Sale!

नगर विकास के नये आयाम

Author(s): Rachna Gaur
Language: हिंदी
Pages: 168
Edition: First
Published Year: 2007
ISBN: 978-81-7056-407-2

Original price was: ₹250.00.Current price is: ₹200.00.

You Save 20%

In stock

Share:
GUARANTEED SAFE CHECKOUT
  • Visa Card
  • MasterCard

प्रस्तुत पुस्तक “नगर विकास के नये आयाम” भारत में विकसित होने वाले नवीन नगरीय केन्द्रों के विकास पर आधारित पुस्तक है। इसमें राजसमन्द जैसे नवीन नगर के अध्ययन को आधार बनाकर भारत में नगर विकास के नये आयामों का अध्ययन किया गया है। साथ ही स्वस्थ नगरीय विकास को दिशा प्रदान करने का प्रयास किया गया है। विकास के लिये प्रारम्भिक अवस्था अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होती है। राजसमन्द ने भारत के मानचित्र पर हल्दीघाटी, कुम्भलगढ़ और श्रीनाथजी के माध्यम से पूर्व में ही जगह बना रखी है, परन्तु वर्तमान में संगमरमर व जे. के. उद्योग के माध्यम से नये आयाम प्राप्त किये हैं। आज राजसमन्द सर्वाधिक मार्बल उत्पादन कर राज्य सरकार को सर्वाधिक राजस्व दिला रहा है। राजस्थान सरकार नाथद्वारा में मन्दिर विस्तार कर पर्यटकों को काफी सुविधा दिला रही है। राजसमन्द पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यन्त महत्त्वपूर्ण स्थल है। नौचोकी, राजप्रशस्ति शिलालेख, श्रीनाथजी का मन्दिर एवं कुम्भलगढ़ दुर्ग, जहाँ आज विश्वभर के लोग आते हैं, परन्तु राजसमन्द में औद्योगिक विकास की तेज गति एवं आर्थिक उन्नति के आगे पर्यटन व धार्मिक सांस्कृतिक परम्पराओं का ह्रास हुआ है। यह पुस्तक पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक धरोहर को ध्यान में रखते हुए नगर विकास की ऐसी योजना प्रस्तुत करती है जो प्रशासकों, नगर नियोजकों एवं आम जनों के लिये उपयोगी साबित होगी। राजसमन्द पर आधारित नगरीय विकास की यह पुस्तक नये आयामों को तलाशने व दिशा-निर्देशित करने में उपयोगी साबित होगी।

Weight410 g
Dimensions22.5 × 14.5 × 1.5 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Nagar Vikas Ke Naye Ayam”

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Need help?