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स्वामी विवेकानन्द व्यक्तित्व और विचार

Language: हिंदी
Pages: 208
Edition: First, 2013
ISBN: 978-93-81455-08-1

Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

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स्वामी विवेकानन्द ने भारतीय समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों और अंधविश्वासों पर चोट करते हुए आधुनिक शिक्षा की पुरजोर वकालत की। वेदान्त दर्शन की नूतन व्याख्या करते हुए उन्होंने उसकी विशेषताओं और उद्देश्यों को स्पष्ट किया। अमेरिका में ‘सर्व-धर्म-सम्मेलन’ के बाद उन्होंने विदेशों में वेदान्त शिक्षा का प्रचार- प्रसार किया।

स्वामी विवेकानन्द ने सांस्कृतिक जागरण का शंख फूंकते हुए कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग की पुनर्व्याख्या की। अपने जीवन में मानव-सेवा का व्रत ग्रहण करते हुए उन्होंने आह्वान किया, “मेरे शिष्यो! जाओ, अपनी तपस्या का आदर्श सामने रखकर अपने देश के अमीरों को कहो कि वे स्वयं सादगी की जिन्दगी बिताते हुए गरीब मज़दूरों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन का अवसर दें। उनके परिश्रम से कमाये धन से विलासी जीवन बिताने वाले घोर पाप कर रहे हैं। हिन्दुओं से कहो वे अपने छूतवाद को समाप्त करें।”

स्वामी विवेकानन्द ने जीवन-भर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राष्ट्र-चेतना के साथ-साथ मनुष्यत्व के जागरण हेतु कार्य किया। राष्ट्र और मानव जीवन की समस्याओं के समाधान हेतु उन्होंने आधुनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत कर प्रगतिवादी विचारों को प्रचारित किया। इस कृति में उनके जीवन और विचारों को प्रस्तुत किया गया है। उनकी कविताएँ, गीत और ऐतिहासिक उद्बोधन भी इस कृति में दिये गये हैं, जिन्हें पढ़कर आप निश्चय ही उनके सपनों के भारत को समझ सकेंगे।

Weight 360 g
Dimensions 22 × 15 × 2 cm
Genre

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