Kishor se Yuva hone tak
किशोर से युवा होने तक
Original price was: ₹150.00.₹120.00Current price is: ₹120.00.
You Save 20%
In stock
मेडिकल विज्ञान की दृष्टि से मस्तिष्क की पीयूष ग्रंथि द्वारा विशेष हार्मोन्स का निर्माण होने पर प्यूबर्टी या किशोरावस्था आरम्भ होती है। ये हार्मोन्स जननेन्द्रियों का विकास करते हैं, इन्हीं के कारण किशोरावस्था में शारीरिक- भावात्मक बदलाव होते हैं।
इस समय में माता-पिता की भूमिका किशोर बच्चों की समस्याओं को समझकर सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार से उनमें आत्मविश्वास उत्पन्न कर, उन्हें सत्यपथगामी बनाने के लिए सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है। सही समय पर सही यौन शिक्षा आज की भौतिक-भोगवादी खुली संस्कृति का अनिवार्य अंग है।
इस कृति में किशोरवय से सम्बन्धित समस्याओं-संवेदात्मक व व्यावहारिक, शिक्षा, पढ़ाई में पिछड़ापन, शारीरिक विकास, मोटापा, नशे की आदत, आत्महत्या की प्रवृत्ति, यौनिकता, प्रेम और सम्बन्ध, एड्स, एच.आई.वी., जीविका उपार्जन एवं विवाह सम्बन्धी जानकारियाँ विस्तार से दी गई हैं। इससे स्वयं किशोर-किशोरी अथवा उनके अभिभावक लाभ उठाकर उनके जीवन को स्वस्थ और सार्थक बना सकेंगे।
डॉ. अविनाश बंसल ने ‘किशोरावस्था’ पर विशेष अध्ययन, चिन्तन-मनन एवं अनुभव के आधार पर श्रमपूर्वक इस ग्रन्थ को तैयार किया है। उनकी अभिव्यक्ति शैली अत्यन्त स्पष्ट एवं भाषा बोधगम्य है। किशोर- समस्याओं पर यह पुस्तक प्रामाणिक है।
| Weight | 290 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Textbook Genre |







Reviews
There are no reviews yet.