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Dr. Aalamsaha Khan Ka Katha Sahitya

डॉ. आलमशाह खान का कथा साहित्य

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 160
Edition: First
Published Year: 2022
ISBN: 978-81-7056-676-2

Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹320.00.

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डॉ. हेमेंद्र कुमार पानेरी द्वारा रचित समालोचनात्मक कृति ‘डॉ. आलमशाह खान का कथा साहित्य एवं समकालीन सामाजिक यथार्थ’ हिन्दी के प्रतिष्ठित कथाकार डॉ. आलमशाह खान के सम्पूर्ण कृतित्व का गहन व वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक शोषक और शोषित के बीच की खाई को पाटने वाली उनकी कहानियों, आंचलिक प्रभाव से युक्त अनूठी अभिव्यक्ति-शैली, तथा उपेक्षित, प्रताड़ित व दलित वर्ग के यथार्थवादी शब्दचित्रों का प्रामाणिक विवेचन करती है।

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डॉ. आलमशाह खान का कथा साहित्य एवं समकालीन सामाजिक यथार्थ’ प्रख्यात समालोचक डॉ. हेमेंद्र कुमार पानेरी की एक उत्कृष्ट एवं विचारोत्तेजक शोधपरक कृति है। यह पुस्तक समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य में विशिष्ट पहचान रखने वाले मूर्धन्य कथाकार डॉ. आलमशाह खान के समग्र साहित्यिक अवदान और उनकी सामाजिक सरोकारों से जुड़ी दृष्टि का गहन, प्रमाणिक और समग्र मूल्यांकन प्रस्तुत करती है।

डॉ. आलमशाह खान का साहित्य मूलतः मानवीय गुणों की स्थापना और समाज में शोषक व शोषित के बीच बढ़ती गहरी खाई को पाटने का एक सशक्त एवं सतत प्रयास रहा है। लेखक डॉ. पानेरी ने उनकी कथा-सृष्टि का विश्लेषण करते हुए यह उजागर किया है कि किस प्रकार डॉ. खान ने अपनी कहानियों के माध्यम से समाज के सबसे उपेक्षित, प्रताड़ित और दलित वर्गों की मूक वेदना को पूरी संवेदनशीलता के साथ वाणी दी है। उनकी रचनाओं में उभरे जीवंत शब्दचित्र केवल पात्र नहीं हैं, बल्कि वे समकालीन समाज के यथार्थ, उसकी विषमताओं और शोषण तंत्र का आईना हैं।

इस अध्ययन की एक प्रमुख विशेषता डॉ. खान की विशिष्ट अभिव्यक्ति-शैली और आंचलिकता के पुट की सहज पड़ताल है। डॉ. पानेरी ने अत्यंत लगन और निष्पक्षता के साथ उनके शिल्प, भाषा-संवेदना और लोक-तत्वों का विश्लेषण किया है, जिससे पाठक और शोधार्थी उनकी कथा-कला की बारीकियों को सहजता से समझ सकें। डॉ. शारदा पोटा की सम्मति से समृद्ध यह विवेचन डॉ. आलमशाह खान के साहित्य को अकादमिक धरातल पर पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

समकालीन हिन्दी कथा-साहित्य, यथार्थवादी आलोचना, दलित व वंचित विमर्श के शोधार्थियों, प्राध्यापकों और साहित्य-प्रेमियों के लिए यह पुस्तक एक अनिवार्य और अत्यंत उपयोगी संदर्भ-ग्रंथ है। यह न केवल एक प्रमुख रचनाकार के कृतित्व को समझने की नई दृष्टि देती है, बल्कि समकालीन समाज के अंतर्विरोधों से भी पाठकों को गहराई से जोड़ती है।

Weight265 g
Dimensions22 × 11 × 1 cm

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About the Author

Dr. Hemandra Paaneri

डॉ. हेमेंद्र कुमार पानेरी (जन्म: 1982, उदयपुर, मेवाड़) हिन्दी एवं संस्कृत साहित्य के समर्पित शिक्षाविद्, शोधकर्ता और लेखक हैं। उन्होंने अधिस्नातक (एम.ए. हिन्दी साहित्य), शिक्षा स्नातक (बी.एड.) तथा विद्यावाचस्पति (पीएच.डी.) की उपाधियाँ अर्जित की हैं। हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर स्तर…

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