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₹125.00 Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
विश्वविद्यालय की स्थापना जिन कार्यों के निष्पादन के लिए होती है, उनमें शोध कार्य कराना उसका सबसे महत्त्पूर्ण कार्य होता है। शोध का मूल अर्थ है-ज्ञान के उस अनुषंग को प्रकाश में लाना जिसके विषय में हम अभी तक अभिज्ञ हैं। संसार का सारा वैज्ञानिक तथा ज्ञानात्मक विकास मनुष्य के शोध कार्यों का ही परिणाम है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अपने-अपने विषय में शोध कराते हैं। इस तरह वे अपने क्षेत्र की ज्ञान सम्पदा को प्रकाश में लाते हैं और इस दिशा में आगे की पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
शोध एक वैज्ञानिक और वैधानिक प्रक्रिया है जो सतत् साधना, योजनाबद्ध कार्य तथा एक सुनिश्चित विधान की अपेक्षा रखती है। हिन्दी में शोध कार्य का इतिहास बहुत पुराना नहीं है तथा देश-विदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के हिन्दी तथा भाषा विभागों में लम्बे अरसे से शोध कार्य हो रहे हैं।
शोध कार्यों की परम्परा-समृद्धि के साथ-साथ हिन्दी में शोध-प्रविधि पर सैद्धान्तिक ग्रन्थों का प्रणयन भी होता रहा है। विकास की इस प्रक्रिया में शोध का शास्त्र ही विकसित हो गया है। डॉ. मनमोहन सहगल की प्रस्तुत कृति हिन्दी में शोध-तंत्र के सैद्धान्तिक और व्यावहारिक पक्षों का गम्भीर और विशद् आख्यान करती है। पुस्तक के सैद्धान्तिक विवेचन में विद्वान लेखक ने शोध की परिभाषा, शोध के प्रकार, पाठ-शोध विधि, शोध की पद्धतियाँ आदि का विस्तृत विवेचन किया है तो द्वितीय खण्ड में शोध के व्यावहारिक पक्षों का सम्यक् उद्घाटन किया गया है। शोध-शास्त्र को समझने तथा शोधकर्ताओं के लिए यह एक अपरिहार्य पुस्तक है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
यह उपन्यास “किराए की कोख” के माध्यम से युगीन सत्यों और स्वार्थ-परार्थ के बीच की कशमकश पर करारा व्यंग्य करता है। यह बदलती सामाजिक मानसिकता, नारी शोषण और मानवीय आकांक्षाओं की विडंबनाओं को मार्मिकता से उजागर करता है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
महाभारत’ पर आधारित यह उपन्यास शकुनि के चरित्र को केंद्र में रखकर नारी सम्मान, स्त्री संवेदना और युद्ध-दर्शन की नवीन व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह गांधारी के कृत्य और भीष्म-शकुनि के गुणों का आधुनिक सोच से विश्लेषण करता है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Mile Sur Mera Tumhara मनमोहन सहगल का उपन्यास ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ आँचलिकता की गंध में लिपटी वर्तमान समाज की संकीर्णताओं का यथार्थ दस्तावेज है। यह पंजाब में प्रवासी मजदूरों के आयात, नशे की लत, कन्या भ्रूण हत्या, और आतंकी साया जैसे ज्वलंत मुद्दों को उजागर करता है, साथ ही पंजाबियों की उदारता, परिश्रम, सम-भाव, और संबंधों की मिठास को दर्शाते हुए ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा, सुर बने हमारा’ का विराट संदेश देता है।
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₹500.00 Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Ehu Janmu Tumhare Lekhe डॉ. मनमोहन सहगल की यह औपन्यासिक आत्मकथा एक लेखक के जीवन के संघर्षों, अनुभवों और चरैवेति के संकल्प की सपाट बयानी प्रस्तुत करती है। यह कृति पाठकों के लिए अरोचक कुछ भी नहीं छूती और जीवन की घटनाओं को कथा-रस के साथ अभिव्यक्त करती है, साधारण घटक के भीतर झाँकने की रोचक संभावनाएँ प्रदान करती है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Kala Sach (Aitihasik Upanyasa) मनमोहन सहगल का ऐतिहासिक उपन्यास ‘काला सच’ पाटण-नरेश करणादेव और उनके दुर्भाग्यशाली परिवार की मार्मिक नियति को दर्शाता है। यह कृति मानवीय दर्द, अंधे सांप्रदायिक अत्याचारों और कर्म-चक्र के प्रभावों को संवेदनशीलता से चित्रित करती है, जहाँ पिता के कर्मों का फल पुत्री को भी भुगतना पड़ता है, जिससे उत्तम जीवन जीने के लिए सत्कर्मों की प्रेरणा मिलती है।