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संस्कृति और साहित्य

Language: हिंदी
Pages: 160
Edition: Second, 2010
Published Year: 2007
ISBN: 81-89367-00-5

Original price was: ₹200.00.Current price is: ₹180.00.

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Sanskriti aur Sahitya डॉ. हेतु भारद्वाज की यह कृति संस्कृति पर निष्पक्ष भाव से विचार करती है, जो सांस्कृतिक संकट और अहमवादी पढ़ाकूपन से मुक्त है। यह संग्रह स्त्री अस्मिता, शिक्षा, भाषा, राजनीतिक संकीर्णता और साहित्य की प्रासंगिकता पर तार्किक विचार-पद्धति से हस्तक्षेप करता है, मानवीय राग और अग्रगामिता से ओत-प्रोत है।

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इधर जो सांस्कृतिक संकट धार्मिक और राजनीतिक स्वार्थपरता के कारण गहराया है, उसने एक अनूठी विचार संस्कृति को जन्म दिया है। संस्कृति पर निष्पक्ष भाव से विचार करने वाले बहुत कम हैं। क्योंकि एक खास किस्म के अहमवादी पढ़ाकूपन से हिन्दी के बहुसंख्यक साहित्यिक पत्रकार अपने को मुक्त नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच कई तरह के छद्म विमर्शों का ‘प्रचलन बढ़ा है और गैर-साहित्यिक दार्शनिकता अध्यात्म तत्त्व की तरह व्याप्त हो गयी है। यह निःसन्देह एक प्रसन्न संकेत है कि हेतु भारद्वाज संस्कृति की समग्र व्याप्ति के सभी अनुषंगों पर अपनी पैनी नज़र बनाये रखते हु इस संचयन में शामिल सभी विषयों को एक तार्किक विचार-पद्धति से आहूत करते चलते हैं। यहाँ भारी-भरकम सैद्धान्तिकी नहीं है, न कोई चालाक, चतुर अनिश्चय है, न अतीत पर पिस्तौल चलायी गयी है और न भविष्य की तरफ तोप दागी गयी है। प्रतिभा और श्रम का जो मेल प्रतिबद्धता से सम्भव है, उसे बस तर्क की आभा में रच दिया गया है। समय-समय पर अखबारों, पत्रिकाओं और खासतौर पर “समय माजरा” के सम्पादकीयों के रूप में लिखे इन लेखों में तात्कालिकता से मुठभेड़ करने की हर सिम्त एक ईमानदार कोशिश है। हेतु इस पुस्तक में एक जगह लिखते हैं कि संस्कृति पर इस भयंकर हमले को देखकर हमें लगता है कि बचेंगे तो रचेंगे।

इसीलिये वर्तमान में हस्तक्षेप करते इन निबन्धों की समग्र चिन्ता मानवीय राग और अग्रगामिता से ओत- प्रोत है और साथ ही, अन्य लेखकों, विचारकों के पूर्व घोषित आग्रहों को भेदती एक अन्तर्दृष्टि है जो हेतु को पूर्वाग्रही होने से बचाती है। यहाँ दूसरों की लकीर को छोटा बताने के लिए खुद की लकीर लम्बी नहीं की गयी है, बल्कि अमानवीयता के खतरे को रोके रखने के लिये सभी प्रकार के दिमागी शक्ति स्रोतों का प्रयोग इन लेखों में हुआ है।

ये निबंध स्त्री अस्मिता, शिक्षा, भाषा, राजनीतिक संकीर्णता, साहित्य की प्रासंगिकता पर एक अनवरत पारदर्शी पाठ की प्रतिक्रिया की अपेक्षा रखते हैं।

Weight335 g
Dimensions22 × 14.5 × 1.5 cm
Genre

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