Sale!

बाल विकास एवं बाल मनोविज्ञान

Language: हिंदी
Pages: 440
Edition: Second, 2014
Published Year: 2007
ISBN: 978-81-7056-413-3

Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹480.00.

You Save 20%

Out of stock

Share:
GUARANTEED SAFE CHECKOUT
  • Visa Card
  • MasterCard

बालक देश के कर्णधार हैं। सृष्टि के अनुपम वरदान हैं। भारत के भविष्य हैं। विश्व के कीर्तिमान हैं। बालक ही समय के साथ पल-बढ़कर किशोर, युवा, प्रौढ़ बनते हैं तथा समस्त जिम्मेदारियों को निभाते हुए देश को प्रगति के पथ पर ले जाते हैं। अतः उनकी देखभाल, पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा की समुचित व्यवस्था बाल्यकाल से ही की जानी चाहिए ताकि इनसे श्रेष्ठ गुणों व संस्कारों का विकास हो सके। बाल्यावस्था जीवन की सबसे महत्त्वपूर्ण अवस्था है। यह प्रौढ़ जीवन के लिए एक आधार प्रस्तुत करती है। किन्तु दुःख का विषय है कि आज भी 30-40 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के गम्भीर शिकार हो जाते हैं, जिसके कारण उनका शारीरिक, मानसिक, गामक, बौद्धिक, संज्ञानात्मक, सृजनात्मक, व्यक्तित्व, कल्पना आदि विकास ठीक प्रकार से नहीं हो पाता है। फूल से सुकुमार नन्हें बालक समस्याओं की तेज आँधी के आगे नहीं टिक पाते हैं तथा शीघ्र ही धराशायी हो जाते हैं।

अतः भारत के भविष्य को सम्भालकर रखना माता-पिता, परिवार, समाज एवं राष्ट्र की महत्ती जिम्मेदारी है। प्रस्तुत कृति ‘बाल विकास एवं बाल मनोविज्ञान’ में इन्हीं सब विषयों पर गहन प्रकाश डाला गया है, जो बालक के सर्वांगीण विकास में सहायक है। विश्वास है यह पुस्तक गृह-विज्ञानियों के साथ ही मनोविज्ञान के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए भी अति उपयोगी एवं लाभदायी सिद्ध होगी।

Weight590 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 2.5 cm
Textbook Genre

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bal Vikas Evam Bal Manovigyan”

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

डॉ. बृन्दा सिंह

डॉ. बृन्दा सिंह ने बी.एससी. (रसायन विज्ञान ऑनर्स) की उपाधि राँची विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इसके पश्चात् इन्होंने बी.एससी. गृह विज्ञान की उपाधि राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय से अर्जित की। इन्होंने एम.एससी. गृह विज्ञान की उपाधि आगरा विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी…

View Full Profile →
Need help?