₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Bhartiya Samaj me Naree वर्तमान सदी में उभरे नारी विमर्श में ‘भारतीय समाज में नारी’ एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। वीरेंद्र प्रकाश शर्मा द्वारा लिखित यह कृति नारी की अस्मिता की रक्षा के लिए किए जा रहे औपचारिक प्रयासों, नारी समस्याओं और उनके निराकरण के उपायों का विश्लेषण करती है। यह लिंग और जेंडर अवधारणाओं, समानता, न्याय, और संवैधानिक प्रावधानों की विशद् व्याख्या करती है, जो पाठ्यक्रमों के लिए विश्वसनीय सामग्री है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Mahila Sashaktikaran प्रियंका माथुर की यह पुस्तक पुरुष प्रधान समाजों में नारी को मिली द्वितीय श्रेणी की नागरिकता पर केंद्रित है। यह नारी सशक्तिकरण के जैविक और मनोवैज्ञानिक परिप्रेक्ष्य, विकास प्रक्रिया, सामाजिक और आर्थिक कार्यक्रमों, तथा संवैधानिक प्रावधानों की विशद् व्याख्या करती है। यह कृति साइमन द बोउवा और कैट मिलैट जैसी नारीवादी चिन्तकों के प्रभाव को दर्शाती है, जो नारी-जागरण और सशक्तिकरण के आंदोलन की पैरवी करती है।
₹500.00Original price was: ₹500.00.₹450.00Current price is: ₹450.00.
Nari Tum Kya ? नारी जीवन भर पुरुष के लिए चुनौती रही है, फिर भी लेखक के मन में नारी के प्रति गहरा सम्मान भाव रहा है। एम. ए. अंसारी की यह कृति नारी को भोग वस्तु नहीं, बल्कि पूज्य आद्याशक्ति के रूप में देखती है। यह पुरुष की उस भावना का खंडन करती है जो नारी के बाह्य-सौन्दर्य पर आसक्त रहती है, और नारी जीवन को उन्नत व दृष्टि सम्पन्न बनाने का दायित्व पुरुष का ही मानती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Nari Jeevan : Sulagte prashn नारी का जीवन सुलगते प्रश्नों का पर्याय है। एम. ए. अंसारी की यह कृति पितृसत्तात्मक समाजों में नारी की दयनीय स्थिति और उसके शोषण पर अंगुली उठाती है। यह नारी मुक्ति की तीव्र स्फुरण को रेखांकित करती है, जो नारी को पुरुष के बनाए विधान की सीमाओं को लांघने का प्रयास करने लगी है, और नारी जीवन के भयावह अतीत तथा संघर्षशील वर्तमान का समग्र चित्र प्रस्तुत करती है।