समाजशास्त्रीय चिंतन के आधार
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Samajshastriya Chintan Ke Aadhar समाजशास्त्र एक महत्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान है, जिसके उद्भव और विकास में पश्चिम एवं भारत के समाजशास्त्रियों के चिंतन का विशेष योगदान रहा है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा की यह पुस्तक समाजशास्त्र के उद्भव, विकास, और प्रमुख अग्रणियों—ऑगस्त कॉम्ट, हर्बर्ट स्पेन्सर, कार्ल मार्क्स, इमाइल दुर्खीम, और मेक्स वेबर—के योगदानों पर प्रकाश डालती है। यह कृति हिन्दी भाषी पाठकों को समाजशास्त्रीय चिंतन के मूलाधार का परिचय देने में सफल सिद्ध होगी।
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समाजशास्त्र एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान है। इसके उद्भव और विकास से लेकर आज तक पश्चिम एवं भारत के समाजशास्त्रियों के चिन्तन का विशेष योगदान रहा है। प्रस्तुत पुस्तक ” समाजशास्त्रीय चिन्तन के आधार” में इसी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा प्रदान की गई रूपरेखानुसार विश्वविद्यालयी स्तर के समाजशास्त्र विषय के लिए लिखी गई है।
आलोच्य पुस्तक में सर्वप्रथम समाजशास्त्र के उद्भव और विकास की विवेचना द्वारा सामाजिक दर्शनशास्त्र से समाजशास्त्र की दिशा में संक्रमण पर प्रकाश डाला गया है। इसके बाद समाजशास्त्र के चिन्तकों पर जिन पृष्ठभूमियों, शक्तियों और क्रान्तियों का प्रभाव पड़ा है उनका व्याख्यात्मक वर्णन क्रम से अलग-अलग अध्यायों में किया गया है। समाजशास्त्र के उद्भव और विकास की विवेचना कालक्रमिक रूप से बौद्धिक संदर्भ- पुनर्जागरण, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक शक्तियाँ, फ्रांसीसी एवं औद्योगिक क्रान्तियों के संदर्भ में की गई है।
इस पुस्तक में समाजशास्त्रीय चिन्तन की आधारशिलाओं का क्रमबद्ध एवं व्यवस्थित वर्णन सरल, सुग्राह्य एवं बोधगम्य भाषा में किया गया है। समाजशास्त्र के प्रमुख अग्रणियों (पायोनियर्स) ऑगस्त कॉम्ट, हर्बर्ट स्पेन्सर, कार्ल मार्क्स, इमाइल दुर्खीम और मेक्स वेबर के प्रमुख योगदानों पर प्रकाश डाला गया है। इसके अतिरिक्त मर्टन के प्रकार्यवाद, मार्क्स के संघर्ष सिद्धान्त एवं पारसन्स की सामाजिक क्रिया की विवेचना की गई है।
पुस्तक के अन्तिम अध्यायों में ‘भारत में समाजशास्त्रीय चिन्तन का विकास’ एवं भारत में समाजशास्त्र के विकास में जी. एस. घुर्ये, डी. पी. मुखर्जी एवं आर. के. मुखर्जी के योगदानों का वर्णन किया गया है। आशा है प्रस्तुत पुस्तक हिन्दी भाषी पाठकों को समाजशास्त्रीय चिन्तन के मूलाधार का परिचय देने में सफल सिद्ध होगी।
| Weight | 465 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Textbook Genre |
















सांख्यकारिका
मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास
व्यष्टि अर्थशास्त्र
विज्ञान का रहस्यलोक
आहार विज्ञान एवं पोषण
मानव विकास एवं पारिवारिक संबंध
रसायन विज्ञान
वस्त्र विज्ञान एवम् परिधान निर्माण
प्रसार शिक्षा
गद्य साहित्य
आओ मॉडल बनाएं
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