समझ है और दूसरे वे, जिन्हें इस चीज की कोई समझ नहीं। इसी दूसरे वर्ग में आप एक उपवर्ग उन लोगों का भी कर सकते हैं, जिन्हें खुद तो समझ है नहीं पर…

  • Sale! Vasant To Vasant Hi Hota Hai

    Vasant To Vasant Hi Hota Hai

    Original price was: ₹450.00.Current price is: ₹360.00.
  • Sale! Ghar-Ghar ki Ramleela

    Ghar-Ghar ki Ramleela

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह समाज में व्याप्त विसंगतियों, विद्रूपताओं और राजनीति की अवसरवादिता पर गहरी चोट करता है। यह रोचक शैली में मानवीय मूल्यों के क्षरण को उजागर करते हुए पाठकों को अपने परिवेश पर सोचने को विवश करता है।

  • Sale! Bade Aadmi

    Bade Aadmi

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।

  • Sale! Afsar Ki Gaay

    Afsar Ki Gaay

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।

  • Sale! He Puraskar Tumhe Namaskar

    He Puraskar Tumhe Namaskar

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    He Puraskar Tumhe Namaskar पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विसंगतियों पर करारी चोट करता है। अपने पैंतालीस वर्षों के व्यंग्य-लेखन अनुभव से, लेखक अपनी छोटी-छोटी विसंगतियों को नया मोड़ देकर, विघटित होते मानवीय मूल्यों और पाखंडी शालीनता को निर्वसन करते हैं।

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