“संगीत में रसानुभूति” has been added to your cart.
View cart
Showing all 2 resultsSorted by popularity
-
Sale!

₹1,300.00 Original price was: ₹1,300.00.₹999.00Current price is: ₹999.00.
प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. प्रेम दवे ने कत्थक नृत्य को परम्परा का विस्तार से विवेचन किया है। नृत्य की उत्पत्ति, विकास, नृत्य के प्रकार-ताण्डव, लास्य, कत्थक नृत्य की उत्पत्ति, इतिहास, कत्थक नृत्य के घराने व विशेषताओं का सूक्ष्मत्तर विवेचन किया गया है। कत्थक नृत्य में पदाघात, नृत्तअंग, लयकारी, भाव प्रदर्शन, वेशभूषा, अभ्यास पद्धति, शैलीगत तालें, गुरु शिष्य परम्परा, परम्परागत व शिष्य सम्प्रदाय के नृत्य साधकों के जीवनवृत्त पर चित्रों सहित प्रकाश डालने के साथ ही विभिन्न प्रकार की क्रियात्मक बंदिशों को लिपीबद्ध किया गया है। डॉ. दवे स्वयं कत्थक नृत्य एवं गायन में उच्च शिक्षा प्राप्त कत्थक नृत्यांगना एवं गायिका हैं। अतः विषय के प्रायोगिक एवं सैद्धान्तिक दोनों पक्षों को सूक्ष्म दृष्टि से हृदयंगम कर पुस्तक में समाहित करने का प्रयास किया है। आशा है, पुस्तक कत्थक नृत्य के स्नातक, स्नातकोत्तर व शोधार्थियों के साथ ही अन्य संगीत नृत्य प्रेमियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
-
Sale!

₹1,699.00 Original price was: ₹1,699.00.₹899.00Current price is: ₹899.00.
संगीत में रसानुभूति: कला, कलाकार और उनकी अनुभूतियाँ
क्या आप जानना चाहते हैं कि विश्व प्रसिद्ध संगीतकार और नर्तक अपनी कला का अनुभव कैसे करते हैं? प्रोफेसर (डॉ.) प्रेम दवे की यह पुस्तक आपको भारतीय शास्त्रीय संगीत की आत्मा में गहराई तक ले जाती है, जहाँ कलाकारों के चित्रों के साथ उनके रस-संबंधी विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।
इस पुस्तक में क्या है खास?
- कलाकारों के अनुभव: भारत के दिग्गज कलाकारों के साक्षात्कारों और विचारों का अनूठा संग्रह।
- लेखिका की स्वानुभूति: लेखिका, जो स्वयं एक उच्च कोटि की कलाकार (डी. लिट्.) हैं, के अपने अनुभव और चिंतन।
- सरल और साहित्यिक भाषा: गहन विषय को भी बहुत सरल, रुचिकर और उच्च स्तरीय भाषा में समझाया गया है।
- सभी के लिए उपयोगी: यह पुस्तक न केवल संगीत के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए, बल्कि शास्त्रीय कला के हर रसिक के लिए भी एक अनमोल धरोहर है।
पुस्तक में शामिल कुछ प्रमुख कलाकार:
- गायन: पं. जसराज, पं. राजन-साजन मिश्रा, श्रीमती गिरिजा देवी, श्रीमती किशोरी अमोनकर, उस्ताद बड़े गुलाम अली खां साहब, आदि।
- वादन: पं. रविशंकर, पं. शिव कुमार शर्मा, पं. हरि प्रसाद चौरसिया, पं. विश्व मोहन भट्ट, उस्ताद असद अली खां, पं. किशन महाराज, आदि।
- नृत्य: पं. बिरजू महाराज, श्रीमती रोहिणी भाटे, सुश्री उमा शर्मा, श्रीमती शोवना नारायण, आदि।