Manohar Prabhakar

डॉ. मनोहर प्रभाकर (भांडारेज, दौसा) हिन्दी व अंग्रेजी में एम.ए. एवं पीएच.डी. उपाधि प्राप्त देश के मूर्धन्य पत्रकार, साहित्यकार और जनसम्पर्क विशेषज्ञ हैं। राजस्थान शासन के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में निदेशक पद से सेवानिवृत्त डॉ. प्रभाकर की 50 से अधिक मौलिक और 7 अनूदित कृतियाँ प्रकाशित हैं, जिनमें ‘राजस्थान में हिन्दी पत्रकारिता’ तथा ‘पत्रकारी लेखन के आयाम’ जैसे मानक ग्रंथ शामिल हैं। श्रेष्ठ पत्रकारीय लेखन के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा दो बार प्रतिष्ठित भारतेन्दु पुरस्कार, राजस्थान साहित्य अकादमी के विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, वागीश्वर अलंकरण तथा देश के उपराष्ट्रपति द्वारा जनसम्पर्क में विशिष्ट अवदान हेतु सम्मानित किया जा चुका है। उनके समृद्ध कृतित्व और व्यक्तित्व पर तीन शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि भी प्रदान की जा चुकी है।

Books by this Author


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  • Sale! Patrakari Lekhan ke Aayam

    पत्रकारीय लेखन के आयाम

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Patrakari Lekhan ke Aayam हिन्दी पत्रकारिता के नये क्षितिजों का स्पर्श करती यह पुस्तक, डॉ. मनोहर प्रभाकर द्वारा प्रस्तुत है। यह पत्रकारिता और जनसंचार के क्षेत्र में शिक्षण संस्थानों से निकल रही नई पीढ़ी के लिए एक प्रामाणिक मार्गदर्शिका है। यह पुस्तक पत्रकारीय लेखन-शिल्प की नई जमीन तोड़ती है और पत्रकारिता के शिक्षार्थियों, उदीयमान पत्रकारों, और फ्रीलांसर्स के लिए समान रूप से उपयोगी है।

  • Sale! Patrakarita Ke Prerak Prasang

    पत्रकारिता के प्रेरक प्रसंग

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹240.00.

    पत्रकारिता का इतिहास जैसे-जैसे दीर्घ से दीर्घतर होता जा रहा है और उसके कर्म-क्षेत्र की परिधि का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, विमर्श के लिए विषय-वैविध्य भी निरन्तर बढ़ रहा है। जन- जीवन के स्पन्दन और हरदम बढ़ती उसकी हलचलों को वाणी देने के लिए एक ओर स्थापित समाचार- पत्रों में सामग्री के…

  • Sale! Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij

    हिंदी पत्रकारिता के नूतन क्षितिज

    Original price was: ₹600.00.Current price is: ₹540.00.

    Hindi Patrakarita Ke Nutan Ksitij हिन्दी पत्रकारिता के बहुआयामी विकास और उसके उत्कर्ष का विश्लेषण करने वाली यह कृति, डॉ. मनोहर प्रभाकर और डॉ. कल्याण प्रसाद वर्मा द्वारा प्रस्तुत है। यह सूचना-प्रवाह, सामग्री वैविध्य, मोहक मुद्रण और साज-सज्जा की दृष्टि से हुई प्रगति-यात्रा को उजागर करती है, जो पाठकों के मन और मस्तिष्क को झकझोरने वाली है, और मीडिया के विभिन्न पहलुओं के अध्येताओं की जिज्ञासा को तृप्त करती है।

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