Human Values

  • Sale! Charnam Sharnam Gachaami

    चरणं शरणं गच्छामि

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    चरणम् शरणम् गच्छामि’ अजय अनुरागी के विविधता एवं नवीनता से युक्त प्रभावी व्यंग्यों का ऐसा संग्रह है जिसमें उपेक्षित एवं आम आदमी की पीड़ा को जुबान मिली है। इन व्यंग्यों में विज्ञापन जगत की अस्थायी चकाचौंध से लेकर राजनीति के झूठे झांसों व वादों के अभ्यस्तों, समाज की वैषम्यपूर्ण सोच से लेकर वैयक्तिक नैतिक पतन…

  • Sale! Samay Kabhi Thamta Nahi

    समय कभी थमता नहीं

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Samay Kabhi Thamta Nahi हेतु भारद्वाज की कहानियाँ जिन्दगी की विश्वसनीय तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जहाँ समय का स्पंदन पूरी शिद्दत के साथ धड़कता है। यह संग्रह ग्रामीण जीवन की विडम्बनाओं, क्रूरताओं, और बदलते वक्त की अमानवीयताओं को उभारता है, साथ ही सामाजिक बदलावों को भी रेखांकित करता है। हेतु भारद्वाज की कहानियाँ मनुष्यता और मानवीय मूल्यों की रक्षा की चिंता करती हैं।

  • Sale! Aao Laut Chale

    आओ लौट चलें

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Aao Laut Chale तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘आओ लौट चले’ प्रवाह के विरुद्ध तैरने का साहसिक प्रयास है, जिसका केंद्रीय स्वर जीवन की भव्यता और उदात्तता से जुड़ा है। यह कृति समर्पित अध्यापक, निष्ठावान पत्रकार, प्रतिबद्ध समाज सेवक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर जैसे पात्रों के माध्यम से मरुभूमि में ऑयसिस-सी शीतलता की अनुभूति कराती है, जो सर्वथा काल्पनिक नहीं हैं।

  • Sale! Mantri Bankar Rahenge

    मंत्री बनकर रहेगे

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Mantri Bankar Rahenge अल्पना शर्मा की यह व्यंग्य रचनाएँ छोटी-छोटी विसंगतियों को उठाकर उन्हें व्यापक फलक प्रदान करती हैं। यह संग्रह उन विद्रूपताओं को उजागर करता है जिनकी अक्सर अनदेखी की जाती है, और लेखिका की भाषा में कटाक्ष और शालीन परिवेश का अद्भुत मेल है, जो मानव मन के मनोविज्ञान को भली प्रकार समझता है।

  • Sale! Sanskriti Samwad

    संस्कृति संवाद

    Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹225.00.

    Sanskriti Samwad संस्कृति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों पर एक रचनात्मक संवाद, जो भारतीय संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव और मानव संस्कृति को समग्रता में देखने का प्रयास करता है। यह कृति दर्शाती है कि संस्कृतियों की परस्पर आवाजाही उन्हें समृद्ध करती है, और शाश्वत मानवीय मूल्यों से निर्मित मानव संस्कृति का मूल स्वरूप क्या है।