सांझ हो गई
Original price was: ₹400.00.₹360.00Current price is: ₹360.00.Sanjh Ho Gayi तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सांझ हो गई’ मानव सेवा के मूल मंत्र ‘आत्मवत् सर्वभूतेषु’ पर आधारित एक प्रयोग है। यह कृति ‘स्व’ के विस्तार की कथा है, जो व्यक्तिगत प्यार से अहंकार की बजाय मानव मात्र से प्रेम की ओर ले जाती है, जिससे सेवा सहज वृत्ति बन जाती है। यह बुजुर्ग पीढ़ी की पीड़ा और वर्तमान विसंगतियों के बीच पाठक को नया आस्वाद और जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता देती है।


पंचतंत्र की कहानियाँ
मदन मोहन मालवीय: व्यक्तित्व एवं कृतित्व
राजस्थान का भूगोल
Chandragupta Vikramaditya - Chandrodai Bhag-1
कथा साहित्य
फ़िल्में और प्रचार: तब से अब तक
वस्त्र विज्ञान एवं परिधान
ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र