Sustainable Development

  • Sale! Paryavaran Bhugol

    Paryavaran Bhugol

    By: Dr. B.C. Jat (+1 more)
    Original price was: ₹380.00.Current price is: ₹342.00.
  • Sale! Paristhitiki Evam Paryavaran

    Paristhitiki Evam Paryavaran

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Paristhitiki Evam Paryavaran ‘पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण’ हरिश्चंद्र व्यास द्वारा लिखित एक ऐसी पुस्तक है जो पारिस्थितिक-संतुलन और शुद्ध पर्यावरण के महत्व को उजागर करती है। यह विभिन्न प्रदूषणों का प्रामाणिक आधार पर विवरण प्रस्तुत करती है, उनके कारणों, परिणामों और निवारणों के साथ-साथ पारिस्थितिक-संतुलन स्थापित करने के लिए सृजनात्मक एवं व्यावहारिक सुझाव देती है, जो पर्यावरण संचेतना की दिशा में एक अनूठी कृति है।

  • Sale! Aapaad Prabhandhan

    Aapaad Prabhandhan

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Aapaad Prabhandhan इक्कीसवीं सदी में सारी दुनिया किसी-न-किसी आपदा का प्रभाव झेल रही है। डॉ. बी.सी. जाट की यह पुस्तक प्राकृतिक प्रकोप एवं आपदाओं—भूकंप, ज्वालामुखी, सुनामी, बाढ़, सूखा, चक्रवात, मरुस्थलीकरण—का परिचय, उनके प्रभाव और आपदा प्रबंधन एवं सतत विकास के उपायों पर प्रकाश डालती है, जो शोधकर्ताओं और नियोजनकर्त्ताओं के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Paryavaran Avnayan avam Prabandhan

    Paryavaran Avnayan avam Prabandhan

    By: Mukesh Kumar Chopra (+1 more)
    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Paryavaran Avnayan avam Prabandhan इक्कीसवीं सदी में पृथ्वी पर दृष्टिगत पर्यावरणीय परिवर्तनों और सतत् विकास की चुनौतियों पर केंद्रित यह पुस्तक, विश्व तापमान में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसे ज्वलंत विषयों की सारगर्भित विवेचना करती है। यह पर्यावरण अवनयन और प्रबंधन से संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों का वर्णन भी करती है, जो अध्ययनरत व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए अनुपम सिद्ध होगी।

  • Sale! Swasthya evam Paryavaran : Sustir Vikas ki Chunautiyan

    Swasthya evam Paryavaran : Sustir Vikas ki Chunautiyan

    Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹315.00.

    Swasthya evam Paryavaran : Sustir Vikas ki Chunautiyan स्वच्छता और पर्यावरण के सतत विकास की चुनौतियों पर केंद्रित यह पुस्तक, आधुनिक जीवन में स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन के महत्व को रेखांकित करती है। यह एक स्वस्थ और टिकाऊ भविष्य के लिए आवश्यक उपायों पर विचार करती है।