₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
“चापलूसी का अनुशासन” एक ऐसा व्यंग्य संग्रह है जो व्यक्ति के भीतर छिपी चिपकी स्वार्थ और चापलूसी की प्रवृत्ति के छिलकों को उतारकर उजागर करने की कोशिश करता है। व्यक्ति अधिकारों के प्रति सजगता दिखा रहा है, किन्तु कर्त्तव्यों के प्रति उदासीन, ऐसा क्यों? ये व्यंग्य व्यक्ति के उन मनोवैज्ञानिक पक्षों का भी खुलासा करते…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
चरणम् शरणम् गच्छामि’ अजय अनुरागी के विविधता एवं नवीनता से युक्त प्रभावी व्यंग्यों का ऐसा संग्रह है जिसमें उपेक्षित एवं आम आदमी की पीड़ा को जुबान मिली है। इन व्यंग्यों में विज्ञापन जगत की अस्थायी चकाचौंध से लेकर राजनीति के झूठे झांसों व वादों के अभ्यस्तों, समाज की वैषम्यपूर्ण सोच से लेकर वैयक्तिक नैतिक पतन…
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
व्यंग्य विधा समाज से सीधा सम्बध रखने वाली विधा है। बदलते सामाजिक संदभों में व्यंग्य समाज की जरूरत बन गया है। अजय अनुरागी के व्यंग्य समाज की इसी जरूरत को पूरा करते हैं। “साहित्य में पूँजी निवेश” में व्यंग्यकार अपने समय की सही और सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है, भले ही वह कुरूप और भट्टी…
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
“जयपुर तमाशा” के बाद “बीच में सड़क” अजय अनुरागी का दूसरा व्यंग्य उपन्यास है। एक छोटे मुहल्ले और छोटे लोगों के बसने और बिछुड़ने की त्रासदी की कथा है यह। पलायन और विस्थापन की पीड़ा के बीज इसमें बिखरे हुए हैं। एक बस्ती के बसने पर सुख-दुख, समस्याएँ- सुविधाएँ, संघर्ष-प्रेम, आत्मीयता-कटुता, समता- विषमता से सजा…
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
यह उपन्यास “किराए की कोख” के माध्यम से युगीन सत्यों और स्वार्थ-परार्थ के बीच की कशमकश पर करारा व्यंग्य करता है। यह बदलती सामाजिक मानसिकता, नारी शोषण और मानवीय आकांक्षाओं की विडंबनाओं को मार्मिकता से उजागर करता है।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
समाज के वास्तविक चेहरे को उजागर करने वाला यह व्यंग्य संग्रह, आधुनिकता के नाम पर श्रम और मानवीयता के अवमूल्यन पर तीखा प्रहार करता है। यह राजनीति की अवसरवादिता और प्रशासन की निष्क्रियता पर कटाक्ष करते हुए आम आदमी की परेशानियों को उजागर करता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह समाज में व्याप्त विसंगतियों, विद्रूपताओं और राजनीति की अवसरवादिता पर गहरी चोट करता है। यह रोचक शैली में मानवीय मूल्यों के क्षरण को उजागर करते हुए पाठकों को अपने परिवेश पर सोचने को विवश करता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Meri Shresht Vyang Rachnayen सूर्यबाला की व्यंग्य यात्रा उनकी कथा यात्रा के समानांतर चलती आई है, जिसमें विट, ह्यूमर और परिहासी आवरण के बीच से विद्रूप उपजता है। ‘मेरी श्रेष्ठ व्यंग रचनाएँ’ संग्रह में आक्रोश और करुणा दोनों है, जिसमें शिष्ट हास्य को व्यंग्य की नक्काशी माना गया है। यह कृति ‘यात्रा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन की’ जैसे व्यंग्यों के माध्यम से सामाजिक विद्रूपताओं पर तीखा प्रहार करती है, जो पाठकों को विचारोत्तेजक और असरदार लगती है।
₹550.00Original price was: ₹550.00.₹495.00Current price is: ₹495.00.
Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Wrong Number डॉ. अजय अनुरागी का उपन्यास ‘रॉंग नंबर’ अपनी विशिष्ट शैली और कथ्य के साथ पाठकों को एक नए अनुभव से रूबरू कराता है। यह कृति आधुनिक समाज की जटिलताओं, मानवीय संबंधों के उलझाव, और जीवन के अप्रत्याशित मोड़ों को व्यंग्यात्मक ढंग से प्रस्तुत करती है, जो पाठकों को सोचने पर विवश करेगी।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Bade Aadmi पूरन सरमा का व्यंग्य-संग्रह ‘बड़े आदमी’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट करता है और उन विसंगतियों को उकेरता है जो हमारे परिवेश में रच-बस गई हैं। यह संग्रह मानवीय मुद्राओं को नई बुनघट से नये मुहावरे में गूँथता है, जिसमें बिखरते मूल्यों को सहेजने की सघन वकालत है। व्यंग्यों की शैली नूतन प्रयोगों के साथ उद्घाटित होती है, जिसमें कलात्मक अनुशासन और विनोद भाव दोनों प्रकट होते हैं।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Netaji ka Mundan प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा का व्यंग्य संग्रह ‘नेताजी का मुंडन’ देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्याप्त आपाधापी, घोटाले और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करता है। यह कृति विसंगतियों को अंदर तक उघाड़कर उनकी चीर-फाड़ करती है, हमें कहीं गुदगुदाती है, कहीं हँसाती है, कहीं रुलाती है और कहीं विसंगतियों के विरुद्ध संघर्ष करने का आह्वान करती है।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya ‘खुला बाज़ार उर्फ़ झुमरी तिलैया’ अशोक प्रियदर्शी का एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार करती चलती है। यह संग्रह कहानी या ललित निबंध का आस्वाद देते हुए, विषय-वैविध्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और लेखक की भाषा का अपना अंदाज़ इसे अन्य व्यंग्य-लेखकों से अलग पहचान देता है, जो पाठक को विद्रूपता से परिचित कराता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Coat me Tanga Aadmee डॉ. अजय अनुरागी का प्रथम कहानी संग्रह “कोट में टँगा आदमी” कथात्मक व्यंग्य और व्यंग्यात्मक कथा का मिश्रण है। ये कहानियाँ कथ्य के स्तर पर पाठकीय संवेदना को उद्वेलित करती हैं और मानवीय विकारों, अभीप्साओं, तथा मनुष्य के अंतस की गहराई का मनोविश्लेषणात्मक आकलन करती हैं, जो समय और परिस्थितियों के अनुसार मनुष्य के अप्रासंगिक हो जाने की व्यथा को मार्मिकता से बुनती हैं।
₹300.00Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
Ek Ghadhe ki Udasi डॉ. अजय अनुरागी का यह आठवाँ व्यंग्य संग्रह व्यक्ति एवं समाज की विडम्बनाओं, विरोधाभासी प्रवृत्तियों और मन के अंतर्विरोधों का प्रकटीकरण है। इसमें राजनीति के छल-छद्मों और समाज में व्याप्त विसंगतियों पर तीखा प्रहार किया गया है, जो पाठक को संघर्ष की मशाल उठाए प्रकाश बिखेरता हुआ दिखाता है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Mantri Bankar Rahenge अल्पना शर्मा की यह व्यंग्य रचनाएँ छोटी-छोटी विसंगतियों को उठाकर उन्हें व्यापक फलक प्रदान करती हैं। यह संग्रह उन विद्रूपताओं को उजागर करता है जिनकी अक्सर अनदेखी की जाती है, और लेखिका की भाषा में कटाक्ष और शालीन परिवेश का अद्भुत मेल है, जो मानव मन के मनोविज्ञान को भली प्रकार समझता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
He Puraskar Tumhe Namaskar पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विसंगतियों पर करारी चोट करता है। अपने पैंतालीस वर्षों के व्यंग्य-लेखन अनुभव से, लेखक अपनी छोटी-छोटी विसंगतियों को नया मोड़ देकर, विघटित होते मानवीय मूल्यों और पाखंडी शालीनता को निर्वसन करते हैं।