Afghan Itihaskar aur Itihas-Lekhan
Original price was: ₹800.00.₹599.00Current price is: ₹599.00.मध्यकालीन भारत के इतिहास में लोदी एवं सूर वंश के नेतृत्व में अफगान शासकों ने लगभग एक शताब्दी तक उत्तर भारत पर शासन किया। भारतीय इतिहास की इस महत्त्वपूर्ण अवधि को समझने के लिए समकालीन अफगान इतिहासकारों के लेखन का विशेष महत्व है। यद्यपि इन दोनों अफगान राजवंशों का कोई पूर्ण एवं निर्विवाद समकालीन इतिहास-ग्रन्थ उपलब्ध नहीं है, फिर भी विभिन्न अफगान इतिहासकारों द्वारा लिखित ग्रन्थ इस काल के राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के अध्ययन के प्रमुख स्रोत हैं।
इस पुस्तक में हसन अली, शेख रिज्कुल्लाह मुश्ताकी, अब्बास खाँ सरवानी, मुहम्मद कबीर, अहमद यादगार, अब्दुल्ला तथा ख्वाजा नियामतुल्ला जैसे प्रमुख अफगान इतिहासकारों के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं इतिहास-लेखन का विस्तृत एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, मुगल इतिहासकार निजामुद्दीन अहमद, अब्दुल कादिर बदायूँनी तथा अबुल फ़ज़ल द्वारा अफगानों के संबंध में व्यक्त विचारों की संक्षिप्त समीक्षा भी सम्मिलित की गई है।
मध्यकालीन भारतीय इतिहास, इतिहास-लेखन (Historiography) तथा ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों एवं इतिहास के अध्येताओं के लिए यह पुस्तक एक उपयोगी एवं प्रामाणिक संदर्भ ग्रन्थ है।


Saltantakalin Itihaskar Evam Itihas-Lekhan