प्रश्नोपनिषद
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Prashnopanishd छः ऋषियों द्वारा पूछे गए सृष्टि निर्माता, जगत् का उपादान कारण, सर्वश्रेष्ठ देवता, शरीर के संचालन, स्वप्न, सुख-दुःख, और ओंकार के ध्यान से संबंधित प्रश्नों का उत्तर गुरु ऋषि पिप्पलाद ने वेदों के ज्ञान द्वारा अत्यंत उत्तम प्रकार से सिखाया है। अर्जुन देव आर्य ‘विषम’ द्वारा लिखित यह प्रश्नोपनिषद्, पाठक को जीवन में इन ज्ञान को उतारकर परमेश्वर की निकटता प्राप्त करने का मार्ग बताती है।
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(1) सृष्टि निर्माता ? (2) जगत् का उपादान कारण क्या है? कौन इसे प्रकाशित करता है अर्थात् उसके ज्ञान का साधन क्या है? देवताओं में सर्वश्रेष्ठ देवता कौन है? (3) इस शरीर को कौन उत्पन्न करके उसे स्थिर रखता है और प्रकाशित करता है। सर्वश्रेष्ठ देवता किससे उत्पन्न होता है, कैसे शरीर में आता है, किस स्थान पर स्थिर रहता है, शरीर से किस प्रकार निकल जाता है? (4) इस शरीर में कौन सोता है, कौन जागता है, कौन स्वप्न देखता है, कौन सुख भोगता है, ये इन्द्रियाँ और मन आदि किसमें ठीक-ठीक स्थित रहते हैं? (5) जो जीवन- पर्यन्त इन्द्रियों और मन को रोक कर ओंङ्कार के ध्यान में लगाये रखता है वह किस लोक को विजय कर लेता है? (6) षोड्ष कलाओं वाला महान कौन है?
छः ऋषियों द्वारा पूछे गए इन प्रश्नों का उत्तर गुरु ऋषि पिप्पलाद ने वेदों के ज्ञान के द्वारा अत्यन्त ही उत्तम प्रकार से सिखाया है/ज्ञान दिया है। पाठक इन्हें पढ़कर अपने जीवन में भी उतार लें तो जीवन ही धन्य हो जाय। परमेश्वर की निकटता प्राप्त होने में किञ्चित विलम्ब भी नहीं होगा।
| Weight | 500 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Genre |








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