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Samakalin Rajniti Ke Pramukh Ayam

समकालीन राजनीति के प्रमुख आयाम

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 240
Edition: Second, 2013
Published Year: 2008
ISBN: 978-81-7056-425-6

Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

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Samakalin Rajniti Ke Pramukh Ayam राजनीति विज्ञान में समकालीनता को रेखांकित करने का एक दुष्कर कार्य, यह कृति समकालीन भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख आयामों का विश्लेषण करती है। डॉ. अरुण चतुर्वेदी और डॉ. संजय लोढ़ा द्वारा संपादित यह पुस्तक, भाषायी और अभिव्यक्ति के मापदंड पर श्रेष्ठ लेखों का संकलन है, जो राजस्थान के राजनीतिक वैज्ञानिकों के योगदान को भी उजागर करती है।

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सामाजिक विज्ञानों के अध्ययन की परम्पराओं में समकालीनता को रेखांकित करना कठिन होता है। राजनीति विज्ञान के अध्ययन में यह दुविधा और भी दुष्कर हो जाती है, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक समाजों के संदर्भ और कारक असमान होते हैं। विहंगम इतिहास वाले समाजों में समकालीनता को व्यापक रूप में देखा जाता है, जबकि नवोदित राज्यों के लिये समकालीनता का क्षेत्र अपेक्षाकृत सीमित होता है। अन्तर्राष्ट्रीय संदर्भ में शीत युद्ध की समाप्ति के पश्चात् के समय को समकालीन माना गया है जबकि राष्ट्रीय संदर्भ में स्वतन्त्रता के बाद उत्पन्न युद्धों को इस दायरे में रखा गया। प्रस्तुत कृति के सम्पादकों के समक्ष भी यह प्रश्न रहा कि समकालीनता का कौनसा रूप स्वीकार्य हो ?

दूसरी समस्या यह थी कि समकालीनता के किन राजनीतिक आयामों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें इस संकलन में स्थान दिया जाय। इस पुस्तक में उन्हीं लेखों को स्थान दिया गया है जो विषयवस्तु की दृष्टि से प्रासांगिक और समकालीन हैं तथा भाषा और अभिव्यक्ति के मापदण्ड पर श्रेष्ठ हैं। संकलित लेखों को चार भागों में व्यवस्थित किया गया है। भाग एक में राजनीतिक चिन्तन और दर्शन से सम्बन्धित आलेखों को सम्मिलित किया गया है। भाग दो का सम्बन्ध भारतीय राजनीतिक व्यवस्था से है। भाग तीन की सामग्री अन्तर्राष्ट्रीय राजनीति और भारतीय विदेश नीति से सम्बन्धित प्रसंगों को सम्बोधित करती है और भाग चार के लेख राजस्थान की राजनीति से सम्बन्धित हैं।

यह कृति यह भी स्थापित करती है कि इस क्षेत्र में राजस्थान के राजनीतिक वैज्ञानिकों का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है तथा राजस्थान में राजनीति विज्ञान के अध्ययन और लेखन की श्रेष्ठ परम्परा रही है, जिसे राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तरों पर मान्यता मिली है। यह अध्ययन इसी परम्परा को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है।

Weight400 g
Dimensions22 × 14.5 × 2 cm
Genre

Textbook Genre

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