₹350.00Original price was: ₹350.00.₹279.00Current price is: ₹279.00.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन पर आधारित यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा परिदृश्य का एक प्रामाणिक और ज़मीनी (Ground Study) विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों से सीधे प्राप्त सांख्यिकीय आँकड़ों (Statistical Analysis) के आधार पर कला, वाणिज्य और अन्य संकायों में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों, नीतिगत प्रभावों और भविष्य के ठोस सुझावों को रेखांकित किया गया है। शिक्षाविदों, शोधार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए यह एक अनिवार्य एवं संग्रहणीय शोध ग्रंथ है।
₹70.00Original price was: ₹70.00.₹60.00Current price is: ₹60.00.
निबंध साहित्य — Hemchandracharya North Gujarat University, Patan (HNGU) के B.A. Semester-V (Hindi) के 2025–26 से प्रभावी नवीन पाठ्यक्रम के अनुसार प्रकाशित पाठ्यपुस्तक।
₹800.00Original price was: ₹800.00.₹599.00Current price is: ₹599.00.
मध्यकालीन भारत के इतिहास में लोदी एवं सूर वंश के नेतृत्व में अफगान शासकों ने लगभग एक शताब्दी तक उत्तर भारत पर शासन किया। भारतीय इतिहास की इस महत्त्वपूर्ण अवधि को समझने के लिए समकालीन अफगान इतिहासकारों के लेखन का विशेष महत्व है। यद्यपि इन दोनों अफगान राजवंशों का कोई पूर्ण एवं निर्विवाद समकालीन इतिहास-ग्रन्थ उपलब्ध नहीं है, फिर भी विभिन्न अफगान इतिहासकारों द्वारा लिखित ग्रन्थ इस काल के राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के अध्ययन के प्रमुख स्रोत हैं।
इस पुस्तक में हसन अली, शेख रिज्कुल्लाह मुश्ताकी, अब्बास खाँ सरवानी, मुहम्मद कबीर, अहमद यादगार, अब्दुल्ला तथा ख्वाजा नियामतुल्ला जैसे प्रमुख अफगान इतिहासकारों के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं इतिहास-लेखन का विस्तृत एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, मुगल इतिहासकार निजामुद्दीन अहमद, अब्दुल कादिर बदायूँनी तथा अबुल फ़ज़ल द्वारा अफगानों के संबंध में व्यक्त विचारों की संक्षिप्त समीक्षा भी सम्मिलित की गई है।
मध्यकालीन भारतीय इतिहास, इतिहास-लेखन (Historiography) तथा ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों एवं इतिहास के अध्येताओं के लिए यह पुस्तक एक उपयोगी एवं प्रामाणिक संदर्भ ग्रन्थ है।
₹125.00Original price was: ₹125.00.₹100.00Current price is: ₹100.00.
प्रस्तुत नाट्यकृति में नौ एकांकियों को सम्मिलित किया गया है। इस संग्रह में छह प्रहसन हैं, जो हमें तनाव और ऊब भरे जीवन से निकालकर मनोरंजन की दुनिया में ले जाते हैं और वहाँ कभी मुसकराने और कभी अट्टहास करने के लिए हमें प्रेरित करते हैं। इन प्रहसनों में विभिन्न सामाजिक विसंगतियों पर तीखा प्रहार…
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹320.00Current price is: ₹320.00.
श्री राजेन्द्र शंकर भट्ट राजस्थान के वरिष्ठतम पर्यवेक्षक (आब्जर्वर) हैं। उन्होंने राजस्थान, विशेषकर बदलते-विकसित होते हुए राजस्थान पर बहुत लिखा है। ‘लोकतन्त्रात्मक राजस्थान का अवलोकन’ इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। यह पुस्तक, प्रभाव की दृष्टि से मात्र विवरण, रपट या रिपोर्ताज नहीं है, मात्र यात्रावृत्त नहीं है, मात्र देखे हुए की ठंडी प्रस्तुति नहीं…
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹99.00Current price is: ₹99.00.
राजस्थान का लोकतीर्थ, पर्यटन एवं पुरातात्विक स्थल राजस्थान के प्रमुख तीर्थों, पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों का समग्र परिचय प्रस्तुत करने वाली उपयोगी पुस्तक है। इसमें विभिन्न स्थलों का वर्णन चित्रों सहित सरल और व्यवस्थित रूप में दिया गया है, जिससे पाठकों को विषय को समझने और याद रखने में आसानी होती है। अद्यतन जानकारी के साथ यह पुस्तक विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों और सामान्य पाठकों के लिए समान रूप से लाभदायक है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
गद्य को कवियों (रचनाकार) की कसौटी कहा जाता है और निबन्ध को गद्य की कसौटी। यद्यपि परीक्षा में परीक्षार्थी निबन्ध न लिखकर लेख लिखता है, परन्तु कहा इसे निबन्ध ही जाता है। आज किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए हिन्दी भाषा एवं साहित्य का ज्ञान आवश्यक होता जा रहा है। इसमें निबन्ध की भूमिका…
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₹1,300.00Original price was: ₹1,300.00.₹999.00Current price is: ₹999.00.
प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. प्रेम दवे ने कत्थक नृत्य को परम्परा का विस्तार से विवेचन किया है। नृत्य की उत्पत्ति, विकास, नृत्य के प्रकार-ताण्डव, लास्य, कत्थक नृत्य की उत्पत्ति, इतिहास, कत्थक नृत्य के घराने व विशेषताओं का सूक्ष्मत्तर विवेचन किया गया है। कत्थक नृत्य में पदाघात, नृत्तअंग, लयकारी, भाव प्रदर्शन, वेशभूषा, अभ्यास पद्धति, शैलीगत तालें, गुरु शिष्य परम्परा, परम्परागत व शिष्य सम्प्रदाय के नृत्य साधकों के जीवनवृत्त पर चित्रों सहित प्रकाश डालने के साथ ही विभिन्न प्रकार की क्रियात्मक बंदिशों को लिपीबद्ध किया गया है। डॉ. दवे स्वयं कत्थक नृत्य एवं गायन में उच्च शिक्षा प्राप्त कत्थक नृत्यांगना एवं गायिका हैं। अतः विषय के प्रायोगिक एवं सैद्धान्तिक दोनों पक्षों को सूक्ष्म दृष्टि से हृदयंगम कर पुस्तक में समाहित करने का प्रयास किया है। आशा है, पुस्तक कत्थक नृत्य के स्नातक, स्नातकोत्तर व शोधार्थियों के साथ ही अन्य संगीत नृत्य प्रेमियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
अंदाजे बयां और पवन कुमार ‘पावन’ की एक अनोखी कृति है, जिसमें विभिन्न शायरों के चुनिंदा शेरों को गद्य, व्यंग्य और दर्शन के साथ पिरोकर एक नया रूप दिया गया है। यह पुस्तक शायरी को केवल पढ़ने का नहीं, बल्कि उसे एक नए नजरिये से समझने और महसूस करने का अवसर देती है। जीवन, इश्क, दर्द और समाज के विविध रंगों को यह किताब रोचक और व्यंग्यात्मक शैली में प्रस्तुत करती है।
₹1,699.00Original price was: ₹1,699.00.₹899.00Current price is: ₹899.00.
संगीत में रसानुभूति: कला, कलाकार और उनकी अनुभूतियाँ
क्या आप जानना चाहते हैं कि विश्व प्रसिद्ध संगीतकार और नर्तक अपनी कला का अनुभव कैसे करते हैं? प्रोफेसर (डॉ.) प्रेम दवे की यह पुस्तक आपको भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा में गहराई तक ले जाती है, जहाँ कलाकारों के चित्रों के साथ उनके रस-संबंधी विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में क्या है खास?
कलाकारों के अनुभव: भारत के दिग्गज कलाकारों के साक्षात्कारों और विचारों का अनूठा संग्रह।
लेखिका की स्वानुभूति: लेखिका, जो स्वयं एक उच्च कोटि की कलाकार (डी. लिट्.) हैं, के अपने अनुभव और चिंतन।
सरल और साहित्यिक भाषा: गहन विषय को भी बहुत सरल, रुचिकर और उच्च स्तरीय भाषा में समझाया गया है।
सभी के लिए उपयोगी: यह पुस्तक न केवल संगीत के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए, बल्कि शास्त्रीय कला के हर रसिक के लिए भी एक अनमोल धरोहर है।
पुस्तक में शामिल कुछ प्रमुख कलाकार:
गायन: पं. जसराज, पं. राजन-साजन मिश्रा, श्रीमती गिरिजा देवी, श्रीमती किशोरी अमोनकर, उस्ताद बड़े गुलाम अली खां साहब, आदि।
वादन: पं. रविशंकर, पं. शिव कुमार शर्मा, पं. हरि प्रसाद चौरसिया, पं. विश्व मोहन भट्ट, उस्ताद असद अली खां, पं. किशन महाराज, आदि।
नृत्य: पं. बिरजू महाराज, श्रीमती रोहिणी भाटे, सुश्री उमा शर्मा, श्रीमती शोवना नारायण, आदि।