Social Commentary

  • Sale! Ravindranath Tagore ki Shresth Kahaniyan

    रवीन्द्रनाथ टैगोर की श्रेष्ठ कहानियाँ

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्व के उन विरल रचनाकारों में हैं जिनमें व्यक्तित्व और साहित्य का अद्भुत सामंजस्य मिलता है। टैगोर के व्यक्तित्व को देखकर ही लगता था कि साहित्य की व्यापकता सिमटकर उनमें मूर्त हो गयी है। उन्हें ‘गीतांजलि’ नामक कृति पर नोबेल पुरस्कार मिला, जिससे उनकी ख्याति सारे विश्व में फैल गयी। यदि यह पुरस्कार…

  • Sale! Chaploosi Ka Anushasan

    चपलूसी का अनुशासन

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    “चापलूसी का अनुशासन” एक ऐसा व्यंग्य संग्रह है जो व्यक्ति के भीतर छिपी चिपकी स्वार्थ और चापलूसी की प्रवृत्ति के छिलकों को उतारकर उजागर करने की कोशिश करता है। व्यक्ति अधिकारों के प्रति सजगता दिखा रहा है, किन्तु कर्त्तव्यों के प्रति उदासीन, ऐसा क्यों? ये व्यंग्य व्यक्ति के उन मनोवैज्ञानिक पक्षों का भी खुलासा करते…

  • Sale! Charnam Sharnam Gachaami

    चरणं शरणं गच्छामि

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    चरणम् शरणम् गच्छामि’ अजय अनुरागी के विविधता एवं नवीनता से युक्त प्रभावी व्यंग्यों का ऐसा संग्रह है जिसमें उपेक्षित एवं आम आदमी की पीड़ा को जुबान मिली है। इन व्यंग्यों में विज्ञापन जगत की अस्थायी चकाचौंध से लेकर राजनीति के झूठे झांसों व वादों के अभ्यस्तों, समाज की वैषम्यपूर्ण सोच से लेकर वैयक्तिक नैतिक पतन…

  • Sale! Sahitya me Punji Nivesh

    साहित्य में पूँजी निवेश

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    व्यंग्य विधा समाज से सीधा सम्बध रखने वाली विधा है। बदलते सामाजिक संदभों में व्यंग्य समाज की जरूरत बन गया है। अजय अनुरागी के व्यंग्य समाज की इसी जरूरत को पूरा करते हैं। “साहित्य में पूँजी निवेश” में व्यंग्यकार अपने समय की सही और सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है, भले ही वह कुरूप और भ‌ट्टी…

  • Sale! Beech Mein Sadak

    बीच में सड़क

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    “जयपुर तमाशा” के बाद “बीच में सड़क” अजय अनुरागी का दूसरा व्यंग्य उपन्यास है। एक छोटे मुहल्ले और छोटे लोगों के बसने और बिछुड़ने की त्रासदी की कथा है यह। पलायन और विस्थापन की पीड़ा के बीज इसमें बिखरे हुए हैं। एक बस्ती के बसने पर सुख-दुख, समस्याएँ- सुविधाएँ, संघर्ष-प्रेम, आत्मीयता-कटुता, समता- विषमता से सजा…

  • Sale! Anashwar Geet

    अनश्वर गीत

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹90.00.

    इक्कीसवीं सदी की हिंसा, आतंकवाद और अमानवीय अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाते गीतों का ओजस्वी संग्रह। यह पुस्तक रोशनी की तलाश और अंधकार को चीरकर मंजिल तक पहुँचने के आह्वान को व्यक्त करती है।

  • Sale! Sanskriti Shiksha aur Cinema

    संस्कृति शिक्षा और सिनेमा

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    संस्कृति, शिक्षा और सिनेमा के अंतरसंबंधों पर हेतु भारद्वाज के बेबाक आलेखों का संग्रह। यह पुस्तक अपने समय के सवालों, मानवीय संघर्षों और समाज की विसंगतियों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जो पाठक को सोचने पर विवश करती है।

  • Sale! Ghar-Ghar ki Ramleela

    घर-घर की रामलीला

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह समाज में व्याप्त विसंगतियों, विद्रूपताओं और राजनीति की अवसरवादिता पर गहरी चोट करता है। यह रोचक शैली में मानवीय मूल्यों के क्षरण को उजागर करते हुए पाठकों को अपने परिवेश पर सोचने को विवश करता है।

  • Sale! Dharti ek Kosmos me

    धरती एक कॉस्मोज में

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    आज के खुरदरे यथार्थ और समसामयिक समस्याओं से रूबरू कराती कहानियों का संग्रह। यह पुस्तक मानवीय संवेदनाओं, जिजीविषा और संघर्षों को अभिव्यक्त करती है, पाठक को जीवन की वस्तुस्थिति और शाश्वत मूल्यों से परिचित कराती है।

  • Sale! Meri Shresht Vyang Rachnayen

    मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएँ

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Meri Shresht Vyang Rachnayen सूर्यबाला की व्यंग्य यात्रा उनकी कथा यात्रा के समानांतर चलती आई है, जिसमें विट, ह्यूमर और परिहासी आवरण के बीच से विद्रूप उपजता है। ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग रचनाएँ’ संग्रह में आक्रोश और करुणा दोनों है, जिसमें शिष्ट हास्य को व्यंग्य की नक्काशी माना गया है। यह कृति ‘यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की’ जैसे व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर तीखा प्रहार करती है, जो पाठकों को विचारोत्तेजक और असरदार लगती है।

  • Sale! Bade Aadmi

    बड़े आदमी

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।

  • Sale! Farji Se Paida Bhayo

    फर्जी से पैदा भयो

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।

  • Sale! Afsar Ki Gaay

    अफ़सर की गाय

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।

  • Sale! Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya

    खुला बाजार उर्फ झुमरी तलैया

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya ‘खुला बाज़ार उर्फ़ झुमरी तिलैया’ अशोक प्रियदर्शी का एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार करती चलती है। यह संग्रह कहानी या ललित निबंध का आस्वाद देते हुए, विषय-वैविध्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और लेखक की भाषा का अपना अंदाज़ इसे अन्य व्यंग्य-लेखकों से अलग पहचान देता है, जो पाठक को विद्रूपता से परिचित कराता है।

  • Sale! Subah Ki Pahli Kiran

    सुबह की पहली किरण

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Subah Ki Pahli Kiran हीरा साधक की कहानियाँ हिन्दी पाठकों का नई अनुभूतियों और भावनाओं से परिचय कराएँगी। ‘सुबह की पहली किरण’ संग्रह की कहानियाँ ‘डेवलपमेंटल लिटरेचर’ के दायरे में आती हैं, जहाँ विकास और व्यापार जगत की गतिविधियाँ या लोकाचार विषय बनाए गए हैं। यह कृति शोषण, हताशा, और मध्यमवर्गीय समाज की पहचान को उजागर करती है, जिसका अनुवाद मंजुश्री साधक ने सरस हिंदी में किया है।

  • Sale! Chuhaa Nagar me 'Myawon'

    चूहा नगर में 'म्याऊँ'

    Original price was: ₹150.00.Current price is: ₹135.00.

    Chuhaa Nagar me ‘Myawon’ मनोहर वर्मा द्वारा लिखित ‘चूहा नगर में ‘म्याऊँ” एक कहानी संग्रह है जो मनोरंजक और विचारोत्तेजक कहानियों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करता है। यह कृति पाठकों को एक अनोखी दुनिया से साक्षात्कार कराती है, जहाँ सामान्य जीवन की घटनाओं को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।

  • Sale! Coat me Tanga Aadmee

    कोट में टँगा आदमी

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Coat me Tanga Aadmee डॉ. अजय अनुरागी का प्रथम कहानी संग्रह “कोट में टँगा आदमी” कथात्मक व्यंग्य और व्यंग्यात्मक कथा का मिश्रण है। ये कहानियाँ कथ्य के स्तर पर पाठकीय संवेदना को उद्वेलित करती हैं और मानवीय विकारों, अभीप्साओं, तथा मनुष्य के अंतस की गहराई का मनोविश्लेषणात्मक आकलन करती हैं, जो समय और परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य के अप्रासंगिक हो जाने की व्यथा को मार्मिकता से बुनती हैं।

  • Sale! Aangan Mein Kilakariyan

    आँगण में किलकारियाँ

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹90.00.

    Aangan Mein Kilakariyan डॉ. श्रीगोपाल काबरा का काव्य संग्रह ‘आँगण में किलकारियाँ’ राजस्थानी रंग में रंगी कविताओं का एक विशिष्ट संकलन है। यह ग्राम्य जीवन की इंद्रधनुषी छटाओं और प्रकृति के नानारंगी परिदृश्यों के कुशल चित्रण के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञानी होने के बावजूद विज्ञान की अनेक उपलब्धियों पर कटाक्ष करता है, जिसमें किराये की कोख जैसे संवेदनशील विषयों पर मन की पीड़ा व्यक्त की गई है।

  • Sale! Mantri Bankar Rahenge

    मंत्री बनकर रहेगे

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Mantri Bankar Rahenge अल्पना शर्मा की यह व्यंग्य रचनाएँ छोटी-छोटी विसंगतियों को उठाकर उन्हें व्यापक फलक प्रदान करती हैं। यह संग्रह उन विद्रूपताओं को उजागर करता है जिनकी अक्सर अनदेखी की जाती है, और लेखिका की भाषा में कटाक्ष और शालीन परिवेश का अद्भुत मेल है, जो मानव मन के मनोविज्ञान को भली प्रकार समझता है।

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