Corruption

  • Sale! Taraju mein neta

    तराजू में नेता

    Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.

    समाज के वास्तविक चेहरे को उजागर करने वाला यह व्यंग्य संग्रह, आधुनिकता के नाम पर श्रम और मानवीयता के अवमूल्यन पर तीखा प्रहार करता है। यह राजनीति की अवसरवादिता और प्रशासन की निष्क्रियता पर कटाक्ष करते हुए आम आदमी की परेशानियों को उजागर करता है।

  • Sale! Farji Se Paida Bhayo

    फर्जी से पैदा भयो

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Farji Se Paida Bhayo शंकर पुणतांबेकर व्यंग्य साहित्य के बुजुर्ग नामों में से एक हैं, जिन्होंने व्यंग्य को एक विधा माना और उसकी स्थापना में विवेचनात्मक आलेख प्रस्तुत किए। ‘फर्जी से पैदा भयो’ एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर की गलियों के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार है। यह कृति विडम्बना को विदग्धता से प्रस्तुत करती है, जिससे विक्षोभ उत्पन्न होता है, और लेखक की सिद्धहस्त चतुर बयानी में से अपने आप उत्पन्न होने वाली सरसता और रोचकता है।

  • Sale! Afsar Ki Gaay

    अफ़सर की गाय

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Afsar Ki Gaay पूरन सरमा का व्यंग्य संकलन ‘अफसर की गाय’ विद्रूप चेहरों पर गहरी चोट है, जो असंगत मूल्यों और विसंगतियों को साफ स्वरुप के साथ देखा जा सकता है। यह संग्रह समाज का यथार्थ है, जिसमें छल-प्रपंच और विडम्बनाओं का मायाजाल फैलता है। यह कृति हास-परिहास और विनोदी संवादों के साथ व्यंग्यों की सरलता और बोधगम्यता को बनाए रखती है, जो पाठकों को विसंगतियों से साक्षात्कार कराती है।

  • Sale! SevaSadan

    सेवासदन

    Original price was: ₹100.00.Current price is: ₹80.00.

    SevaSadan प्रेमचंद का उपन्यास ‘सेवासदन’ भारतीय समाज में महिलाओं की दयनीय स्थिति, भ्रष्टाचार और सामाजिक कुरीतियों का मार्मिक चित्रण करता है। यह कृति एक युवा महिला के संघर्षों और सामाजिक दबावों को दर्शाती है, जो उसे एक वेश्यालय में ले जाते हैं, लेकिन अंततः वह समाज सेवा के माध्यम से मुक्ति पाती है। यह उपन्यास सामाजिक सुधार और नैतिक मूल्यों की स्थापना का सशक्त संदेश देता है।

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  • Sale! Netaji ka Mundan

    नेताजी का मुंडन

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    Netaji ka Mundan प्रो. योगेश चन्द्र शर्मा का व्यंग्य संग्रह ‘नेताजी का मुंडन’ देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्याप्त आपाधापी, घोटाले और भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करता है। यह कृति विसंगतियों को अंदर तक उघाड़कर उनकी चीर-फाड़ करती है, हमें कहीं गुदगुदाती है, कहीं हँसाती है, कहीं रुलाती है और कहीं विसंगतियों के विरुद्ध संघर्ष करने का आह्वान करती है।

  • Sale! Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya

    खुला बाजार उर्फ झुमरी तलैया

    Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

    Khula Bazar Urf Jhumari Tilaiya ‘खुला बाज़ार उर्फ़ झुमरी तिलैया’ अशोक प्रियदर्शी का एक विशिष्ट व्यंग्य-संकलन है, जिसमें ‘अमृतसर के ताँगेवालों की ज़बान’ की तरह महीन मार करती चलती है। यह संग्रह कहानी या ललित निबंध का आस्वाद देते हुए, विषय-वैविध्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और लेखक की भाषा का अपना अंदाज़ इसे अन्य व्यंग्य-लेखकों से अलग पहचान देता है, जो पाठक को विद्रूपता से परिचित कराता है।

  • Sale! He Puraskar Tumhe Namaskar

    हे पुरस्कार ! तुझे नमस्कार

    Original price was: ₹400.00.Current price is: ₹360.00.

    He Puraskar Tumhe Namaskar पूरन सरमा का यह व्यंग्य संग्रह राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विसंगतियों पर करारी चोट करता है। अपने पैंतालीस वर्षों के व्यंग्य-लेखन अनुभव से, लेखक अपनी छोटी-छोटी विसंगतियों को नया मोड़ देकर, विघटित होते मानवीय मूल्यों और पाखंडी शालीनता को निर्वसन करते हैं।

  • Sale! Suraj Phir Ugega

    सूरज फिर उगेगा

    Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹315.00.

    Suraj Phir Ugega तेजपाल चौधरी का उपन्यास ‘सूरज फिर उगेगा’ एक साहसिक फंतासी है जो समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अमीर-गरीब की खाई और अंधी आर्थिक स्पर्धा को उजागर करती है। यह अहिंसा, अपरिग्रह और शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के सिद्धांतों की व्यावहारिकता को रेखांकित करते हुए पाठकों को आत्मचिंतन पर विवश करती है, जिससे वे अपने ही जीवन का प्रतिबिंब देख सकें।