Sale!

अफ़ग़ान इतिहासकार और इतिहास-लेखन

Language: हिंदी
Pages: 280
Edition: First
Published Year: 2026
ISBN: 978-93-49111-12-7

Original price was: ₹800.00.Current price is: ₹599.00.

You Save 25%

मध्यकालीन भारत के इतिहास में लोदी एवं सूर वंश के नेतृत्व में अफगान शासकों ने लगभग एक शताब्दी तक उत्तर भारत पर शासन किया। भारतीय इतिहास की इस महत्त्वपूर्ण अवधि को समझने के लिए समकालीन अफगान इतिहासकारों के लेखन का विशेष महत्व है। यद्यपि इन दोनों अफगान राजवंशों का कोई पूर्ण एवं निर्विवाद समकालीन इतिहास-ग्रन्थ उपलब्ध नहीं है, फिर भी विभिन्न अफगान इतिहासकारों द्वारा लिखित ग्रन्थ इस काल के राजनीतिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास के अध्ययन के प्रमुख स्रोत हैं।

इस पुस्तक में हसन अली, शेख रिज्कुल्लाह मुश्ताकी, अब्बास खाँ सरवानी, मुहम्मद कबीर, अहमद यादगार, अब्दुल्ला तथा ख्वाजा नियामतुल्ला जैसे प्रमुख अफगान इतिहासकारों के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं इतिहास-लेखन का विस्तृत एवं आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, मुगल इतिहासकार निजामुद्दीन अहमद, अब्दुल कादिर बदायूँनी तथा अबुल फ़ज़ल द्वारा अफगानों के संबंध में व्यक्त विचारों की संक्षिप्त समीक्षा भी सम्मिलित की गई है।

मध्यकालीन भारतीय इतिहास, इतिहास-लेखन (Historiography) तथा ऐतिहासिक स्रोतों के अध्ययन में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों एवं इतिहास के अध्येताओं के लिए यह पुस्तक एक उपयोगी एवं प्रामाणिक संदर्भ ग्रन्थ है।

In stock

Share:
GUARANTEED SAFE CHECKOUT
  • Visa Card
  • MasterCard
Weight 490 g
Dimensions 23 × 15 × 2 cm

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Afghan Itihaskar aur Itihas-Lekhan”

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

About the Author

डॉ. अशोक कुमार सिंह

प्रो. अशोक कुमार सिंह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के इतिहास विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं पूर्व अध्यक्ष हैं। वे भारत सरकार की इंडियन हिस्टोरिकल रिकॉर्ड्स कमेटी के सदस्य तथा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् (ICHR), नई दिल्ली के…

View Full Profile →
Need help?