Sale!

नारी तुम क्या ?

Language: हिंदी
Pages: 320
Publisher: Jyoti Prakashan
Edition: First, 2006
ISBN: 81-87988-24-

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

You Save 10%

Nari Tum Kya ? नारी जीवन भर पुरुष के लिए चुनौती रही है, फिर भी लेखक के मन में नारी के प्रति गहरा सम्मान भाव रहा है। एम. ए. अंसारी की यह कृति नारी को भोग वस्तु नहीं, बल्कि पूज्य आद्याशक्ति के रूप में देखती है। यह पुरुष की उस भावना का खंडन करती है जो नारी के बाह्य-सौन्दर्य पर आसक्त रहती है, और नारी जीवन को उन्नत व दृष्टि सम्पन्न बनाने का दायित्व पुरुष का ही मानती है।

In stock

Share:
GUARANTEED SAFE CHECKOUT
  • Visa Card
  • MasterCard

इस कृति के लेखक के लिए व्यक्तिगत स्तर पर नारी जीवन भर चुनौती रही है क्योंकि एक सामान्य नागरिक और मनुष्य के रूप में नारी के विविध रूपों से (माता, बहिन, पत्नी, सखी, सहकर्मी आदि) लेखक को जो ममत्व, प्रेम और सहयोग मिला उसमें सदा वैषम्य बना रहा। तथापि लेखक के मन में नारी के प्रति गहरा सम्मान भाव रहा है तथा उसके संवेदनशील मन ने नारी- विषयक समस्याओं को पूरी सहानुभूति से समझने का प्रयास किया है। नारी उसके लिए मात्र भोग वस्तु कभी नहीं रही बल्कि लेखक ने उसे पूज्य आद्याशक्ति के रूप में देखा है। वह पुरुष की उस भावना का भी कायल नहीं रहा जो नारी के बाह्य- सौन्दर्य पर आसक्त रहती है तथा नारी देह से आगे उसमें और कुछ उदात्त नहीं देखना चाहती।

वह जानता है कि नारी के संसर्ग-सहकार के बिना पुरुष जीवन अपूर्ण और असफल है। नारी उसकी चेतना की संवाहक है तथा उसके कर्मठ जीवन की धुरी है। इसलिए लेखक नारी के प्रति एक स्वस्थ और पवित्र दृष्टिकोण अपनाते हुए नारी जीवन से जुड़े सभी सवालों से तर्कपूर्ण ढंग से रूबरू होता है। लेखक इस स्थापना के साथ अपनी विचार श्रृंखला निर्मित करता है कि नारी जीवन को उन्नत और दृष्टि सम्पन्न बनाने का दायित्व पुरुष का ही है।

लेखक नारी के सहज स्वाभाविक मानवीय गुणों जैसे मातृत्व, ममत्व, सहनशीलता, समर्पण, सेवा भाव आदि को ईश्वर का वरदान मानता है और स्पष्ट करता है कि पुरुष को इन गुणों का आलोक नारी से ही मिलता है। इसलिए लेखक आह्वान करता है कि नारी जीवन को उन सारी वर्जनाओं से मुक्त करें जिन्होंने नारी को बंदी बनाकर डाल दिया है। नारी-मुक्ति ही आज की नारी के संघर्ष का प्रथम और अन्तिम सोपान है।

Weight 510 g
Dimensions 22.5 × 15 × 2 cm
Genre

Textbook Genre

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Nari Tum Kya ?”

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Need help?