बाल विकास: समस्या और समाधान
Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
You Save 20%
Baal Vikas : Samasya aur Samadhan बालक के जीवन में बचपन के पहले सात-आठ साल बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। डॉ. जमनालाल बायती द्वारा संपादित ‘बाल विकास: समस्या और समाधान’ बालक के सम्यक् विकास में परिवार, समाज और सरकार की भूमिका का विश्लेषण करती है। यह कृति बाल-मन पर पड़ने वाले घात-प्रतिघातों और सुख-सुविधाओं के प्रभावों पर प्रकाश डालती है, जो माता-पिता, शिक्षाविदों और योजनाकारों के लिए उपयोगी है।
In stock
मनोवैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक यह मानते हैं कि व्यक्ति के जीवन में बचपन के पहले सात-आठ साल बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं क्योंकि व्यक्ति के व्यक्तित्व में जो कुछ बनना-बिगड़ना होता है वह इन्हीं आरम्भिक वर्षों में हो लेता है। इसलिए बालक के विकास पर माता-पिता, समाज तथा सरकार द्वारा ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है। एक ओर घर- परिवार का स्नेहिल संरक्षकत्व तो दूसरी ओर बाल विकास के लिए उपयुक्त और आवश्यक योजनाओं की सम्यक् क्रियान्विति अत्यन्त आवश्यक है।
प्रस्तुत पुस्तक बाल विकास सम्बन्धी सभी प्रकार की समस्याओं का विश्लेषण करती है तथा माता-पिता, शिक्षाविदों और तत्सम्बन्धी योजनाकारों को दिशा-दृष्टि प्रदान करती है।
बालक के सम्यक् विकास में परिवार तथा समाज में बाल-मन पर पड़ने वाले घात-प्रतिघातों का गहरा असर होता है। साथ ही बालमन को मिलने वाली सुख-सुविधाएँ भी उसके व्यक्तित्व-निर्माण में पूरा योगदान देती है। इन्हीं सब प्रश्नों से प्रस्तुत पुस्तक के आलेख सम्बोधित हैं।
सम्पादक का यह प्रयास रहा है कि बाल विकास से सम्बद्ध आयामों पर उनके अधिकारी विद्वानों अथवा विशेषज्ञों से लिखाया जाए ताकि विश्वसनीय और आश्वस्तिकारक सामग्री एक कृति में ही मिल सके। बाल विकास जैसे संवेदनशील विषय पर इतनी ठोस, व्यावहारिक और आधिकारिक सामग्री प्रस्तुत करना इस पुस्तक के सम्पादन का मूल उदद्देश्य है। इस दृष्टि से यह पुस्तक माता-पिता, अभिभावक, शिक्षकों, शिक्षाविदों, शिक्षा से सम्बद्ध योजनाकारों के लिए उपयोगी रहेगी, ऐसा हमारा विश्वास है।
| Weight | 295 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Textbook Genre |







Reviews
There are no reviews yet.