₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
यह पुस्तक राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर तथा बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के सेमेस्टर 2 (इतिहास) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
यह पुस्तक महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर के सेमेस्टर 2 (इतिहास) के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार की गई यह पुस्तक विद्यार्थियों को सरल भाषा में स्पष्ट, संगठित एवं परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री प्रदान करती है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
विषय-सूची पुनर्जागरण (Renaissance) धर्म सुधार आन्दोलन (मार्टिन लूथर के विशेष सन्दर्भ में) अमेरिका का स्वतन्त्रता संग्राम (The American War of Independence) औद्योगिक क्रान्ति (Industrial Revolution) फ्रांस की क्रान्ति (French Revolution) नेपोलियन बोनापार्ट का उदय (Rise of Napoleon Bonaparte) वियना समझौता (मेटरनिख के विशेष सन्दर्भ में) यूरोप की संयुक्त व्यवस्था (Concert of Europe) इटली का एकीकरण…
₹325.00Original price was: ₹325.00.₹260.00Current price is: ₹260.00.
विषय-सूची सामन्तवाद का उदय एवं पतन पूँजीवाद की शुरुआत पुनर्जागरण धर्म सुधार आन्दोलन अमेरिका का स्वतन्त्रता संग्राम कृषि क्रान्ति एवं औद्योगिक क्रान्ति : नये सामाजिक वर्गों का उदय फ्रांस की क्रान्ति नेपोलियन बोनापार्ट का उदय अनुदारवाद का युग यूरोप में उदारवाद और राष्ट्रवाद इटली का एकीकरण जर्मनी का एकीकरण पूर्वी समस्या एशिया और अफ्रीका का…
₹370.00Original price was: ₹370.00.₹296.00Current price is: ₹296.00.
विषय-सूची पुनर्जागरण एवं आधुनिक युग का प्रारम्भ धर्म सुधार आन्दोलन सामन्तवाद से पूँजीवाद अमेरिका की क्रान्ति फ्रांस की राज्य क्रान्ति नेपोलियन बोनापार्ट का उदय एवं पतन औद्योगिक क्रान्ति 19वीं शताब्दी में राष्ट्रवाद का अभ्युदय जर्मनी का एकीकरण (1815–1870) इटली का एकीकरण (1815–1870) यूरोप में 1830 एवं 1848 की क्रान्तियाँ साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद का विकास…
₹325.00Original price was: ₹325.00.₹260.00Current price is: ₹260.00.
सामान्यतः पुनर्जागरण से पश्चिमी संसार के आधुनिक युग का प्रास्म्भ माना जाता है। पुनर्जागरण के परिणामस्वरूप मध्यकालीन मान्यताओं और अन्धविश्वासों का अन्त हुआ। इसने धर्म सुधार आन्दोलन को जन्म दिया जिसने लोगों को चर्च के कट्टर बन्धनों से मुक्त किया। भौगोलिक खोजों तथा वैज्ञानिक आविष्कारों ने उनके कार्यक्षेत्र को विश्वव्यापी आधार प्रदान किया। व्यापार-वाणिज्य के अभूतपूर्व विकास से उपनिवेशवाद की शुरुआत हुई। इसी समय पश्चिमी संसार में राष्ट्र राज्यों की स्थापना हुई जिससे राष्ट्रवाद की भावना को बल मिला। कृषि क्रान्ति और औद्योगिक क्रान्ति ने औपनिवेशिक प्रतिस्पर्धा को परवान चढ़ाया।
इंगलैण्ड की गौरवपूर्ण क्रान्ति, अमेरिका का स्वतन्त्रता संघर्ष और फ्रांस की राज्य क्रान्ति ने मध्ययुगीन निरंकुशु तन्त्र पर मर्मान्तक प्रहार कर आधुनिक लोकतन्त्र और मानव के मौलिक अधिकारों का मार्ग प्रशस्त किया। उन्नीसवीं सदी का पश्चिमी इतिहास राष्ट्रों की एकता और स्वतन्त्रता क़ा इतिहास रहा। इटली और जर्मनी का एकीकरण सम्पन्न हुआ। राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ ही पश्चिमी संसार में समाजवादी और मार्क्सवादी विचारधारा का भी तेजी से विकास हुआ। प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान रूस में बोल्शेविक क्रान्ति सम्पन्न हुई और रूस में साम्यवादी शासन की स्थापना हुई। प्रथम महायुद्ध के बाद इटली, जर्मनी, जापान आदि देशों में अधिनायकवादी विचारधारा का विकास हुआ जिसके परिणामस्वरूप समूचे संसार को द्वितीय विश्वयुद्ध का सामना करना पड़ा। दूसरे महायुद्ध ने पश्चिम की साम्राज्यवादी शक्तियों को इतना कमजोर बना दिया कि वे उपनिवेशों के राष्ट्रीय आन्दोलनों को कुचलने में असमर्थ रहे और यहीं से विउपनिवेशीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई।
प्रस्तुत पुस्तक में सामन्तवाद के उदय से लेकर पश्चिम के औपनिवेशिक साम्राज्य के अवसान तक की प्रमुख घटनाओं का सरल भाषा में वर्णन किया गया है।
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