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Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy

हिंदी ललित निबंध की पहचान : कुबेरनाथ राय

Author(s): Dr. Punam Sethi
Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 400
Edition: First, 2019
ISBN: 978-81-7056-637-3

Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

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कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।

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ललित निबंध की रचना के लिए जिस संस्कृति-बोध, गहन अध्ययन, प्रकाण्ड-वैदुष्य, लोक- जीवन पर गहरी पकड़, संवेदनशील हृदय, खिलंदड़- दृष्टि, अद्भुत-मेधा, भाषा की अभिव्यक्ति भंगिमाओं पर पूर्ण अधिकार, अनेक भाषाओं का ज्ञान तथा शास्त्रों की नयी-नयी व्याख्याएँ करने की क्षमता की आवश्यकता होती है। उनका संगुफन विरल प्रतिभा सम्पन्न रचनाकारों द्वारा ही सम्भव है। इसीलिए ललित निबंध लेखन में जो रचनाकर्मी सक्रिय रहे हैं उनमें अलग तरह तरह की रचनाशीलता देखने को मिलती है, बालमुकुन्द गुप्त, सरदार पूर्ण सिंह, रामचन्द्र शुक्ल, हजारीप्रसाद द्विवेदी, विद्यानिवास मिश्र, विवेकी राय, कुबेरनाथ राय, शिवप्रसाद सिंह, विष्णुकांत शास्त्री आदि अनेक नाम हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण लेखन किया है।

ये सभी नाम अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं तथापि कुबेरनाथ राय ऐसे रचनाकार हैं जिनकी ख्याति केवल और केवल उनके ललित निबंधों को लेकर ही है। उनका समस्त लेखन ललित निंबंध की कोटि में ही आता है। वे अंग्रेजी के अध्यापक रहे जिससे उन्होंने पाश्चात्य कला और संस्कृति को गहराई से समझा, संस्कृत के प्रकाण्ड पंडित थे जिससे उन्होंने भारतीय मनीषा को आत्मसात कर मौलिक ढंग से व्याख्यायित किया, लोक जीवन के रस में पूर्णतः पगे थे जिससे उन्होंने लोक कलाओं तथा मिथकों की सर्वथा दुर्लभ विश्लेषणा की, रामकथा के विभिन्न रूपों का आस्थामूलक अध्ययन इसकी सकारात्मक शक्तियों को पहचान कर अभूतपूर्व व्यंजना दी, अनेक भाषाओं के अकूत ज्ञानभण्डार का उपयोग अपनी अभिव्यक्ति भंगिमाओं में किया कि उनके निबंधोंकी भाषा पहाड़ी झरने से कल-कल करती धारा की तरह पाठक को शीतल प्रवाह में अपने साथ बहाने लगी।

Weight615 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 2.5 cm
Genre

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