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Jansanchar avam Patrkarita

जनसंचार एवं पत्रकारिता

Language: Hindi
Format: Hardcover
Pages: 184
Publisher: Jyoti Prakashan
Edition: Third, 2008
Published Year: 2003
ISBN: 81-87988-15-0

Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

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Jansanchar avam Patrkarita जनसंचार अभिव्यक्ति का सर्वोत्तम माध्यम, व्यवसाय और जनमानस को उद्दीप्त करने का साधन है। सुषमा चतुर्वेदी की यह पुस्तक साहित्य, कला, दर्शन, समाज, संस्कृति और प्रौद्योगिकी के प्रचार-प्रसार के सशक्त माध्यमों—रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र, सिनेमा, और इंटरनेट—की रचनात्मक सम्पूर्णता की व्याख्या करती है।

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जनसंचार अभिव्यक्ति का माध्यम है, सर्वोत्तम व्यवसाय है तथा जनमानस को उद्दीप्त करने का साधन भी। साहित्य, कला, दर्शन, समाज, संस्कृति, दर्शन एवं प्रौद्यगिकी के प्रचार एवं प्रसार का सशक्त माध्यम है जनसंचार। जनता, समाज, राष्ट्र एवं विश्व के सजग प्रहरी जनसंचार के समस्त माध्यम हैं। जनसंचार सामाजिक नियन्त्रण का एक प्रमुख उपकरण होने के साथ ही सामाजिक परिवर्तन का भी एक प्रमुख स्रोत है। जनसंचार एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक या कुछ विचारों को कुछ विशेष माध्यमों के द्वारा सम्पूर्ण समुदाय तक पहुँचाया जाता है। रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र, सिनेमा, टेलीफोन, इण्टरनेट, सार्वजनिक भाषण, जनमत-सर्वेक्षण तथा कार्टून आदि इसी तरह के माध्यम हैं। जनसंचार उन साधनों और प्रविधियों की रचनात्मक सम्पूर्णता है जिसके द्वारा बहुत से लोगों में विचारों का सम्प्रेषण करके सामाजिक तथा वैचारिक सहभागिता में वृद्धि की जाती है। जनसंचार के समस्त साधनों में टेलीविजन, प्रेस, चलचित्र तथा दूरसंचार का अन्य माध्यमों की अपेक्षा अधिक महत्त्व माना जाता है। इसके बावजूद दूसरे साधन भी कम महत्त्वपूर्ण नहीं हैं। प्रस्तुत पुस्तक में जनसंचार के प्रमुख साधनों की व्याख्या की गई है।

Weight370 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 2 cm
Textbook Genre

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