“स्वामी दयानन्द सरस्वती : जीवन और विचार” has been added to your cart.
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प्रेमकृष्ण शर्मा द्वारा रचित कहानी-संग्रह ‘सड़क किनारे की कहानियाँ’ प्रेमचंद की प्रगतिशील यथार्थवादी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आमजन, शोषितों और वंचितों के जीवन-संघर्ष को स्वर देता है। पेशे से अधिवक्ता और जनवादी कार्यकर्ता लेखक ने ‘सफाई कर्मी रैना’, ‘मरखू’ और ‘बीच सड़क पर’ जैसी कहानियों के जरिए सड़क किनारे बिखरे अभावग्रस्त पात्रों के अस्तित्व की लड़ाई और सामाजिक विद्रूपताओं का मर्मस्पर्शी चित्रण किया है।
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₹350.00 Original price was: ₹350.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
गाँधीजी को मानवाधिकारों का प्रवर्तक कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मानवता और मानव के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया था। गाँधीजी अपने प्रारम्भिक जीवन से रंगभेद, उपनिवेशवाद और गैर बराबरी मिटाने के लिए सतत् रूप से कार्य करते रहे। मानव अधिकार अक्षुण्ण हैं, उनका हनन गाँधीजी अनुचित मानते रहे। उनका…
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹200.00Current price is: ₹200.00.
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹160.00Current price is: ₹160.00.
आधुनिक भारत के निर्माताओं में स्वामी दयानन्द सरस्वती अग्रगण्य हैं। स्वामीजी ने अपने समय की नब्ज को पहचानते हुए रूढ़िग्रस्त समाजं को झिंझोड़ा और ‘सत्यार्थ प्रकाश’ में विशद विवेचन करते हुए संकीर्ण विचारधाराओं पर कुठाराघात किया। आधुनिक भारत के नव-निर्माण में उनकी विचारधारा ने मशाल का काम किया। आर्य समाज की स्थापना के द्वारा उन्होंने…
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स्वतन्त्रता आन्दोलन के दौरान जिन नेताओं का व्यक्तित्व पूरी प्रखरता से उभरा तथा जो आगे आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय बने, उनमें गोपाल कृष्ण गोखले का नाम अग्रणी था। यद्यपि वे काँग्रेस के उदारवादी नेता थे तथापि ‘वे आधुनिक भारत के प्रथम कूटनीतिज्ञ थे।’ गोखले के विषय में के. एम. पन्निकर की यह उक्ति…
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सृष्टि के अनादिकाल से आज तक वैज्ञानिक उपलब्धियाँ अपने चमत्कारों से मानव में विज्ञान के प्रति अत्यन्त जिज्ञासा उत्पन्न करती रही हैं। विश्व में नित नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली वैज्ञानिक प्रगति में भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान प्राचीनकाल से उन्नीसवीं एवं बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में महत्त्वपूर्ण रहा है। फलस्वरूप भारत का नाम अन्तर्राष्ट्रीय जगत…
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹240.00Current price is: ₹240.00.
प्राचीन भारत में जिन दार्शनिक सिद्धान्तों का प्रणयन हुआ, उनमें सांख्य प्रमुख दर्शन के रूप में प्रतिष्ठित है। द्वैत मत का प्रतिपादक सांख्य दर्शन प्रकृति और पुरुष दोनों को मूल तत्त्व मानता है। सत्कार्यवाद के समर्थक सांख्य दर्शन के अनुसार कार्य अपने कारण में अव्यक्त रूप से विद्यमान रहता है। सांख्य दर्शन के प्रवर्तक महर्षि…
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आज के विश्व मानव समाज में महिला को मानवीयोचित न्याय नहीं मिल रहा है। पुरुष की अहंकारी मनोवृत्ति ने नारी को सदा पीछे धकेला है किन्तु आज के भौतिक अर्हताओं से चमत्कृत रूप पहले इस संसार में पुरुष नारी के सहयोग के बिना सुख व शान्ति व सन्तोष का जीवन नहीं जी सकता है। अब…
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प्रस्तुत पुस्तक ‘सचित्र पर्यावरण विश्वकोश’ आज के मानव जगत की पर्यावरण के बारे में जिज्ञासाओं का सरल एवं प्रामाणिक समाधान प्रस्तुत करती है जिसमें वैश्विक पर्यावरण के सभी घटकों की प्रामाणिक चित्रों, आरेखों एवं आंकड़ों के साथ विस्तृत विवेचना की गई है। पुस्तक में सौर मण्डल के विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों, क्षुद्र ग्रहों, पृथ्वी, चन्द्रमा आदि…
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दैनिक जीवन की आवश्यक जानकारियों तथा समस्याओं को सरल, सुबोध एवं रोचक कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया है डॉ. ममता गौतम ने। ये बालोपयोगी कहानियाँ बालकों के जीवन को समृद्ध बनाने तथा उन्हें सुसंस्कारित करने में सहायक हैं। इनमें कुछ कहानियाँ प्रौढ़ोपयोगी तथा नवसाक्षरों के लिए उपयोगी भी हैं। ये कहानियाँ वास्तव में जीवन…
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इन्टरनेट की सहायता से एक जगह बैठे-बैठे विश्व के किसी भी कोने से आवश्यकता की सूचनाओं को प्राप्त किया जा सकता है। इसी उद्देश्यों से पुस्तकालयों में इन्टरनेट तकनीक की शुरूआत हुई तथा इस तकनीक की सहायता से देश-विदेश के पुस्तकालयों को नेटवर्क की सहायता से जोड़ा गया। इस विषय पर अंग्रेजी भाषा में तो…
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14 सितम्बर, 1949 को संविधान सभा ने यह प्रस्ताव पारित किया कि भारतीय गणराज्य की राजभाषा, देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी होगी। इसके बाद इस सम्बन्ध में राष्ट्रपति ने 1952, 1955 तथा 1960 में तीन आदेश जारी किए तथा 1963 में राजभाषा अधिनियम पारित किया गया, जिसका संशोधन 1967 में हुआ तथा 1968 में एक…
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₹180.00 Original price was: ₹180.00.₹144.00Current price is: ₹144.00.
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
महामना पण्डित मदनमोहन मालवीय भारत की ऐसी विरल विभूति थे, जो भारतीय मानस के साकार रूपक थे। स्वच्छ धवल वस्त्रों से सज्जित, सिर पर साफा, ललाट पर चन्दन की सुन्दर बिन्दी, इकहरा बन्दन सात्विकता से उद्भासित मुखमण्डल-यह उनका पार्श्व रूप था तथापि मूलतः वे एक आदर्श, संवेदनशील और उदार हृदय हिन्दू थे। पत्रकारिता को कला…
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₹175.00 Original price was: ₹175.00.₹158.00Current price is: ₹158.00.
भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में खेले जाने वाले खेलों और उनके नियमों का परिचय। यह पुस्तक खो-खो, कबड्डी, कुश्ती और अन्य लोकप्रिय ग्रामीण खेलों को शामिल करती है, जो खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आम पाठकों के लिए क्षमता विकास और सामाजिक गुणों को बढ़ावा देती है।
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₹200.00 Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.
पर्यावरण प्रदूषण के भयानक प्रभावों और नियंत्रण उपायों पर केंद्रित यह पुस्तक, स्वच्छ हवा, जल और धूप के महत्व को रेखांकित करती है। यह पर्यावरण चेतना को आंदोलन स्तर पर विकसित करने और प्रदूषण मुक्त जीवन शैली अपनाने की प्रेरणा देती है।
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₹300.00 Original price was: ₹300.00.₹270.00Current price is: ₹270.00.
उन्नीसवीं शताब्दी में भारतीय समाज में व्याप्त मिथ्या आडंबरों और अंधविश्वासों के विरुद्ध महर्षि दयानंद और आर्य समाज के पुनरुत्थानवादी आंदोलन का विश्लेषण। यह पुस्तक राष्ट्रीय अस्मिता, स्वदेशी और स्वभाषा के प्रसार में आर्य समाज के योगदान को दर्शाती है।
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₹250.00 Original price was: ₹250.00.₹225.00Current price is: ₹225.00.
यह उपन्यास “किराए की कोख” के माध्यम से युगीन सत्यों और स्वार्थ-परार्थ के बीच की कशमकश पर करारा व्यंग्य करता है। यह बदलती सामाजिक मानसिकता, नारी शोषण और मानवीय आकांक्षाओं की विडंबनाओं को मार्मिकता से उजागर करता है।