घनानन्द कवित्त
Original price was: ₹100.00.₹80.00Current price is: ₹80.00.
रीतिकालीन मुक्त काव्य धारा के अग्रणी कवि घनानंद का रीतिकाल के कवियों में विशिष्ट स्थान है, क्योंकि घनानंद के काव्य में हृदय की कोमल भावनाओं और प्रेम की पीर की सहज और मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है। उनके कवित्तों को पढ़कर लगता है कि घनानंद ने अपने हृदय की घनीभूत पीड़ा को अपने कवित्तों में उंडेल दिया है। कृष्ण भक्त कवि घनानंद मूलतः प्रेम के कवि हैं और प्रेम में भी विप्रलम्भ की हृदयस्पर्शी व्यंजनाओं के क्षेत्र में वे अप्रतिम हैं। मन की गहराई से निकली घनानंद की कविता में ब्रजभाषा का जो स्वाभाविक और परिष्कृत रूप प्रवाहित हुआ है, वह उन्हें काव्य के क्षेत्र में सबसे अलग पहचान देता है। घनानंद के कवि व्यक्तित्व का निर्माण करने वाले कवित्तों में गहरी वेदना, तीक्ष्ण उपालम्भ तथा प्रेम-विवशताजन्य असहायता के जैसे चित्र उकेरे गये हैं, वे अन्यत्र नहीं मिलते।
प्रस्तुत कृति में लेखक ने आचार्य विश्वनाथ मिश्र द्वारा सम्पादित ‘घनानंद कवित्त’ के प्रथम सौ कवित्तों का भाष्य तथा घनानंद की काव्यगत विशेषताओं का विस्तृत आकलन किया है। यह कृति घनानंद के पाठकों की घनानंद काव्य-विषयक जिज्ञासाओं का सम्यक् समाधान करेगी।
अनुक्रम
- घनानंद
- घनानंद की रचनाएँ
- रीतिमुक्त (स्वच्छंद) काव्यधारा और घनानंद
- घनानंद की भक्ति भावना
- घनानंद के काव्य में प्रेम-व्यंजना
- घनानंद का श्रृंगार-वर्णन
- घनानंद के काव्य का कला पक्ष
- घनानंद का सौन्दर्य वर्णन
- घनानंद के काव्य में प्रकृति चित्रण
- मूल-ग्रन्थ
| Weight | 240 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |




आधुनिक भारत का राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक इतिहास (भाग-1)
आधुनिक भारत का राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक इतिहास (भाग-2)
आधुनिक विश्व का इतिहास
मध्यकालीन राजस्थान का इतिहास
प्राथमिक उपचार