₹370.00Original price was: ₹370.00.₹296.00Current price is: ₹296.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 5 (इतिहास) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹120.00Original price was: ₹120.00.₹96.00Current price is: ₹96.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 2 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 1 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹100.00Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 1 (हिन्दी) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
यह पुस्तक प्रसार शिक्षा एवं गृह-विज्ञान से संबंधित सामाजिक, शैक्षिक और सामुदायिक विषयों को अकादमिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। इसमें शिक्षा, संचार, ग्रामीण समाज, महिला एवं परिवार कल्याण तथा विकासात्मक कार्यक्रमों से जुड़े सिद्धान्त और अवधारणाएँ सम्मिलित हैं। यह पाठ्यपुस्तक मुख्यतः गृह-विज्ञान, शिक्षा एवं सामाजिक विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। पुस्तक की भाषा हिंदी है, साथ में अंग्रेज़ी शब्दावली का प्रयोग किया गया है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
यह पुस्तक मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित विषयों का शैक्षणिक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसमें गर्भावस्था, प्रसव, प्रसवोत्तर अवस्था, शिशु पोषण, रोग प्रतिरोध, तथा मातृ एवं बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का विवेचन है। विषयवस्तु स्वास्थ्य, गृह विज्ञान अथवा संबंधित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है। पुस्तक की भाषा हिंदी है तथा आवश्यक स्थानों पर अंग्रेज़ी शब्दावली का प्रयोग किया गया है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
जन स्वास्थ्य की समुचित देखभाल आज की महती आवश्यकता है। इसी के फलस्वरूप स्वास्थ्य के प्रति जो जागरूकता आई है, वह उल्लेखनीय है। स्वास्थ्य का कोई पक्ष ऐसा नहीं है, जिसकी अनदेखी की जाये। यह भी सही है कि स्वास्थ्य के लिए चुनौतियाँ निरन्तर बढ़ती जा रही हैं, लेकिन व्यक्ति की सार्थक सोच ने इसके गम्भीर खतरों को कम भी किया है। हमारे खान-पान तथा रहन- सहन के स्तर ने स्वास्थ्यगत जटिलताओं को अपेक्षाकृत सरल किया है, उसी का परिणाम है कि घर-घर में स्वास्थ्य के प्रति जागृति की नयी लहर- सी पैदा हो गयी है। प्रस्तुत पुस्तक इन्हीं आयामों को उद्घाटित करती है और ग्वास्थ्य के प्रति नया दृष्टिकोण पैदा करती है।
प्रस्तुत पुस्तक में पर्यावरण स्वच्छता, विद्यालयी स्वास्थ्य, सामुदायिक स्वास्थ्य, प्रतिकारिता एवं प्रतिरक्षण, जन स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य सेवायें, विभिन्न रोगों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी है। साथ ही प्रजनन तंत्र, गर्भावस्था के लक्षण एवं संकेत, गर्भावस्था में होने वाले कष्ट, गर्भकालीन देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भपात, नवजात शिशु की देखभाल जैसे सामान्य विषयों को भी समेटा गया है जो जन-चेतना एवं जागृति की दृष्टि से भी अति महत्त्वपूर्ण हैं। भोजन एवं पोषण, भोजन पकाने की विभिन्न विधियाँ एवं भोजन के कार्य एवं वर्गीकरण जैसे विषयों पर गहन प्रकाश डाला गया है। यह पुस्तक गृहिणियों एवं नर्सों के लिए भी उपयोगी एवं लाभदायक सिद्ध होगी।
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₹270.00Original price was: ₹270.00.₹243.00Current price is: ₹243.00.
मानव और प्रकृति के परस्पर सम्बन्धों और अन्तर्क्रियाओं से मानव सभ्यता का विकास हुआ है। पर्यावरण के विभिन्न उपादानों का मानव जीवन पद्धति पर गहरा प्रभाव पड़ता है, इसलिए भूगोल विषय का अध्ययन प्राकृतिक उपादानों के सन्दर्भ में मनुष्य को केन्द्र में रखकर किया जाता है। मनुष्य की विकास-यात्रा में आर्थिक संसाधनों का सार्थक हस्तक्षेप…
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