₹800.00Original price was: ₹800.00.₹720.00Current price is: ₹720.00.
गौतमीपुत्र सातकर्णि के असाधारण पराक्रम और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण की गाथा। यह ऐतिहासिक उपन्यास शैव, बौद्ध और ब्राह्मण मतों की साधना-पद्धति, सामंती व्यवस्था और तत्कालीन जीवन की गहन अनुभूति को जीवंत करता है।
₹700.00Original price was: ₹700.00.₹630.00Current price is: ₹630.00.
द्वितीय शताब्दी के संक्रांति काल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास, गौतमीपुत्र सातकर्णि के अपराजेय व्यक्तित्व को चित्रित करता है। यह युग के ऐतिहासिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं को सहजता से अभिव्यक्त करता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
फाँसी के कैदियों की जेल पृष्ठभूमि पर आधारित यह मार्मिक नाटक, बूढ़े संतरी सिराजुद्दीन की आंतरिक उथल-पुथल को दर्शाता है। यह मानवीय भाव-संवेदनाओं की जटिलता और जेल के ‘खुले दरवाज़ों की क़ैद’ का गहरा अहसास कराता है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
महाभारत’ पर आधारित यह उपन्यास शकुनि के चरित्र को केंद्र में रखकर नारी सम्मान, स्त्री संवेदना और युद्ध-दर्शन की नवीन व्याख्या प्रस्तुत करता है। यह गांधारी के कृत्य और भीष्म-शकुनि के गुणों का आधुनिक सोच से विश्लेषण करता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Meri Shresht Vyang Rachnayen सूर्यबाला की व्यंग्य यात्रा उनकी कथा यात्रा के समानांतर चलती आई है, जिसमें विट, ह्यूमर और परिहासी आवरण के बीच से विद्रूप उपजता है। ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग रचनाएँ’ संग्रह में आक्रोश और करुणा दोनों है, जिसमें शिष्ट हास्य को व्यंग्य की नक्काशी माना गया है। यह कृति ‘यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की’ जैसे व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर तीखा प्रहार करती है, जो पाठकों को विचारोत्तेजक और असरदार लगती है।
₹175.00Original price was: ₹175.00.₹158.00Current price is: ₹158.00.
Shah Alam सुरेन्द्र कांत का उपन्यास ‘शाहआलम’ मुगल खानदान के गौरव के क्षरण की त्रासद कथा है, जहाँ मुगल शाहजादे विलास में डूबे निस्तेज और जर्जर हो रहे थे। यह कृति शाहआलम के देशभक्त और बहादुर सिपाही के रूप में भारत के राजाओं को जोड़कर दिल्ली के पुराने गौरव को प्राप्त करने के प्रयास को दर्शाती है, जो अपनी चारित्रिक दृढ़ता और पराक्रमशीलता से महान बनता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Seedhiyeon par Sapne डॉ. अजय अनुरागी का संग्रह ‘सीढ़ियों पर सपने’ जीवन की आकांक्षाओं, संघर्षों और सपनों पर आधारित कहानियों का एक अनूठा संकलन है। यह कृति मानवीय भावनाओं की गहराई में उतरकर, सपनों को साकार करने के लिए अथक प्रयासों और उनके रास्ते में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है, जो पाठकों को प्रेरित करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Wrong Number डॉ. अजय अनुरागी का उपन्यास ‘रॉंग नंबर’ अपनी विशिष्ट शैली और कथ्य के साथ पाठकों को एक नए अनुभव से रूबरू कराता है। यह कृति आधुनिक समाज की जटिलताओं, मानवीय संबंधों के उलझाव, और जीवन के अप्रत्याशित मोड़ों को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को सोचने पर विवश करेगी।
₹450.00Original price was: ₹450.00.₹405.00Current price is: ₹405.00.
Hamara Samay Sarokar aur Chintayein हेतु भारद्वाज ऐसे रचनाकार हैं जो अपने समय के सवालों से जूझते हैं। ‘हमारा समय सरोकार और चिंताएँ’ नामक यह पुस्तक स्त्री की अस्मिता, पुरुष की पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और राजनीति में अमर्यादित भाषा के प्रयोग जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से विचार करती है। यह कृति पाठक को बहस के लिए आमंत्रित करती है, उन्हें झकझोरती है और सोचने पर विवश करती है, जिसमें सही कहने की क्षमता का भी आभास होता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Ekla Chalo Re समकालीन हिन्दी कहानी के विकास में श्याम जांगिड़ एक सुपरिचित नाम है। उनकी कहानियाँ न शैल्पिक-घटाटोप से आक्रांत हैं न भाषा के दिखावटी विलास से, बल्कि उनमें ज़िन्दगी की विद्रूपताएँ और अभावग्रस्तता के बावजूद जीवन के प्रति मोह का स्पंदन है। ‘एकला चलो रे’ संग्रह की कहानियाँ ‘हंस’, ‘कथादेश’ जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं और पाठक को चकित, झंकृत और व्याकुल करती हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Bhartrihari ki Amar Rachna नीति, वैराग्य और श्रृंगार-शतकों के प्रणेता महाराजा भर्तृहरि की अमर रचनाओं का डॉ. पी.डी. शर्मा द्वारा अंग्रेजी में सरस अनुवाद। यह कृति भर्तृहरि के व्यापक अनुभव संसार और उनकी वाणी के मुख्य भाव वैराग्य को दर्शाती है, जो तीनों शतकों में व्यक्त भावशवलता, अभिव्यक्ति की भास्वरता और भाषा की सहजता के कारण विश्व की अनेक भाषाओं में अनूदित हुए हैं।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
SevaSadan प्रेमचंद का उपन्यास ‘सेवासदन’ भारतीय समाज में महिलाओं की दयनीय स्थिति, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण करता है। यह कृति एक युवा महिला के संघर्षों और सामाजिक दबावों को दर्शाती है, जो उसे एक वेश्यालय में ले जाते हैं, लेकिन अंततः वह समाज सेवा के माध्यम से मुक्ति पाती है। यह उपन्यास सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों की स्थापना का सशक्त संदेश देता है।
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₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Mile Sur Mera Tumhara मनमोहन सहगल का उपन्यास ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ आँचलिकता की गंध में लिपटी वर्तमान समाज की संकीर्णताओं का यथार्थ दस्तावेज है। यह पंजाब में प्रवासी मजदूरों के आयात, नशे की लत, कन्या भ्रूण हत्या, और आतंकी साया जैसे ज्वलंत मुद्दों को उजागर करता है, साथ ही पंजाबियों की उदारता, परिश्रम, सम-भाव, और संबंधों की मिठास को दर्शाते हुए ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा, सुर बने हमारा’ का विराट संदेश देता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Netaji ka Mundan प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा का व्यंग्य संग्रह ‘नेताजी का मुंडन’ देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्याप्त आपाधापी, घोटाले और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करता है। यह कृति विसंगतियों को अंदर तक उघाड़कर उनकी चीर-फाड़ करती है, हमें कहीं गुदगुदाती है, कहीं हँसाती है, कहीं रुलाती है और कहीं विसंगतियों के विरुद्ध संघर्ष करने का आह्वान करती है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Satyapath यादवेन्द्र शर्मा ‘चन्द्र’ का उपन्यास ‘सत्यपथ’ उनके पूर्ववर्ती उपन्यासों का आदर्शमूलक विस्तार है, जिसमें स्वतंत्र भारत के जीवन में आए बहुआयामी परिवर्तनों का विशद् रेखांकन किया गया है। उपन्यास का नायक गंगेश नये भारत के निर्माण के आधार सूत्रों का कर्णधार है, जो सर्वत्र सत्य का पक्ष लेता है और अपनी रोचक शैली से पाठक के मन में आदर्शों के प्रति गहरी आसक्ति उत्पन्न करता है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Nepathya Ke Davedar विधिक शास्त्र से सामान्य चिकित्सा शास्त्र के अनेक असामान्य जटिल प्रश्न चिह्न खड़े करती यह पुस्तक, डॉ. श्रीगोपाल काबरा द्वारा प्रस्तुत है। यह सत्य घटनाओं पर आधारित है और जनसाधारण को केस स्टडी के आधार पर चिकित्सा शास्त्र तथा विधिक शास्त्र के संदर्भ में एक चिकित्सक की मानसिकता को समझने का प्रयास है, जो दोनों विषयों के अध्ययन द्वारा शिक्षित होने की दृष्टि से ज्ञानवर्धक है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Ghar Apana-Apana शशिभूषण सिंघल का उपन्यास ‘घर अपना-अपना’ भारतीय घरों की पहचान और उनकी पारिवारिकता को दर्शाता है, जो टूट-फूट के बाद भी बनी हुई है। यह कृति गिरीश बाबू के बेटे राजीव के ऑस्ट्रेलिया जाने, बेटी सुलक्षणा के आत्मनिर्भर बनने, और अशोक के माता-पिता के साथ रहने जैसे विविध पारिवारिक रूपों को रोचक शैली में प्रस्तुत करती है, जहाँ बिखरे-सँवरते घरों की कशमकश में आदमी से आदमी के जुड़ने का संदेश है।