मध्ययुगीन और अर्वाचीन हिंदी साहित्य: एक विमर्श
Original price was: ₹200.00.₹180.00Current price is: ₹180.00.Madhyayugin Aur Arvachin Hindi Sahitya: Ek Vimarsh साहित्य के विशाल और गहन समुद्र में ज्योति और मोती खोजने का काम आलोचक करता है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह कृति उनकी गहरी पारखी-दृष्टि, संवेदनशीलता और शास्त्रज्ञान की गरिमा का परिचय देती है। यह कबीर के काव्य के दार्शनिक पक्ष, बच्चन के काव्य में मस्ती, और समकालीन युवा आक्रोश की अनुगूँजों सहित साहित्य के विस्तृत फलक का वैविध्यपूर्ण मानचित्र प्रस्तुत करती है।


राजस्थान के इतिहास का सर्वेक्षण (प्रारंभ से 1956 ई. तक)
आर्थिक भूगोल
वंश
भारत का इतिहास (1707-1884 ई. तक)
आहार विज्ञान एवं पोषण
विश्व का प्रादेशिक भूगोल
अनश्वर गीत
प्रतिनिधि कहानियां: हेतु भारद्वाज
कथा साहित्य
आधुनिक भारत का राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक इतिहास (भाग-1)
सागरों, महासागरों और नदियों की रोचक मछलियाँ
गद्य-पद्य संग्रह
मामा शकुनि
तराजू में नेता
सुबह की पहली किरण
रामायण की कहानियाँ
चपलूसी का अनुशासन
भारत का इतिहास (आरंभ से 750 ई. तक)
भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति का इतिहास
आधुनिक कथा साहित्य
घर अपना-अपना
हिंदी नाटक एवं रंगमंच
चरणं शरणं गच्छामि
वेताल पचीसी
संत कवि रैदास : जीवन और सृजन
आधुनिक विश्व इतिहास की रूपरेखा
संस्कृत-व्याकरण एवम् निबन्ध-रचना
राजा राममोहन राय: जीवन और दर्शन
पर्यावरण भूगोल
पर्यावरण अध्ययन
हिन्दी उपन्यासों में मूलबोध