Brinda Singh

डॉ. बृन्दा सिंह ने बी.एससी. (रसायन विज्ञान ऑनर्स) की उपाधि राँची विश्वविद्यालय से प्राप्त की। इसके पश्चात् इन्होंने बी.एससी. गृह विज्ञान की उपाधि राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय से अर्जित की। इन्होंने एम.एससी. गृह विज्ञान की उपाधि आगरा विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूर्ण की। तत्पश्चात् मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। सन् 2011 में इन्हें अम्बेडकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इन्होंने कृषि विज्ञान केन्द्र अवागढ़ (आगरा) तथा लाल बहादुर शास्त्री कृषि विज्ञान केन्द्र, गोण्डा (ICAR) में कनिष्ठ वैज्ञानिक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) के पद पर कार्य किया। इसके उपरान्त राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित होकर सन् 1996 से 2005 तक हरिदेव जोशी राजकीय कन्या महाविद्यालय, बाँसवाड़ा में व्याख्याता (गृह विज्ञान) के रूप में सेवाएँ दीं। सन् 2006 से 2020 तक वे राजकीय कन्या महाविद्यालय, नागौर में कार्यरत रहीं। वर्तमान में (सन् 2021 से) वे राजकीय कन्या महाविद्यालय, मगरा पूंजला, जोधपुर में एसोसिएट प्रोफेसर (गृह विज्ञान) के पद पर कार्यरत हैं।

डॉ. बृन्दासिंह की अब तक 43 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कॉन्फ़्रेंस, कार्यशालाओं एवं विचारगोष्ठियों में इनकी सक्रिय सहभागिता रही है। आकाशवाणी से इनके कार्यक्रमों का निरंतर प्रसारण होता रहा है। इनके शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

Books by this Author