साठोत्तरी हिंदी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याएँ
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Sathottari Hindi Kahani Sahitya mein Chitrit Gramin Samasyein भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी सामाजिक संरचना ग्रामीण जीवन पर टिकी है। डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद की यह आलोचना कृति साठोत्तरी हिन्दी कहानी साहित्य में चित्रित ग्रामीण समस्याओं का समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनीतिक और साहित्यिक दृष्टि से मूल्यांकन करती है। यह रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी जैसे कहानीकारों द्वारा चित्रित बदलते ग्रामीण जीवन का जीवंत दस्तावेज है।
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भारत एक कृषि प्रधान देश है तथा इसकी सामाजिक संरचना बहुत कुछ ग्रामीण जीवन पर टिकी है। सारे औद्योगिक, तकनीकी तथा वैश्विक बदलाव के साथ भारतीय ग्रामीण जीवन भी बहुत तेजी से बदला है। आज का गाँव प्रेमचन्द की कहानियों का गाँव नहीं रह गया तथा वह आज भी महानगरीय संकुलता से भिन्न है।
स्वातंत्र्योत्तरकाल में अन्य साहित्यिक विधाओं के साथ हिन्दी कहानी ने तेजी से विकास किया है। नयी कहानी आन्दोलन के साथ छठे दशक में हिन्दी कहानी में जो रचनात्मक वैविध्य आया उसने इस विधा को केन्द्रीय विधा बना दिया। यह आश्चर्यजनक तथ्य है कि नयी कहानी के दौर में सर्वाधिक चर्चा उन कहानियों की हुई जो ग्रामीण जीवन से सम्प्रक्त थीं। रेणु, मार्कण्डेय, शेखर जोशी, शिवप्रसाद सिंह, कमलेश्वर, रांगेय राघव जैसे अनेक कहानीकारों ने ग्रामीण जीवन का चित्रण करने वाली ऐसी कहानियाँ लिखीं जो हिन्दी की श्रेष्ठतम् कहानियाँ मानी जाती हैं।
ग्रामीण जीवन की समस्याओं तथा उसके बदलते परिदृश्य को चित्रित करने वाली कहानियों की सशक्त धारा कहानी के आरम्भ से ही अनवरत रूप से प्रवाहित हो रही है। ये कहानियाँ अपनी रचनात्मक क्षमता में तो विशिष्ट हैं ही, बदलते ग्रामीण जीवन का जीवन्त दस्तावेज मानी जा सकती हैं। इस प्रकार की कहानियों का मूल्यांकन समाजशास्त्रीय, नृशास्त्रीय, राजनैतिक तथा साहित्यिक दृष्टि की अपेक्षा करता है। यह प्रसन्नता की बात है कि डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद ने इस आलोचना कृति में इन सभी दृष्टियों का समाहार करते हुए हिन्दी कहानी का सम्यक् मूल्यांकन किया है। यह कृति एक ओर हिन्दी कहानी के रचाव के बदलते रूपों का विश्लेषण करती है तो दूसरी ओर भारतीय ग्रामीण जीवन की समस्याओं का प्रामाणिक विवेचन करती है। कहानी साहित्य के अध्येताओं के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण कृति है।
| Weight | 345 g |
|---|---|
| Dimensions | 22.5 × 14.5 × 1.5 cm |
| Genre |




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