आपदा प्रबंधन
Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
You Save 20%
Aapaad Prabhandhan इक्कीसवीं सदी में सारी दुनिया किसी-न-किसी आपदा का प्रभाव झेल रही है। डॉ. बी.सी. जाट की यह पुस्तक प्राकृतिक प्रकोप एवं आपदाओं—भूकंप, ज्वालामुखी, सुनामी, बाढ़, सूखा, चक्रवात, मरुस्थलीकरण—का परिचय, उनके प्रभाव और आपदा प्रबंधन एवं सतत विकास के उपायों पर प्रकाश डालती है, जो शोधकर्ताओं और नियोजनकर्त्ताओं के लिए उपयोगी है।
In stock
इक्कीसवीं सदी में सारी दुनिया किसी-न- किसी आपदा का प्रभाव झेल रही है। आपदायें अब केवल प्राकृतिक न होकर मानव जनित भी हो गई हैं, जिनसे मानव प्रभावित होने के साथ-साथ उनका जनक भी है। प्रस्तुत पुस्तक में वर्तमान में विश्व की सभी प्रकार की आपदाओं की प्रकृति से सम्बन्धित सभी पक्षों को सम्मिलित करने का प्रयास किया गया है जिनमें प्राकृतिक प्रकोप एवं आपदाओं का परिचय, भूकम्प एवं ज्वालामुखी के आपदाकारी प्रभाव, सुनामी आपदा, बाढ़, सूखा, चक्रवात, अलनिनो, मरुस्थलीकरण, मृदा अपरदन, संसाधन संकट, नूतन प्राकृतिक आपदायें, आपदा प्रबन्धन एवं सतत् विकास प्रमुख हैं। आर्शा है यह पुस्तक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में प्राकृतिक प्रकोप एवं आपदाओं के सम्बन्ध में अध्ययन एवं शोध कर रहे सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों, शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए नूतन आंकड़ों सहित संकलित अनुपम कृति सिद्ध होगी।
| Weight | 385 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 2 cm |
| Textbook Genre |
















Chemistry– Old NEP Syllabus
मेरी प्रिय व्यंग्य रचनायें
कृषी अर्थशास्त्र
मेरी व्यंग्य रचनाएँ
हमारा स्वाधीनता संघर्ष
गांधी चिंतन में सत्याग्रह
सल्तनतकालीन इतिहासकार एवं इतिहास-लेखन
मुगलकालीन भारत के प्रमुख इतिहासकार
आर्थिक अवधारणायें एवं विधिया
भारतीय संविधान और शासन की समझ
मध्यकालीन हिंदी कविता
सागरों, महासागरों और नदियों की रोचक मछलियाँ
फ़िल्में और प्रचार: तब से अब तक
जनसंचार एवं पत्रकारिता
जीव-जन्तुओं की अनोखी दुनिया
आधुनिक हिंदी उपन्यास और स्त्री विमर्श
पर्यावरण अध्ययन
भर्तृहरि की अमर रचना
भौतिक भूगोल
हिंदी निबंध
स्वच्छता एवं पर्यावरण सुस्थिर विकास की चुनौतियाँ
उद्भव शतक
भारत में कानून और व्यवस्था
भारतीय अर्थव्यवस्था
पर्यटन एवं पुरावैभव
आर्थिक भूगोल
भारतीय संस्कृति के मूल आधार
लोक वित्त
प्राचीन भारत का इतिहास (78-650)
मानस अकारादिक्रम कोष
राजस्थानी कहावत कोश
Composition & Communication Gleanings
Reviews
There are no reviews yet.