Alpana Sharma

डॉ. अल्पना शर्मा एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, लेखिका एवं साहित्यकार हैं, जिन्होंने हिन्दी साहित्य, बाल साहित्य तथा सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर अपने लेखन के माध्यम से विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से राजनीतिशास्त्र में एम.ए., नेट, एम.फिल. एवं पीएच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त की हैं।

लेखन एवं साहित्य सृजन के क्षेत्र में डॉ. शर्मा की सक्रिय उपस्थिति रही है। उनके लेख, कहानियाँ, व्यंग्य एवं अन्य रचनाएँ देश की अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। विशेष रूप से बाल साहित्य के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है, जहाँ उनकी अनेक पुस्तकें पाठकों द्वारा सराही गई हैं।

डॉ. शर्मा की प्रकाशित कृतियों में राष्ट्रीय पर्व एवं त्योहार तथा विश्वशान्ति का गांधीय प्रतिमान जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। उनके लेखन में शिक्षा, संस्कृति, समाज, राष्ट्रचेतना एवं मानवीय मूल्यों से जुड़े विषयों का प्रभावी चित्रण देखने को मिलता है।

एक शिक्षिका और लेखिका के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों में ज्ञान, संवेदनशीलता और सामाजिक जागरूकता के विकास को सदैव प्रोत्साहित किया है। साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उन्हें समकालीन हिन्दी लेखन की महत्वपूर्ण हस्तियों में स्थान दिलाता है।

Books by this Author


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  • Sale! Bhartiya Tyohar

    भारतीय त्योहार

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹80.00.
  • Sale! Vishva Shanti ka Gandhiya Pratiman

    विश्व शान्ति का गाँधीय प्रतिमान

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Vishva Shanti ka Gandhiya Pratiman महात्मा गाँधी के अहिंसा और शांति के परम संदेश का विश्लेषण करती यह पुस्तक, विश्व में व्याप्त समस्याओं और तनावों का समाधान गांधी दर्शन में खोजती है। डॉ. अल्पना शर्मा की यह कृति गाँधी के सिद्धांतों और प्रयोगों को व्यावहारिक बताते हुए, ‘सादा जीवन उच्च विचार’ और सत्य-अहिंसा जैसे अचूक हथियारों को विश्व को विनाश और अशांति से बचाने का मार्ग बताती है।

  • Sale! Mantri Bankar Rahenge

    मंत्री बनकर रहेगे

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Mantri Bankar Rahenge अल्पना शर्मा की यह व्यंग्य रचनाएँ छोटी-छोटी विसंगतियों को उठाकर उन्हें व्यापक फलक प्रदान करती हैं। यह संग्रह उन विद्रूपताओं को उजागर करता है जिनकी अक्सर अनदेखी की जाती है, और लेखिका की भाषा में कटाक्ष और शालीन परिवेश का अद्भुत मेल है, जो मानव मन के मनोविज्ञान को भली प्रकार समझता है।

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