₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Coat me Tanga Aadmee डॉ. अजय अनुरागी का प्रथम कहानी संग्रह “कोट में टँगा आदमी” कथात्मक व्यंग्य और व्यंग्यात्मक कथा का मिश्रण है। ये कहानियाँ कथ्य के स्तर पर पाठकीय संवेदना को उद्वेलित करती हैं और मानवीय विकारों, अभीप्साओं, तथा मनुष्य के अंतस की गहराई का मनोविश्लेषणात्मक आकलन करती हैं, जो समय और परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य के अप्रासंगिक हो जाने की व्यथा को मार्मिकता से बुनती हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Aachrya Chanakya भारतीय इतिहास में आचार्य चाणक्य के प्रवेश के साथ ही मौर्य काल का उदय हुआ, जिसने भारतवर्ष को एक विशाल एवं सशक्त साम्राज्य के रूप में स्थापित किया। हरदान हर्ष का यह उपन्यास चाणक्य के व्यक्तित्व, विचारधारा और उनकी नीति-कुशलता को अभिव्यक्त करता है, जिसमें नंदवंश के विनाश, मौर्य साम्राज्य की स्थापना और चंद्रगुप्त मौर्य को राज्यपद पर आसीन करने में उनकी महती भूमिका रही।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹90.00Current price is: ₹90.00.
Aangan Mein Kilakariyan डॉ. श्रीगोपाल काबरा का काव्य संग्रह ‘आँगण में किलकारियाँ’ राजस्थानी रंग में रंगी कविताओं का एक विशिष्ट संकलन है। यह ग्राम्य जीवन की इंद्रधनुषी छटाओं और प्रकृति के नानारंगी परिदृश्यों के कुशल चित्रण के साथ-साथ चिकित्सा विज्ञानी होने के बावजूद विज्ञान की अनेक उपलब्धियों पर कटाक्ष करता है, जिसमें किराये की कोख जैसे संवेदनशील विषयों पर मन की पीड़ा व्यक्त की गई है।
₹150.00Original price was: ₹150.00.₹135.00Current price is: ₹135.00.
Hindi Katha Sahitya Ka Itihas हिन्दी कहानी के एक शताब्दी के हलचल भरे, किन्तु अकादमिक दृष्टि से समृद्ध इतिहास का मूल्यांकन। हेतु भारद्वाज की यह कृति गुलेरी की ‘उसने कहा था’ से लेकर प्रेमचन्द, प्रसाद, जैनेन्द्र, और स्वातंत्र्योत्तर काल के कहानीकारों तक की विकास यात्रा को निर्लिप्त भाव से समझने का प्रयास करती है, हिन्दी कहानी के विभिन्न आंदोलनों और प्रवृत्तियों का मूल्यांकन करती है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Forts & Palaces of Rajasthan: History, Art and Architecture Explore the magnificent forts and palaces of Rajasthan, embodying a unique blend of Mughal-Rajput architecture. Sanjeev Kumar Bhasin’s book delves into their history, art, and architectural evolution from pre-medieval building materials to dominating red sandstone and white marble, highlighting their resilience against invaders and their conversion into heritage hotels.
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Raste Band Nahi Hote हेतु भारद्वाज की कहानियाँ व्यापक युगीन तनावों—गाँव और नगर का तनाव, आर्थिक तनाव, सामाजिक संबंधों का तनाव—को केंद्रवर्ती वस्तु तत्त्व के रूप में नियोजित करती हैं। ये कहानियाँ समाज की विविध परतों को छानकर, मानवीयता के पक्ष को प्रबलता से उजागर करती हैं और व्यवस्था के खोखलेपन तथा नौकरशाही के नग्न नृत्य के बीच टूटते मध्यवर्ग की पीड़ा को पूरी तीव्रता के साथ उभारती हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Rajasthn ke Sanskritik Lokgeet लोक-साहित्य में लोकगीतों का विशिष्ट स्थान है, जिनके पीछे एक समृद्ध संस्कृति है। लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत का यह संग्रह गर्भावस्था से लेकर विवाह, विदा, गृहस्थ जीवन और दाम्पत्य सुख-दुःख तक के मानवीय पहलुओं पर मार्मिक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक राजस्थान के लोकगीतों को सुरक्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Vishva Shanti ka Gandhiya Pratiman महात्मा गाँधी के अहिंसा और शांति के परम संदेश का विश्लेषण करती यह पुस्तक, विश्व में व्याप्त समस्याओं और तनावों का समाधान गांधी दर्शन में खोजती है। डॉ. अल्पना शर्मा की यह कृति गाँधी के सिद्धांतों और प्रयोगों को व्यावहारिक बताते हुए, ‘सादा जीवन उच्च विचार’ और सत्य-अहिंसा जैसे अचूक हथियारों को विश्व को विनाश और अशांति से बचाने का मार्ग बताती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Ek Ghadhe ki Udasi डॉ. अजय अनुरागी का यह आठवाँ व्यंग्य संग्रह व्यक्ति एवं समाज की विडम्बनाओं, विरोधाभासी प्रवृत्तियों और मन के अंतर्विरोधों का प्रकटीकरण है। इसमें राजनीति के छल-छद्मों और समाज में व्याप्त विसंगतियों पर तीखा प्रहार किया गया है, जो पाठक को संघर्ष की मशाल उठाए प्रकाश बिखेरता हुआ दिखाता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Sheel Ka Himalaya ओमप्रकाश शर्मा ‘महामौनी’ का पौराणिक उपन्यास ‘शील का हिमालय’ गुरुकुलों में प्रदान की जाने वाली भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली और संयमी, सदाचार के श्रेष्ठ प्रतीक कच के चरित्र से परिचित कराता है। यह कृति शील और संयम के अविचल हिमाचल कच के व्रत की दृढ़ता को दर्शाती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Mantri Bankar Rahenge अल्पना शर्मा की यह व्यंग्य रचनाएँ छोटी-छोटी विसंगतियों को उठाकर उन्हें व्यापक फलक प्रदान करती हैं। यह संग्रह उन विद्रूपताओं को उजागर करता है जिनकी अक्सर अनदेखी की जाती है, और लेखिका की भाषा में कटाक्ष और शालीन परिवेश का अद्भुत मेल है, जो मानव मन के मनोविज्ञान को भली प्रकार समझता है।
₹600.00Original price was: ₹600.00.₹540.00Current price is: ₹540.00.
Vishv ke rochak swajati Bhakshi Jeev विश्व में पाई जाने वाली लगभग 140 स्वजाति भक्षी जीवों की जातियों और उपजातियों का सचित्र परिचय। डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा लिखित यह पुस्तक मानव में असामान्य समझे जाने वाले इस व्यवहार को जीवों के लिए सामान्य व्यवहार के रूप में प्रस्तुत करती है, जो शिकारी जीवों में भोजन की कमी या गलती से उत्पन्न होता है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Vidhyut aur Prakash Utpan karne vale Rochak Jeev धरती पर पाए जाने वाले विद्युत और प्रकाश उत्पन्न करने वाले 500 से अधिक विलक्षण जीवों का सचित्र परिचय। डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा लिखित यह पुस्तक बताती है कि कैसे ये जीव शिकार, सुरक्षा या प्रजनन के लिए विद्युत और प्रकाश का उपयोग करते हैं, जो वैज्ञानिकों के अथक प्रयास का परिणाम है और सामान्य पाठकों के लिए भी अत्यंत रोचक है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Jal Sankat Sarakshan evam bhavishya ki Chunotiya जल संकट, संरक्षण और भविष्य की चुनौतियों पर केंद्रित यह पुस्तक, पृथ्वी पर उपलब्ध जल के वितरण, बढ़ती मांग, बाढ़ की समस्या, भूजल संरक्षण, और जल प्रदूषण का विस्तृत विवेचन करती है। यह पारंपरिक विधियों को सम्मिलित कर जल संरक्षण के लिए सरकारी सक्रियता और जन जागरूकता के महत्व पर बल देती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Computer Shabd-Kosh कम्प्यूटर विज्ञान (Computer Science) से संबंधित तकनीकी शब्दों को हिन्दी वर्णमाला के अनुसार व्यवस्थित करता यह शब्दकोश, प्रहलाद शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया है। यह तकनीकी शब्दों को सरलतापूर्वक समझाने के लिए चित्रों का प्रयोग करता है, जो कम्प्यूटर विज्ञान के विद्यार्थियों और आम लोगों दोनों के लिए उपयोगी है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Meera (Atihasik Upanyas) हरदान हर्ष का ऐतिहासिक उपन्यास ‘मीराँ’ राजस्थान की पुण्य भूमि में जन्मी अनन्य भक्त मीराँ के संपूर्ण जीवन-चरित्र का जीवंत चित्रण है। यह कृति उनकी बाल्यकाल से भक्तिभावना, मेवाड़-अधिपति राणा सांगा की पुत्रवधु बनने, और पति की मृत्यु के बाद पूर्णतः कृष्णमय होकर बृन्दावन व द्वारिका में शेष जीवन बिताने की कहानी को तत्कालीन समाज, राजनीति और धार्मिक परिदृश्य के साथ कुशलतापूर्वक प्रस्तुत करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Vinoba Bhave : Samajik Rajnetik Chintan डॉ. रवीन्द्र कुमार सोहोनी की यह कृति आचार्य विनोबा भावे के सामाजिक-राजनीतिक चिंतन का विश्लेषण करती है, जो पाश्चात्य विद्वानों की भारतीय राजनीतिक चेतना की शून्यता की भ्रामक अवधारणा का खंडन करती है। यह पुस्तक विनोबा के विवेक को सर्वोपरि मानने, उनके प्रयोगधर्मी चिंतन और जनमानस को झकझोरने की उनकी भूमिका को उजागर करती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Jaliya Sarisrap Kosh ‘जलीय सरीसृप कोश’ सरीसृपों के संबंध में प्रचलित भ्रांतियों का खंडन करती है और नवीनतम शोधों से प्राप्त रोचक तथ्यों का वैज्ञानिक ढंग से परिचय देती है। डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा लिखित यह विश्वकोश साँप, छिपकली, कछुआ और नक्रगण जैसे जीवों की शारीरिक संरचना, ठंडे खून की प्रकृति और उनके व्यवहार की विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Ubhaychar Kosh डॉ. परशुराम शुक्ल द्वारा लिखित ‘उभयचर कोश’ ऐसे जीवों का विश्वकोश है जो अपना जीवन जमीन और पानी दोनों में व्यतीत करते हैं। यह पुस्तक मेढक, टोड, सरटक और सैसीलियन जैसे उभयचरों के निवास स्थल, शारीरिक संरचना, भोजन, प्रजनन संबंधी आदतों और व्यवहारों में पाई जाने वाली बड़ी विविधता का परिचय देती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Vinoba Bhave Bhudan Yag Praneta “तेरी पुकार सुनकर तेरे पीछे कोई भी न आये, तो भी तू आगे चलता चला जा।” रवीन्द्रनाथ टैगोर के इस गीत की सार्थकता को दर्शाते हुए, यह पुस्तक विनोबा भावे के जीवन और उनके भूदान यज्ञ आंदोलन की प्रेरणादायक कहानी है। यह कृति उनके उपदेशों और जीवन उद्देश्य को मौजूदा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत सिद्ध करती है, जो आर्थिक और सामाजिक विषमता के समाधान के लिए अहिंसक तरीकों पर बल देती है।