₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
हिंदी व्यंग्य की लंबी यात्रा, उसके विभिन्न रूप-आकारों और बदलते प्रतिमानों का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक हास्य-व्यंग्य की भिन्नता, व्यंग्यकार की प्रतिबद्धता और व्यंग्य की शाश्वतता जैसे प्रश्नों की छानबीन करती है, जो व्यंग्यकारों और समीक्षकों के लिए उपयोगी है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
प्रेम की उदात्तता और आध्यात्मिक संवेदना की कोमल कथा। यह उपन्यास किशोरावस्था से विकसित होते प्रेम के पवित्रतम रूप को दर्शाता है, जो भौतिक धरातल से उठाकर आध्यात्मिक स्तर तक ले जाता है और ब्रह्मानंद सहोदर बन जाता है।
₹400.00Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.
Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।
₹250.00Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
Aao Laut Chale तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘आओ लौट चले’ प्रवाह के विरुद्ध तैरने का साहसिक प्रयास है, जिसका केंद्रीय स्वर जीवन की भव्यता और उदात्तता से जुड़ा है। यह कृति समर्पित अध्यापक, निष्ठावान पत्रकार, प्रतिबद्ध समाज सेवक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस ऑफिसर जैसे पात्रों के माध्यम से मरुभूमि में ऑयसिस-सी शीतलता की अनुभूति कराती है, जो सर्वथा काल्पनिक नहीं हैं।
₹350.00Original price was: ₹350.00.₹315.00Current price is: ₹315.00.
Suraj Phir Ugega तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सूरज फिर उगेगा’ एक साहसिक फंतासी है जो समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अमीर-गरीब की खाई और अंधी आर्थिक स्पर्धा को उजागर करती है। यह अहिंसा, अपरिग्रह और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के सिद्धांतों की व्यावहारिकता को रेखांकित करते हुए पाठकों को आत्मचिंतन पर विवश करती है, जिससे वे अपने ही जीवन का प्रतिबिंब देख सकें।
₹200.00Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
जीवन के हर क्षेत्र में बढ़ती हिन्दी की लोकप्रियता के साथ, संभाषण और लेखन में निपुणता आवश्यक है। तेजपाल चौधरी की यह पुस्तक सरल और स्पष्ट शैली में व्यावहारिक नियमों का विवेचन करती है, जो छात्रों, अध्यापकों और नवलेखकों सहित सभी महत्वाकांक्षी नवयुवकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।