आहार विज्ञान
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जैसा खाये अन्न वैसा रहे मन”, यह कोई कहावत नहीं अपितु परम सत्य है। कर्मठता, उद्यमशीलता, सहनशीलता एवं लगनशीलता का सीधा सम्बन्ध संतुलित एवं पौष्टिक आहार से है। भोजन से शरीर को ऊर्जा मिलती है जिससे शरीर की विभिन्न शारीरिक एवं मानसिक क्रियाएँ सम्पन्न होती हैं। शरीर की वृद्धि, विकास, तन्तुओं की मरम्मत, रोगों से रक्षा आदि कार्यों के लिए पौष्टिक भोजन अत्यावश्यक है। आँकड़े बताते हैं भारत के लाखों बच्चे कुपोषण के शिकार हैं। उन्हें कुपोषण जनित बीमारियाँ घेर लेती हैं। हजारों बालक विटामिन ‘A’ की की कमी से होने वाली रतौंधी एवं अंधता के शिकार हो जाते हैं तथा अभिशापित जीवन जीने को मजबूर होते हैं। यही हाल गर्भवती माताओं का है। पोषण न्यूनता जनित रोगों से पीड़ित गर्भवती माताएँ गर्भकाल अथवा प्रसव के दौरान ही काल का ग्रास बन जाती हैं। यदि वे जीवित बचती भी हैं तो समय से पूर्व अल्प वजन वाले शिशु को जन्म देती हैं। ऐसे अल्प वजन वाले अपरिपक्व शिशु गंभीर रक्तअल्पता रोग के शिकार होते हैं। कई बच्चे तो अपनी पहली वर्षगाँठ भी नहीं मना पाते और काल का ग्रास बन जाते हैं। यदि वे ईश्वर की कृपा से जीवित बच भी जाते हैं तो दुर्बल एवं बीमार रहते हैं।
यह धारणा भी पूर्णतः गलत है कि उच्च गुणवत्ता वाले पौष्टिक तत्त्व केवल महँगे फलों, सब्जियों, सूखे मेवों, मांस, मछली, अंडा व दूध में ही मिलते हैं वरन् सत्य तो यह है कि सस्ते भोज्य पदार्थों, दालों, मौसमी फलों व सब्जियों में वे सभी पौष्टिक तत्त्व भरपूर मात्रा में विद्यमान होते हैं जो व्यक्ति को स्वस्थ, चुस्त, फुर्तीला बनाये रखने में सक्षम हैं। प्रस्तुत पुस्तक में उन सभी भोज्य पदार्थों का वर्णन किया गया है, जो हमारे उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु होने के लिए नितान्त आवश्यक है। अतः यह पुस्तक न केवल गृह विज्ञानियों के लिए अपितु स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने वाले सभी नागरिकों के लिए उपयोगी एवं लाभदायी है।
| Weight | 530 g |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 × 2.5 cm |
| पाठ्यक्रम प्रणाली | |
| विश्वविद्यालय | ब्रज विश्वविद्यालय, भरतपुर, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर, कोटा विश्वविद्यालय, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर |
| Textbook Genre |
















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