गद्य

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  • Sale! Mohan Rakesh Ke Sahitya Me Patra

    मोहन राकेश के साहित्य में पात्र

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹240.00.

    मोहन राकेश अपने पात्रों के माध्यम से जिन्दगी के यथार्थ की बेतरतीब तसवीर प्रस्तुत करते हैं। उनके पात्र, चाहे मिथकीय हों या आधुनिक, अपनी अर्थवत्ता में पूर्णतः समकालीन हैं। जीवन की त्रासदियों, अस्तित्व संकट तथा मूल्य-संक्रमण की स्थितियों से गुजरते हुए ये पात्र अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं के नीचे दबे बिखर-बिखर जाते हैं। तथापि उनकी संवेदनशीलता…

  • Sale! Bharat Durdasha

    भारत दुर्दशा

    Original price was: ₹70.00.Current price is: ₹56.00.
  • Sale! Hindi Vyangya : Badlte Pratiman

    हिंदी व्यंग्य: बदलते प्रतिमान

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    हिंदी व्यंग्य की लंबी यात्रा, उसके विभिन्न रूप-आकारों और बदलते प्रतिमानों का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक हास्य-व्यंग्य की भिन्नता, व्यंग्यकार की प्रतिबद्धता और व्यंग्य की शाश्वतता जैसे प्रश्नों की छानबीन करती है, जो व्यंग्यकारों और समीक्षकों के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Hindi Nibandh: Udbhav Aur Vikas

    हिंदी निबन्ध: उद्भव और विकास

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    हिंदी निबंध की जटिल विधा के उद्भव और विकास का सम्यक् रेखांकन। यह पुस्तक निबंध के स्वरूप, भाषिक संयम और रचनात्मक विन्यास की बारीकियों को सरल भाषा में समझाती है, जो विश्वविद्यालयी और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है।

  • Sale! Hindi Upanyason mein moolyabhodh

    हिन्दी उपन्यासों में मूलबोध

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    हिंदी उपन्यासों में मूल्यबोध की प्रक्रिया और उसके अंतरंग विश्लेषण। यह पुस्तक उपन्यास की रचना-प्रक्रिया, जीवन मूल्यों के उद्घाटन और स्थापन को गहराई से समझाती है, जो पाठक को मानव जीवन की भावनात्मकता और दिशा का अहसास कराती है।

  • Sale! Hindi Lalit Nibhand ki Pehachan : Kubernath Roy

    हिंदी ललित निबंध की पहचान : कुबेरनाथ राय

    Original price was: ₹700.00.Current price is: ₹630.00.

    कुबेरनाथ राय के ललित निबंधों की विशिष्ट पहचान और उनके प्रकांड वैदुष्य का गहन विश्लेषण। यह पुस्तक संस्कृति-बोध, लोक-जीवन और विभिन्न भाषाओं के ज्ञान के अद्भुत संगम को उजागर करती है, जो उन्हें हिंदी के महान ललित निबंधकार बनाते हैं।

  • Sale! Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan

    व्यंग्य विद्या के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान

    Original price was: ₹550.00.Current price is: ₹495.00.

    Vyangya Vidhya ke Vikas me Dr. Ajay Anuragi ka yogdan ‘व्यंग्य विधा के विकास में डॉ. अजय अनुरागी का योगदान’ विषय पर केंद्रित यह पुस्तक, डॉ. मंजू द्वारा लिखित, समकालीन व्यंग्य साहित्य में डॉ. अजय अनुरागी के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर को दर्शाती है। यह कृति उनके व्यापक व्यंग्य दृष्टि, लेखन के साथ-साथ विश्लेषण एवं मूल्यांकन की क्षमता, और व्यंग्य आलोचना में उनके योगदान को उभारकर व्यंग्य विधा के विकास में उनकी भूमिका को रेखांकित करती है।

  • Sale! Sahitya aur Jeevan ke Saval

    साहित्य और जीवन के सवाल

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Sahitya aur Jeevan ke Saval गाँधी जी के कारण भारत में पुनर्जागरण की जो बयार चली उससे असहमतियों के बीच सहमतियों की संस्कृति का विकास भी हो रहा था। हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक साहित्य और जीवन के सवालों पर केंद्रित है, जो राजनीति में अमर्यादित भाषा के प्रयोग और सामाजिक उन्नयन की चिंता को उजागर करती है। यह कृति बताती है कि राजनेताओं को अपने पद की गरिमा और सामाजिक उत्तरदायित्व की परवाह क्यों करनी चाहिए।

  • Sale! Samwad Prati Samwad

    संवाद प्रति संवाद

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Samwad Prati Samwad हेतु भारद्वाज की यह पुस्तक ‘संवाद प्रति संवाद’ स्त्री की अस्मिता, पितृसत्तात्मक संस्कारों से मुक्ति, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सवालों पर एक गहरा चिंतन प्रस्तुत करती है। यह कृति एक स्त्री के अनुभवों और विवेक पर विश्वास न करने के समाज के रवैये को उजागर करती है, और दर्शाती है कि कैसे मानसिक बंधनों से मुक्ति ही सच्ची स्वतंत्रता की ओर पहला कदम है।

  • Sale! Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein

    साठोत्तरी हिंदी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याएँ

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।

  • Sale! Bhishm Sahani ka Katha Sahitya

    भीष्म साहनी का कथा साहित्‍य

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Bhishm Sahani ka Katha Sahitya प्रेमचन्द की परंपरा को समग्रता में आगे बढ़ाने वाले कथाकारों में भीष्म साहनी का नाम अग्रणी है। डॉ. चंद्रप्रकाश महर्षि की यह कृति भीष्म साहनी के कथा-साहित्य का गहनता से अवगाहन करती है, जो उनके लेखन की सहजता, सरलता और रचनात्मक बहुआयामीपन को उजागर करती है। यह पुस्तक भीष्म साहनी की रचना-प्रक्रिया के अंतःसूत्रों को विश्लेषित करती है और हमारे समय व समाज को समझने में सहायक है।

  • Sale! Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh

    आधुनिक हिंदी उपन्यास और स्त्री विमर्श

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Aadhunik Hindi Upanyas aur Stri Vimarsh बीसवीं सदी के अंतिम दशकों में उभरे स्त्री विमर्श ने साहित्य के परिदृश्य को बदला। सुभाषचंद्र घायल की ‘आधुनिक हिन्दी उपन्यास और स्त्री विमर्श’ कृति इस विमर्श के विविध आयामों, स्त्री अस्मिता, पारिवारिक व सामाजिक हैसियत, शोषण और अधिकारों की प्रासंगिकता का वस्तुपरक विश्लेषण करती है। यह पुस्तक हिन्दी उपन्यासों द्वारा स्त्री विमर्श को दिए गए विस्तार और स्त्री की स्थिति को प्रदान की गई महत्ता को गंभीरता से विचार करती है।

  • Sale! Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg

    कमलेश्वर के कथा-साहित्य में मध्यवर्ग

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Kamleshwar ke Katha Sahitya mein madhyavarg कमलेश्वर, स्वातंत्र्योत्तर काल के संवेदनशील रचनाकार, ने नई कहानी आंदोलन के प्रणेता के रूप में अभूतपूर्व कार्य किया। डॉ. विमलेश शर्मा की यह कृति कमलेश्वर के समस्त कथा-साहित्य का मध्यवर्गीय जीवन के केंद्र में रखकर विश्लेषण करती है, जिसमें भारतीय मध्यवर्ग के संघर्षों, विद्रूपों और बदलते वक्त की विडम्बनाओं का सजीव चित्रण मिलता है।

  • Sale! Sanskriti aur Sahitya

    संस्कृति और साहित्य

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Sanskriti aur Sahitya डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति संस्कृति पर निष्पक्ष भाव से विचार करती है, जो सांस्कृतिक संकट और अहमवादी पढ़ाकूपन से मुक्त है। यह संग्रह स्त्री अस्मिता, शिक्षा, भाषा, राजनीतिक संकीर्णता और साहित्य की प्रासंगिकता पर तार्किक विचार-पद्धति से हस्तक्षेप करता है, मानवीय राग और अग्रगामिता से ओत-प्रोत है।

  • Sale! Hindi Natak: Udbhav Aur Vikas

    हिन्दी नाटक : उद्भव और विकास

    Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

    Hindi Natak: Udbhav Aur Vikas हिन्दी नाटक और रंगमंच के उद्भव, विकास और अद्भुत प्रयोगों का वस्तुनिष्ठ आकलन। यह कृति नाट्यशास्त्र के सिद्धांतों और भारत में नाटक की दैवी उत्पत्ति से लेकर आधुनिक प्रगति तक की विस्तृत यात्रा का विश्लेषण करती है और पाठकों के समक्ष नाटक और रंगमंच का समूचा परिदृश्य प्रस्तुत करती है।

  • Sale! Sahitya ke vividh rang aur sarokar

    साहित्य के विविध रंग और सरोकार

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    Sahitya ke vividh rang aur sarokar भारतेन्दु के भाषा प्रेम और स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित, यह कृति हिन्दी भाषा के स्वरूप, व्याकरण और लिपि पर हुए वाद-विवादों को दर्शाती है। डॉ. बीना शर्मा द्वारा लिखित यह पुस्तक हिन्दी को राष्ट्रभाषा का गौरव दिलाने और जनता में राष्ट्रीय चेतना जगाने के प्रयासों को रेखांकित करती है, जो भारतीय स्वाधीनता आंदोलन की एक बड़ी शक्ति थी।

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